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शुक्रवार, 23 सितंबर 2016

आंगनबाड़ियों के संघर्ष को लाल सलाम

लखनऊ- 23, सितंबर 16, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की दयनीय दशा पर खेद जताते हुये उनकी न्यायोचित मांगों को पूरा करने की मांग राज्य सरकार से की है. भाकपा ने आंगनबाड़ियों के संघर्ष के प्रति पूर्ण एकजुटता प्रकट की है. यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने जैसे महत्वपूर्ण काम को अंजाम देने वाली आंगनबाड़ियों को मनरेगा मजदूरों से भी कम वेतन मिलता है. रु. 3200 व 1600 प्रति माह वेतन से तो वे अपने कपड़े धुलवा कर प्रेस नहीं करा सकतीं. अनेकों अन्य तरीकों से उनका शोषण होता है सो अलग. 2012 में सत्ता में आने के बाद अखिलेश सरकार ने उनकी कई मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था मगर वह आज तक अधर में लटके हुये हैं. केंद्र सरकार तो उन्हें कर्मचारी मानने को ही तैयार नहीं है. अतएव वे निरंतर संघर्षरत हैं. भाकपा उनके संघर्ष को लाल सलाम पेश करती है और केंद्र तथा राज्य सरकार से मांग करती है कि उनकी मांगों को तत्काल पूरा करे. डा. गिरीश

गुरुवार, 8 सितंबर 2016

रेल किराये में वृध्दि की भाकपा ने आलोचना की.

लखनऊ- 8 सितंबर, 2016 – भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने रेल मंत्रालय द्वारा कुछ ट्रेनों के किराये को बुकिंग के आधार पर बढाते चले जाने के कदम को जनविरोधी बताते हुये उसकी कड़े शब्दों में आलोचना की है. यहां जारी एक प्रेस बयान में पार्टी के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि गत 27 महीनों में केंद्र सरकार ने कई बार रेल और माल भाडे में बढोत्तरी की है, आरक्षण रद्द कराने में भारी कटौती लागू कर दी है, सफाई के नाम पर अतिरिक्त कर लगाया है तथा प्लेटफार्म टिकिट रु. 10/- का कर दिया है और अब शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों के आरक्षण बढते जाने पर किराया दर बढाते जाने की व्यवस्था लागू की है. मजे की बात यह है कि यह व्यवस्था इन ट्रेनों की सर्वोच्च श्रेणियों में लागू नहीं की गयी जिनमें कि धनबान लोग यात्रा करते हैं. डा. गिरीश ने कहा कि सरकार रेल यात्रा को निरंतर महंगी बना कर आम आदमी के लिये कठिनाइयां खडी कर रही है और महंगाई की मार झेल रही जनता के ऊपर और भी भार बढा रही है. भाकपा की उत्तर प्रदेश इकाई इन बढोत्तरियों को तत्काल रद्द करने की मांग करती है. डा. गिरीश