नोएडा में नमाज पर दुर्भावना
से लगाई पाबंदी निरस्त की जाये: भाकपा
लखनऊ- 28 दिसंबर 2018, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव
मंडल ने नोएडा प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर नमाज अदा करने पर लगाई पाबंदी को
पूरी तरह अनुचित बताया है। कल ही केन्द्र सरकार ने लोकसभा में तीन तलाक रोकने के नाम
पर एक ऐसा बिल पास कराया जिसका मुस्लिम महिलाओं के हितों से दूर दूर तक कोई रिश्ता
नहीं। भाकपा ने भाजपा की केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकारों पर आरोप लगाया कि वे वोटों
के ध्रुवीकरण के लिए अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ एकतरफा युध्द छेड़े हुये है।
सभी जानते हैं कि नोएडा प्रशासन ने अनुमति न होने के
नाम पर पार्कों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पड़े जाने पर रोक लगादी है। इतना ही
नहीं प्रशासन ने नमाज रोकने के नाम पर पार्क में पानी भर दिया। लेकिन उत्तर प्रदेश
की सरकार बिना किसी अनुमति के तमाम पार्कों में आरएसएस की शाखाएं लगाने की छूट दिये
हुये है। जबकि नमाज एक धार्मिक क्रिया है जबकि संघ की शाखाओं में विद्वेष और हिसा फैलाने
का वैचारिक आधार तैयार किया जाता है। गत दिनों तो इन शाखाओं में सुप्रीम कोर्ट के विरोध
में समूह गान गाया जारहा था। सुबह पार्कों में शुध्द वातावरण की तलाश में आने वाले
लोगों को संघ की इन देशविरोधी संविधान विरोधी गतिविधियों से ठेस पहुंचती है। अतएव संघ
की शाखाओं को सार्वजनिक स्थल पर लगाने से रोका जाना चाहिए।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय
और उत्तर प्रदेश के राज्य पाल से अपील की है कि वे हस्तक्षेप करें और नोएडा प्रशासन
की इस कार्यवाही को निरस्त करायें।
डा॰ गिरीश