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शनिवार, 26 जून 2010

पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कार्यकर्ताओं का लखनऊ में प्रदर्शन

लखनऊ 26 जून। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर से सरकारी नियंत्रण हटाकर उसे बाजार की ताकतों के हवाले कर पेट्रोल, डीजल, मिट्टी के तेल तथा रसोई गैस की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी के खिलाफ संप्रग-2 सरकार का पुतला लेकर भाकपा कार्यालय से प्रान्तीय कोषाध्यक्ष प्रदीप तिवारी, जिला मंत्री मो. खालिक तथा सह मंत्री ओ.पी. अवस्थी के नेतृत्व में भाकपा कार्यकर्ताओं ने महंगाई और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ गगनभेदी नारे लगाते हुए एक जुलूस निकाला जिसे कैसरबाग चौराहे पर भारी संख्या में पुलिस बल ने आकर जलाने नहीं दिया। आक्रोश में भाकपा कार्यकर्ताओं ने चौराहे पर संप्रग एवं बसपा सरकारों के खिलाफ गगनभेदी नारे लगाये। भाकपा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि महंगाई के खिलाफ चल रहे आन्दोलन में भाकपा कार्यकर्ताओं से पहली बार पुलिस से झड़प महंगाई बढ़ाने और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों की बढ़ोतरी में मायावती सरकार की संलिप्तता साबित करती है। मायावती को अब यह लगने लगा है कि जनता उनके पुतले फूंक रही है जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं और उनके निर्देश पर ही प्रशासन इस तरह से जनता के आक्रोश को दबाने का प्रयास कर रहा है। ज्ञातव्य हो कि बसपा संसद में लगातार संप्रग-2 सरकार का साथ दे रही है। प्रदर्शन में ट्रेड यूनियन नेता अजीत श्रीवास्तव, ए.के.सिंह गांधी, अनिल श्रीवास्तव, गिर बहादुर, बाबू नन्दन, कमल कुमार, कंधई राम, ए.के.मिश्रा, रंग कर्मी रिजवान, किसान नेता सिया राम यादव, सिया राम लोधी, फूल चन्द, मुख्तार अहमद, शमशेर बहादुर सिंह, परमानन्द, सरजू प्रसाद, सत्य नारायण, सुरेश गौतम आदि विशेष रूप से शामिल थे।

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