उत्तर प्रदेश राज्य कौंसिल सदस्य सचिव मण्ङल : १.साथी डॉक्टर गिरीश शर्मा २.साथी अशोक मिश्रा ३.इम्तियाज़ अहमद, पूर्व विधायक ४.साथी विश्वनाथ शास्त्री, पूर्व सांसद
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बुधवार, 7 अप्रैल 2010
विश्व रंगमंच दिवस: 27 मार्च 2010 अंतर्राष्ट्रीय संदेश - डेम जूडी डेंच (प्रसिद्ध ब्रिटिश अभिनेत्री)
इन्टरनेशनल थियेटर इंस्टीट्यूट (यूनेस्को) पेरिसविश्व रंगमंच दिवस: 27 मार्च 2010 अंतर्राष्ट्रीय संदेश - डेम जूडी डेंच (प्रसिद्ध ब्रिटिश अभिनेत्री)विश्व रंगमंच दिवस नाटक को इसके अनगिनत रूपों में मनाने का मौका है। रंगमंच मनोरंजन व प्रेरणा का स्त्रोत है और उसमें सारी दुनिया की विविध संस्कृतियों तथा जनगणों को एकताबद्ध करने की क्षमता है। लेकिन रंगमंच इसके अलावा भी बहुत कुछ है, वह शिक्षा व जानकारी देने के अवसर भी प्रदान करता है।रंगमंच के प्रदर्शन सारी दुनिया में होते हैं और हमेशा केवल पारम्परिक ढंग से मचों पर ही नहीं, ये प्रदर्शन अफ्रीका के किसी छोटे-से गांव में हो सकते हैं, आर्मीनिया के किसी पहाड़ के पास या प्रशांत महासागर के नन्हें-से टापू पर। इसे बस स्थान और दर्शकों की जरुरत है। रंगमंच के पास हमें हंसाने-रुलाने की क्षमता है लेकिन उसे सोचने-विचारने के लिए प्रेरित करना चाहिए।नाटक सामूहिक कर्म से जन्म लेता है। अभिनेता सबको दिखाई पड़ते है लेकिन ऐसे तमाम अदभुत लोग हैं, जो नजर नहीं आते। वे अभिनेताओं की तरह ही महत्वपूर्ण हैं और उनके खास तथा विशेषज्ञतापूर्ण कौशल के कारण ही कोई प्रस्तुति सम्भव हो पाती है। हर उपलब्धि और सफलता का श्रेय उन्हें भी मिलना चाहिए।27 मार्च आधिकारिक रूप से विश्व रंगमंच दिवस है लेकिन कई तरह से हर दिन ही रंगमंच दिवस माना जाना चाहिए क्योंकि हम पर अपने दर्शकों के मनोरंजन, शिक्षण और प्रबोधन की जिम्मेदारी है - दर्शकों के बिना हमारा कोई अस्तित्व ही नहीं।(अनुवाद: डा. जितेन्द्र रघुवंशी)
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