लखनऊ- भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी उत्तर प्रदेश के सचिव एवं भाकपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य डा.
गिरीश ने कहाकि यह कैसा रामराज्य है जिसमें न महिलायें सुरक्षित हैं न अबोध
बालिकायें. पल पल महिलाओं का अपमान होरहा है. यहां तक कि खुद भाजपा की अनुसूचित
वर्ग की महिला विधायक के मन्दिर प्रवेश के बाद उसे गंगाजल से धोया जाता है.
मुजफ्फरपुर की 34 बालिकाओं
के साथ बालिका गृह में हुये बलात्कार और हमीरपुर में भाजपा की ही एक विधायक के
मन्दिर में जाने के प्रवेश के बाद ग्रामीणों द्वारा मंदिर को धोये जाने की घटनाओं
पर गहरा आक्रोश प्रकट करते हुये भाकपा नेता ने कहाकि ये वारदातें युगांडा या
अल्बानियां में नहीं अपितु उस देश में होरही हैं जिसके तीन चौथाई भाग पर अपना शासन
होने का ढिंढोरा पीटते भाजपा थकती नहीं है.
डा. गिरीश ने मांग की कि इन
घटनाओं की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई द्वारा की जानी चाहिये.
क्योंकि अब तक इन घटनाओं पर नीतीश और योगी का रवैया लीपापोती करने का रहा है.
भाकपा यौन शोषण के आरोपों के घेरे में आये अन्य सभी बालग्रहों के खिलाफ प्राथमिकी
दर्ज कराने की भी मांग करती है.
बिहार समाज कल्याण विभाग
द्वारा सरकारी सहायता से राज्य के 38 जिलों में चलाने वाले 110 बालिकाग्रहों का
आडिट कराया गया तो पता चला कि मुजफ्फरपुर सहित कुल 15 बाल संरक्षण ग्रहों में अबोध
बालिकाओं का लगातार यौन शोषण हुआ है. पहले बिहार सरकार ने इसे दबाने की कोशिश की
पर जब यह मामला बिहार से संसद तक गूंजा तो मुख्यमंत्री दबाव में आये और उन्होंने
मुजफ्फरपुर मामले की प्राथमिकी दर्ज कर सीबीआई जांच की सिफारिश की है. पर आज भी इस
घटना पर आक्रोश जताने वाले संगठनों पर दमनचक्र चलाया जारहा है.
भाकपा नेता ने कहाकि इस
घटना का मुख्य आरोपी बिहार राज्य की समाज कल्याण मंत्री का पति है तो हमीरपुर में
मंदिर धुलवाने वाले भाजपा समर्थक हैं. भाजपा भारतीय संस्कृति की अलमबरदार होने का
दाबा करते नहीं थकती. लेकिन जिस भारतीय संस्कृति का सूत्रवाक्य है “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता”
भाजपा शासन में इस सूत्र की ही बखिया उधेड़ी जारही है और महिलाओं की इज्जत आबरू तार
तार की जारही है.
डा. गिरीश ने कहाकि जांच से
पता चला है कि बलात्कार की शिकार बालिकाओं में से ज्यादातर की उम्र 7 से 14 साल है
और उनमें से कम से कम 3 का गर्भपात कराया गया है और अभी तीन अन्य गर्भवती हैं. तीन
तलाक मामले में मुस्लिम महिलाओं के लिये सांप्रदायिक आंसू बहाने वाले प्रधानमंत्री
मौन हैं और योगी आदित्यनाथ ने भी हमीरपुर की घटना पर अभी तक मौन नहीं तोडा. हर
मामले में विपक्ष पर जिम्मेदारी डालने की आदी भाजपा को अब मुहँ दिखाने की जगह नहीं
मिल रही क्योंकि यह सब उन्हीं के शासन काल में घटित होरहा है. उन्होंने दागी 14
अन्य बलिकाग्रहों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराये जाने की मांग की.
डा. गिरीश ने चेतावनी दी कि
दिल्ली के मात्र एक निर्भया काण्ड ने तूफ़ान मचा दिया था और उस समय के सत्तासीनों
को उसका परिणाम भुगतना पडा था. द्रौपदी के अपमान ने कौरवों का वंश नष्ट कर दिया
था. अब इतनी अबोध बालिकाओं के साथ यह जघन्य कृत्य और एक अनुसूचित महिला विधायक का
अपमान भाजपा शासन की चूलें हिला कर रख देगा.
डा. गिरीश