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रविवार, 29 जून 2014

केंद्र सरकार की महंगाई बढ़ाने वाली नीतियों और प्रदेश की कानून व्यवस्था की जर्जर हालत के खिलाफ भाकपा ने आन्दोलन का निर्णय लिया.

लखनऊ- २९ जून- २०१४. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य काउन्सिल की दो दिवसीय बैठक आज यहाँ संपन्न हुयी. आज की बैठक की अध्यक्षता का. सुरेन्द्र राम ने की. बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए राज्य सचिव डॉ. गिरीश ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा महंगाई बढ़ाने वाले कई कदम उठाये हैं जिससे खुदरा और थोक बाज़ार में चीजों के दामों में उछाल दर्ज किया गया है. खरीफ फसलों के खरीद मूल्य भी लागत की तुलना में काफी कम बढ़ाये गये हैं जिससे किसान ठगा महसूस कर रहे हैं. आम जनता अभी से ठगा महसूस करने लगी है. राज्य सरकार भी महंगाई की इस मार को और तेज कर रही है. उसने जनहित की लैपटाप, कन्या विद्याधन एवं बेरोजगारी भत्ता जैसी योजनाओं को भी इस लिए समाप्त कर दिया क्योंकि लोकसभा चुनाव में जनता ने उन्हें करारा झटका दे दिया. महिलाओं से दुराचरण की घटनाओं को रोकने में और कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने में यह सरकार विफल रही है. गन्ना बकायों का भुगतान तो हो नहीं पाया, सूखे की इस स्थिति में बिजली संकट और नहरों में पानी न आने से खरीफ की फसलों पर असर पड़ रहा है. अतएव भाकपा राज्य काउन्सिल ने केंद्र और राज्य सरकार के इन गरीब और किसान विरोधी कदमों के खिलाफ १४ जुलाई को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरने और प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया है. डॉ. गिरीश ने बताया कि प्रदेश में विधान सभा एवं लोक सभा के होने वाले उपचुनावों में भी भाकपा ने प्रत्याशी खड़े करने का निर्णय लिया है.