लखनऊ- भारतीय
कम्युनिस्ट पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य इकाई ने रसोई गैस के दामों में हुयी भारी
बढ़ोत्तरी की कड़े शब्दों में निंदा की है और जनहित में इसे तत्काल वापस लेने की
मांग की है. पार्टी ने दो पहिया वाहनों की बीमा फीस बढाने की भी आलोचना की है.
यहाँ जारी एक प्रेस बयान
में भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहाकि घरेलू गैस के गैर सब्सिडी वाले
सिलिंडरों की कीमतों में 93. 50 रूपये, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 146. 50 रुपये
तथा सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत में 4. 56 रुपये प्रति सिलेंडर की वृध्दि कर दी
गयी है. इससे स्पष्ट है कि सरकार गरीब और
आम लोगों लोहे के डंडे से हांक रही है.
इन बढ़ोत्तरियों का सीधा
प्रभाव बाज़ार मूल्यों पर पडेगा और पहले से ही आम और गरीब लोगों को हलकान कर रही
महंगाई तेजी से छलांग भरेगी. नोटबंदी और जीएसटी से चौपट पड़ा व्यापार और भी चौपट
होजायेगा. लेकिन सरकार ने मानो जनता और उद्योग व्यापार तथा कृषि को बर्वाद करने की
ही ठान ली है.
यह आकस्मिक नहीं है कि जब
सरकार को कोई जनविरोधी कार्यवाही करनी होती है तो सरकार समर्थक संगठन उससे पहले ही
संवेदनशील मुद्दों को हवा देना शुरू कर देते हैं. राम मंदिर के नाम पर उनकी ताजा
मुहीम सरकार के इन कदमों पर पर्दा डालने और गुजरात, हिमाचल प्रदेश विधान सभाओं और
उत्तर प्रदेश के निकाय चुनावों में वोट हासिल करने की कवायद के अलावा कुछ नहीं है
क्योंकि हर कोई जानता है कि मंदिर मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है.
भाकपा ने चेतावनी दी कि
चुनाव आचार संहिता की समाप्ति के बाद जनता को तवाह करने वाले इस सवाल को जनता के
बीच लेजाया जायेगा.