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बुधवार, 30 जून 2010

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक (हैदराबाद, 12 से 14 जून 2010) द्वारा पारित प्रस्ताव - विदेशी विश्वविद्यालयों के प्रवेश के सम्बंध म

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद देश में विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस शुरू करने की इजाजत देने की भारत सरकार की कोशिश की भर्त्सना करती है। इससे उच्च शिक्षा का क्षेत्र के दरवाजे मुनाफे के लिए लालायित विदेशों के लोगों के लिए खुल जाते हैं जो किसी एकैडमिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के बिना ही यहां अपने कैंपस खोलना चाहेंगे। भारत में जो तथाकथित विदेशी विश्वविद्यालय आने की कोशिश कर रहे हैं, उनको अपने ही देश में कोई खास मान्यता या विश्वसनीयता हासिल नहीं है।बिना किसी नियामक तंत्र के विदेशी विश्वविद्यालयों के प्रवेश से उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र को, जिसकी हालत बड़ी संख्या में शुद्धता निजी पेशेवर कालेजों के प्रवेश के कारण पहले ही खस्ता है, नुकसान पहुंचेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग/मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया/एआईसीटीई/मानव संसाधन विकास मंत्रालय उच्च शिक्षा में कोई विश्वसनीय नियामक तंत्र को नहीं बना पाये हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद दोहराना चाहेगी और सरकार को याद दिलाना चाहेगी कि उच्च शिक्षा पर यूनेस्को के प्रस्ताव में (जिसे उच्च शिक्षा के सम्बंध में विश्व कांफ्रेंस 2009 में पारित किया गया था) उच्च शिक्षा को जनहित के रूप में रखने को कहा गया था।

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