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शनिवार, 17 अप्रैल 2010

मजदूर का जन्म

एक हथौड़े वाला घर में और हुआ !
हाथी सा बलवान,
जहाजी हाथों वाला और हुआ !
सूरज-सा इंसान,
तरेरी आँखों वाला और हुआ !!
एक हथौड़े वाला घर में और हुआ!
माता रही विचार:
अँधेरा हरने वाला और हुआ !
दादा रहे निहार:
सबेरा करने वाला और हुआ !!
एक हथौड़े वाला घर में और हुआ !
जनता रही पुकार:
सलामत लाने वाला और हुआ !
सुन ले री सरकार!
कयामत ढाने वाला और हुआ !!
एक हथौड़े वाला घर में और हुआ !

- केदार नाथ अग्रवाल

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