उत्तर प्रदेश राज्य कौंसिल सदस्य सचिव मण्ङल : १.साथी डॉक्टर गिरीश शर्मा २.साथी अशोक मिश्रा ३.इम्तियाज़ अहमद, पूर्व विधायक ४.साथी विश्वनाथ शास्त्री, पूर्व सांसद
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शुक्रवार, 25 जून 2010
दशहरी गांव में कूड़ाघर न बनाने की भाकपा की मांग
लखनऊ 22 जून, 2010। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और फलपट्टी किसान वेलफेयर एसोसियेशन के नेताओं ने आज भाकपा राज्य सचिव डा. गिरीश के नेतृत्व में जनपद की काकोरी तहसील के दशहरी गांव का दौरा किया जहां कि ऐतिहासिक दशहरी वृक्ष के पास कूड़ाघाट बनवाने की सरकार की योजना है।प्रतिनिधिमंडल ने 150 वर्ष पुराने मदर ट्री दशहरी को देखा और कूड़ाघर के निर्माण से उस वृक्ष और उस क्षेत्र को होने वाली भारी हानि का जायजा लिया। प्रतिनिधिमंडल ने वहां किसानों और बाग मालिकानों से भी चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने पाया कि यह दशहरी वृक्ष एक राष्ट्रीय धरोहर है जिसे राज्य सरकार नष्ट करने पर आमादा है। यह समूचा क्षेत्र फलपट्टी का भाग है और फलपट्टी अधिनियम के मुताबिक इस क्षेत्र में ऐसा कोई कार्य नहीं किया जा सकता जिससे इस पट्टी को हानि पहुंचे। इतना ही नहीं फलपट्टी के चारों ओर तीन कि.मी. चौड़ा भाग बफर जोन में आता है जिसमें भी उस अधिनियम के अनुसार फलपट्टी को हानि पहुंचाने वाला कोई कार्य नहीं किया जा सकता।वहां उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुये डा. गिरीश ने कहा कि सरकार को इस महत्वपूर्ण स्थल पर कूड़ा स्थल बनाने से बाज आना चाहिये और इसे कहीं दूसरी जगह ले जाना चाहिए। यह बाग मालिकानों, बागों, विदेशी व्यापार और पर्यावरण सभी दृष्टियों से उचित होगा। यह दशहरी प्रेमियों की भावनाओं का भी सवाल है। यह देश का एक पेटेण्ट आम है जो सारे विश्व में प्रसिद्ध है। हमारे प्रदेश और देश का नाम भी इससे जुड़ा है। यदि कूड़ा घर निर्माण की प्रक्रिया को रोका नहीं गया तो इस का तीखा विरोध किया जायेगा।प्रतिनिधिमंडल में डा. गिरीश के अतिरिक्त भाकपा के वरिष्ठ नेता का. अशोक मिश्रा, जिला सचिव मो. खालिक, सह सचिव का. ओ.पी. अवस्थी, फलपट्टी किसान वेलफेयर ऐसोसिएयेशन के संरक्षक मिर्जा एहतेशाम बेग, आमिर अब्बासी, नवाब जफर साहब आदि शामिल थे। दशहरी ग्राम के प्रधान श्री जसवन्त सिंह यादव एवं अन्य ग्रामवासियों ने प्रतिनिधिमंडल को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
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