लखनऊ- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
के राज्य सचिव मंडल ने बिजली के दामों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी की कठोर शब्दों में
निंदा की. पार्टी ने जनहित में इस बढ़ोत्तरी को तत्काल वापस लेने की मांग की.
यहाँ जारी एक प्रेस बयान
में भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि निकाय चुनावों में भोले- भाले
मतदाताओं से वोट हथिया लेने के बाद भाजपा सरकार ने उन्हें महंगी बिजली का तोहफा
दिया है. आम लोग जब नए साल का जश्न मना कर चुके होंगे तब उनके हाथों में नये और बढे
हुये बिजली बिल का बधाई पत्र होगा. यह ऐसी बढ़ोत्तरी है जो हर वर्ग, हर तबके पर
थोपी गयी है. शहरी और ग्रामीण गरीब हों या किसान सभी को निशाना बनाया गया है. इससे
पहले से ही आसमान छूरही महंगाई और भी बड़ेगी और आम जनता का जीवन और भी कठिन
होजायेगा.
भाकपा राज्य सचिव ने आरोप
लगाया कि भाजपा सरकार के आठ माह के कार्यकाल में बिजली के उत्पादन, वितरण और उसकी उपलब्धता
की दर में कोई सुधार नहीं आया और वह पिछली सरकारों से भी पिछड़ गयी है. लेकिन बहुमत
के नशे में चूर सरकार अपनी अक्षमता का भार आम जनता के ऊपर लाद रही है. यह सब जनता
की बर्दाश्त की सीमा से बाहर जारहा है.
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने
अपनी जिला इकाइयों से अपील की है कि वे इस बढोत्तरी का पुरजोर विरोध करें. लगातार
विरोध प्रदर्शन संगठित करें और इनमें वामपंथी जनवादी दलों और शक्तियों का साथ लें.