लखनऊ- 27 अप्रेल 2020, उत्तर प्रदेश के अधिकतम भागों में कल और उससे पहले कई बार हुयी बारिश, आंधी, ओलों और बिजली गिरने से हुयी फसल और जनहानि पर
गहरी चिंता व्यक्त करते हुये भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, के उत्तर
प्रदेश राज्य सचिव मण्डल ने राज्य सरकार से त्वरित समुचित कदम उठाने की मांग की है।
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव मण्डल
ने कहा कि प्राक्रतिक प्रकोपों से गेहूं व जायद की फसलों और आम आदि फलों का भारी नुकसान
हुआ है। बिजली गिरने से कई जानें गयी हैं और अन्य अनेक घायल हुये हैं। बिजली के खंभे
गिर जाने से विद्युत सप्लाई बाधित होने से फसल की मड़ाई का काम बाधित हुआ है।
भाकपा मुख्यमंत्री के संज्ञान में यह भी लाना चाहती
है कि किसानों से खरीद केन्द्रों पर बारिश से भीगा गेहूं नहीं खरीदा जारहा है। फलतः
किसानों को कम दामों पर बाज़ार में गेहूं बेचना पड़ रहा है। खरीद केन्द्रों से साथ के
साथ भुगतान भी बहुत कम किसानों को मिल पारहा है। खरीद केन्द्र पर गेहूं लाने के लिये
प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ती है। लाकड़ाउन की कठिनाइयाँ झेल रहे किसान को ऊपर से ये
सारी कठिनाइयाँ झेलनी पड़ रही हैं।
भाकपा सरकार से मांग करती है कि फसल हानि की ‘जहां जितनी हानि, वहीं उतना भुगतान’ के आधार पर भरपाई की जाये, भीग चुके गेहूं की अलग खरीद
के आदेश दिये जायें तथा खरीद का हाथ के हाथ भुगतान की व्यवस्था की जाये ताकि किसान
प्रायवेट क्रेताओं के हाथों लुटने से बच सकें। साथ ही किसान- कर्ज 1 प्रतिशत की दर
पर करने, पूर्व से चल रहे बकायों को स्थगित रखने और किसान अनुग्रह
राशि रु॰ 12,000 सालाना करने की जरूरत है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था
सक्रिय होगी।
बिजली गिरने से म्रतकों और घायलों को आर्थिक सहायता
और बिजली के सभी जीर्ण शीर्ण खंभों को बदले जाने की मांग भी भाकपा ने की है।