किसानों, नौजवानों और आम जनता के सवालों
पर आंदोलन करेगी भाकपा
लखनऊ- 30 जुलाई 2017, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की
राज्य काउंसिल ने कहाकि राज्य सरकार की नीतियों के परिणामस्वरुप प्रदेश में नीलगायों
और छुट्टा पशुओं ने किसानों की फसलों की तबाही मचा दी है और नगरीय क्षेत्रों में आवारा
पशु लोगों पर हमले बोल रहे हैं और अनेक लोगों की जानें तक लेचुके हैं. भाकपा मांग करती
है कि सरकार नील गायों को नियंत्रित करने को फौरन ठोस कदम उठाये और आवारा पशुओं के
लिये सरकार नियंत्रित बाड़े (कांजी हाउस) बनवाये और फालतू घूम रहे गोवंश को गोशालाओं
में रखने का इंतजाम करे. पार्टी ने कहाकि यदि इस समस्या का तत्काल निदान नहीं किया
तो किसान तबाह होकर रह जायेंगे. भाकपा इस मुद्दे पर जन अभियान छेड़ेगी.
यहाँ दो दिन तक चली भाकपा की
राज्य काउन्सिल की बैठक में 24, 25 एवं 26 जुलाई को हुये प्रदेशव्यापी आंदोलन जिसके तहत उत्तर
प्रदेश में तहसीलों और जिला केंद्रो पर तीन दिनों तक धरने- प्रदर्शन किये गये और कुल
मिला कर 25,000 लोग सडकों पर उतरे; की व्यापक समीक्षा की गयी और इसे सफल बनाने के लिये जिला काउंसिलों
और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी गयी.
बैठक को संबोधित करते हुये भाकपा
राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहाकि मोदी और योगी सरकार की नीतियों ने किसानों, मजदूरों, दलितों, महिलाओं अल्पसंख्यकों, छात्रों- नौजवानों पर मुसीबतों
का बढा पहाड़ लाद दिया है और वे कराह उठे हैं. महंगाई की मार से आम जनता बदहाल है. अपराध
और अत्याचारों ने प्रदेश के जनजीवन को अस्त- व्यस्त कर दिया है. अतएव जनता के उन तमाम
सवालों जिन पर 24 से 26 जुलाई का आंदोलन हुआ को शामिल करते हुये आंदोलन को और नीचे
तक ले जाया जायेगा और ब्लाक स्तरों पर धरने प्रदर्शन और गांव, कस्बों और शहरों में सभायें
लगातार की जायेंगी. इन आंदोलनों को सफल और व्यापक बनाने को मंडलीय और क्षेत्रीय बैठकें
भी की जायेंगी. लखनऊ मंडल की बैठक 5 अगस्त, इलाहाबाद मंडल की 6 अगस्त और वाराणसी मंडल की 12
अग्स्त को होगीं तथा अन्य की तिथि भी शीघ्र निर्धारित की जायेगी.
सह सचिव का. अरविंदराज स्वरुप
ने सांगठनिक सवालों पर रिपोर्ट रखी तथा सहसचिव का. इम्तियाज़ अहमद ने प्रदेश के बिगडते
हालातों पर चर्चा की. बैठक की अध्यक्षता का. हामिद अली एड्वोकेट ने की तथा 31 साथियों
ने चर्चा में भाग लिया.
बैठक में भाजपा द्वारा लोकतंत्र, भारत के धर्मनिरपेक्ष ताने
बाने और कमजोरों पर बोले जारहे हमलों के खिलाफ तथा उसके द्वारा सता की भूख में तमाम
मर्यादायें तोड कर विपक्षी दलों को छिन्न भिन्न करने के प्रयासों के खिलाफ तमाम धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक एवं वामपंथी ताकतों
के मंच के निर्माण की आवश्यकता महसूस की गयी और इसके लिये पहल का निश्चय किया गया.
भाकपा इसके लिये शीघ्र ही प्रदेश के वामपंथी दलों से चर्चा करेगी.
बैठक में एक प्रस्ताव पारित
कर शिक्षा मित्रों को समकक्ष वेतन वाले अन्य पदों पर समायोजित करने की मांग की गयी.
केंद्र और राज्य सरकार की वायदा खिलाफी और उनके कतिपय कदमों यथा- नोटबंदी, मीटबंदी, खननबंदी, नियुक्ति प्रक्रियाओं पर रोक
आदि से प्रदेश के नौजवान और श्रमिक बडे पैमाने पर बेकारी की मार झेल रहे हैं और उनके
सामने बड़ी विपत्ति खड़ी होगयी है. भाकपा ने इन सभी बेरोजगारों के प्रति हमदर्दी जताते
हुये उनकी मांगों और आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की है. साथ ही आंगनबाड़ियों, आशा बहुओं और मध्यान्ह भोजन
रसोइयों के मानदेय बढा कर न्यूनतम वेतनमान दिये जाने की मांग की है. पर्ल इंडिया के
ठगे गये एजेंटों और जमाकर्ताओं का धन वापस कराने की मांग केंद्र सरकार से की है.
भाकपा ने निकाय चुनाव शीघ्र
से शीघ्र कराने की मांग की तथा बड़े पैमाने पर चुनावों में उतरने का निश्चय किया है.
भाकपा राज्य काउंसिल ने आल इंडिया
स्टूडेंट्स फेडरेशन एवं अखिल भारतीय नौजवान सभा द्वारा रोजगार, शिक्षा और लोक्तंत्र की रक्षा
जैसे देश को मथ रहे सवालों पर कन्याकुमारी से हुसैनीवाला (पंजाब ) तक निकाले जारहे
“बचाओ भारत बदलो भारत” लोंग मार्च का समर्थन करते हुये सितंबर के प्रथम सप्ताह में
इसके उत्तर प्रदेश भ्रमण कार्यक्रम को सफल बनाने की जरूरत पर बल दिया.