पेज

शनिवार, 4 नवंबर 2017

चंद्रशेखर पर रासुका की कार्यवाही की भाकपा ने निंदा की : माननीय उच्च न्यायालय और राज्य निर्वाचन आयोग से संज्ञान लेने का अनुरोध किया.



लखनऊ- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने सहारनपुर जिला प्रशासन द्वारा भीम सेना के संस्थापक श्री चंद्रशेखर "रावण" पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत की गयी कार्यवाही की कड़े से कड़े शब्दों में भर्त्सना की है. भाकपा ने चंद्रशेखर पर थोपी गयी रासुका को फ़ौरन हठाये जाने की मांग की है.
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहाकि भाजपा की उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह से दमनचक्र पर उतारू है और वह कमजोर लोगों पर होरहे अत्याचारों के खिलाफ उठ रही हर आवाज को दबा देना चाहती है. सहारनपुर प्रकरण में पहले एकतरफा कार्यवाही करते हुए चंद्रशेखर को संगीन दफाओं में जेल में डाला और अब जब माननीय उच्च न्यायालय ने उन्हें चार मामलों में जमानत दे दी, तो न्यायालय के आदेशों को निष्प्रभावी करने को उन पर रासुका की कार्यवाही कर दी.
भाकपा राज्य सचिव ने माननीय उच्च न्यायालय से भी अनुरोध किया है कि दमन के खिलाफ उठ रही आवाजों को दबाने वाली इस कार्यवाही का संज्ञान लेते हुये जिला प्रशासन को तलब करें. भाकपा ने राज्य निर्वाचन आयोग से भी मांग की कि वह आचार संहिता लागू रहने के दरम्यान राजनैतिक लाभ उठाने के उद्देश्य  से की गयी इस कार्यवाही का को रद्द करने को कदम उठायें.
भाकपा राज्य सचिव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह दलितों के वोट हड़पने को कथित दलित नेताओं को पार्टी में शामिल कर ऊंचे पदों पर बैठालती है, वहीं दलितों- कमजोरों के हित में आवाज उठाने वालों के साथ मुजरिमाना व्यवहार करती है. सरकार की इस कार्यवाही से वे कथित दलित नेता बेनकाव होगये हैं जो सत्ता सुख भोगने के लिए अथवा कार्यवाही के भय से इस संगीन मगर मानवीय प्रश्न पर चुप्पी साधे बैठे हैं, डा. गिरीश ने कहा है.

डा. गिरीश