उत्तर प्रदेश राज्य कौंसिल सदस्य सचिव मण्ङल : १.साथी डॉक्टर गिरीश शर्मा २.साथी अशोक मिश्रा ३.इम्तियाज़ अहमद, पूर्व विधायक ४.साथी विश्वनाथ शास्त्री, पूर्व सांसद
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शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2011
भाकपा का राष्ट्रव्यापी उपवास उत्तर प्रदेश में सफल
लखनऊ 21 अक्टूबर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत आज मजबूत लोकपाल कानून बनाये जाने और महंगाई को नीचे लाने की मांग को लेकर समूचे उत्तर प्रदेश में जिला, तहसील एवं ब्लाक स्तर पर एक दिवसीय उपवास किया गया।
उपर्युक्त जानकारी देते हुए भाकपा राज्य सचिव डा. गिरीश ने बताया कि इस उपवास कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त अन्य संभ्रान्त नागरिकों ने भी भाग लिया। जगह-जगह राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन स्थानीय अधिकारियों को सौंपे जाने की सूचनायें लगातार राज्य कार्यालय को प्राप्त हो रहीं हैं।
डा. गिरीश ने बताया कि प्रतापगढ़ में भाकपा के कार्यकर्ता अनशन करने हेतु जिला कलेक्ट्री पहुंचे तो उन्हें बेवजह गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रव्यापी था, शांतिपूर्ण था और समाचार माध्यमों में इसका प्रचार भी हुआ था। फिर भी प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने हठवादी रवैया अपनाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर कोतवाली में बन्द कर दिया। इस पर स्वयं डा. गिरीश ने दूरभाष पर प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी से वार्ता की और भाकपा कार्यकर्ताओं की बेवजह गिरफ्तारी पर नाराजगी जताई जिस पर प्रशासन ने उन्हें रिहा कर दिया।
उपर्युक्त जानकारी देते हुए भाकपा राज्य सचिव डा. गिरीश ने बताया कि इस उपवास कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त अन्य संभ्रान्त नागरिकों ने भी भाग लिया। जगह-जगह राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन स्थानीय अधिकारियों को सौंपे जाने की सूचनायें लगातार राज्य कार्यालय को प्राप्त हो रहीं हैं।
डा. गिरीश ने बताया कि प्रतापगढ़ में भाकपा के कार्यकर्ता अनशन करने हेतु जिला कलेक्ट्री पहुंचे तो उन्हें बेवजह गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रव्यापी था, शांतिपूर्ण था और समाचार माध्यमों में इसका प्रचार भी हुआ था। फिर भी प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने हठवादी रवैया अपनाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर कोतवाली में बन्द कर दिया। इस पर स्वयं डा. गिरीश ने दूरभाष पर प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी से वार्ता की और भाकपा कार्यकर्ताओं की बेवजह गिरफ्तारी पर नाराजगी जताई जिस पर प्रशासन ने उन्हें रिहा कर दिया।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा वयोवृद्ध कम्युनिस्ट कामरेड मुंशी धर्मदेव लाल का निधन
लखनऊ 21 अक्टूबर। बलिया के प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता कामरेड मुंशी धर्मदेव लाल का गत सायं बलिया में उनके आवास पर निधन हो गया। वे 93 वर्ष के थे और कई माह से अस्वस्थ चल रहे थे।
कामरेड धर्मदेव लाल आजादी के आन्दोलन के प्रसिद्ध कुड़वा मानिकपुर कांड के योद्धाओं में से एक थे जिसमें कि का. सुभाष मुखर्जी शहीद हुए थे। स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेते हुये ही वे कम्युनिस्ट विचारधारा को मानने लगे थे और 1947 में भाकपा के सदस्य बन गये थे।
उनके निधन का समाचार मिलने पर भाकपा राज्य कार्यालय पर पार्टी ध्वज को उनके सम्मान में झुका दिया गया। एक शोक सभा आयोजित की गयी जिसमें भाकपा राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि ऐसे जुझारू स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के निधन से देश, समाज और पार्टी को गहरी क्षति पहुंची है। लेकिन उनके सपनों के समाज - समाजवादी समाज के निर्माण का संघर्ष जारी रहेगा। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मौन रख कर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गयी। उधर बलिया में भी उनके निधन का समाचार सुन कर तमाम राजनीतिविद्, पत्रकार और प्रशासन के अधिकारी उनके आवास पर जमा हो गये।
कामरेड धर्मदेव लाल आजादी के आन्दोलन के प्रसिद्ध कुड़वा मानिकपुर कांड के योद्धाओं में से एक थे जिसमें कि का. सुभाष मुखर्जी शहीद हुए थे। स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेते हुये ही वे कम्युनिस्ट विचारधारा को मानने लगे थे और 1947 में भाकपा के सदस्य बन गये थे।
उनके निधन का समाचार मिलने पर भाकपा राज्य कार्यालय पर पार्टी ध्वज को उनके सम्मान में झुका दिया गया। एक शोक सभा आयोजित की गयी जिसमें भाकपा राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि ऐसे जुझारू स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के निधन से देश, समाज और पार्टी को गहरी क्षति पहुंची है। लेकिन उनके सपनों के समाज - समाजवादी समाज के निर्माण का संघर्ष जारी रहेगा। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मौन रख कर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गयी। उधर बलिया में भी उनके निधन का समाचार सुन कर तमाम राजनीतिविद्, पत्रकार और प्रशासन के अधिकारी उनके आवास पर जमा हो गये।

