जहरीली शराब कांड पर
भाकपा ने क्षोभ व्यक्त किया
मृतकों के परिवारों
को रु. 10 लाख और घायलों को 1 लाख मुआबजा देने की मांग की
लखनऊ- 10 जुलाई 20017, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
ने जनपद आज़मगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुयी दर्दनाक मौतों पर गहरा क्षोभ व्यक्त
किया है. पार्टी ने इस कांड के लिये जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिसजनों के खिलाफ
कडी कार्यवाही की मांग की है. मृतक परिवारों को रु. 10 लाख प्रति मौत और अस्पतालों
में इलाज करा रहे लोगों के मुफ्त इलाज और तीमारदारी के लिये रु. 1 लाख तत्काल दिये
जाने की मांग की है.
यहाँ जारी एक प्रेस बयान
में भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा है कि यह बेहद चिंता और खेद का विषय है
कि आज भी उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब का उत्पादन और बिक्री धड़ल्ले से होरही है.
जनपद आज़मगढ़ में गत तीन दिनों में इस शराब के सेवन से दो दर्जन से अधिक गरीब लोगों
की जान चली गयी और अभी भी दर्जन भर से ज्यादा लोग अलग अलग अस्पतालों में जिंदगी और
मौत के बीच जूझ रहे हैं. यह कांड गत वर्ष जनपद एटा में हुये जहरीली शराब कांड से
भी अधिक भयानक है. भाजपा जब विपक्ष में थी तो ऐसी घटनाओं पर भारी शोर- शराबा करती
थी, पर आज जब उसके शासन में यह सब होरहा है वह चुप्पी साधे बैठी है.
डा. गिरीश ने कहाकि इस कांड
से उत्तर प्रदेश सरकार के सुशासन के दाबों की कलई खुल गयी है. कथित हिंदू संस्कृति
का चोगा पहने इस सरकार ने सत्ता संभालते ही शराबबंदी का विरोध करने वाली महिलाओं
और पुरुषों पर लाठियां भांजी और अब शराब को जीएसटी के बाहर रख कर साबित कर दिया कि
राजस्व बटोरने के लिये वह किसी भी हद तक जा सकती है. 'योगीराज' में गरीबों की जान लेने
वाले जहर का बिकना वास्तव में चिंता का विषय है. मुख्यमंत्री को इसकी नैतिक
जिम्मेदारी लेनी चाहिये और प्रत्येक पीढित परिवार में जाकर उनसे माफी मांगनी
चाहिये. इसके लिये जिम्मेदार अफसरों और पुलिस कर्मियों को तत्काल दंडित करने की
जरूरत है.