लखनऊ- 16 मई 2018, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव मंडल
ने गत दिन वाराणसी में हुये निर्माणाधीन पुल हादसे में हुयी निर्दोष नागरिकों की मौतों
पर गहरा दुःख जताया है और शोकातुर उनके परिवारों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त
की है. भाकपा ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है.
यहाँ जारी एक बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि यह एक
मानवजनित त्रासदी है जिसकी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार को लेनी चाहिये.
संपूर्ण मामला भ्रष्टाचार और अहमन्यता की देन है जिसकी जद में आकर कई दर्जनों की
जानें चली गयीं और अन्य अनेक गंभीर रूप से घायल हैं.
भाकपा ने प्रत्येक मृतक परिवार को रूपये पचास लाख बतौर जनहानि मुआबजा दिया
जाने, हर मृतक के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने, घायलों का सुचारू संपूर्ण इलाज
और उन्हें कम से कम पांच लाख रुपये की सहायता राशि दिये जाने की मांग की है. यदि
कोई घायल व्यक्ति विकलांग होजाता है तो उसे भी नौकरी दी जानी चाहिए.
भाकपा की राय है कि क्योंकि यह निर्माण कार्य स्वयं प्रधानमंत्री जी के संसदीय
क्षेत्र में होरहा था और इसकी उच्च स्तर पर निगरानी चल रही थी तो जिम्मेदारी भी
उच्च स्तर पर बनती है. पर सरकार छोटी मछलियों को निशाना बना रही हैं. ये बहुत
अनुचित है. घुमक्कड़ प्रधानमंत्री को भी तत्काल अपने संसदीय क्षेत्र के पीड़ितों का
दुःख बांटने आना चाहिए था.
भाकपा ने अपनी जिला कमेटी को निर्देश दिया कि वह पीड़ितों के दुःख दर्द में
शामिल रहे और हादसे के जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने की आवाज को बुलंद रखे.