अमेठी में पुलिस हिरासत में मौत की भाकपा ने निन्दा की
प्रदेश सरकार से नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकारने की मांग
की
लखनऊ- 30 अक्तूबर 2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने जनपद अमेठी के थाने में
पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत/ हत्या की कठोर शब्दों में भर्त्सना की है। पार्टी
ने दोषियों को चिन्हित कर उन्हें कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि जनता की गाढ़ी कमाई
के पैसे से टीवी चेनलों पर “ अमन चैन के ढाई
साल “ का अखंड कीर्तन प्रसारित कराने वाली भाजपा सरकार के हाथ से कानून व्यवस्था फिसल
चुकी है और प्रदेश में हर किस्म के अपराधों की बाढ़ आई हुयी है। पुलिस अपराधों को रोक
नहीं पारही परन्तु उस पर एक के बाद एक हिरासत में हत्याओं के आरोप लग रहे हैं। अभी
कुछ ही दिन पहले जनपद हापुड़ के पिलखुआ थाने में पुलिसकर्मियों ने एक व्यक्ति की पीट
पीट कर हत्या कर दी थी।
मुख्यमंत्री जी को अपराधों की बाढ़ और पुलिस द्वारा कानून
हाथ में लेने की घटनाओं की नैतिक ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। यह उत्तर प्रदेश है, जम्मू कश्मीर नहीं कि मारे गए लोगों को आतंकवादी बता कर टरकाया जासके। पुलिस
हिरासत में हुयी मौत/ हत्या के लिये किसी मुसलमान को जिम्मेदार ठहरा कर भी नहीं बचा
जा सकता है। ये ऐसी हत्याएं हैं जिनकी ज़िम्मेदारी से सरकार बच नहीं सकती।
भाकपा ने पीढ़ित परिवार को मुआबजा दिये जाने की मांग
भी की है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश