महंगाई के विरोध में 5 जुलाई को होने वाली आम हड़ताल को सफल यबनाने की आम जनता से अपील करने हेतु भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज समूचे प्रदेश में जनसम्पर्क अभियान चलाया, पर्चे बांटे एवं नुक्कड़ सभायें कीं।
लखनऊ में पार्टी के राज्य सचिव डा. गिरीश के नेतृत्व में भाकपा के एक जत्थे ने पार्टी के कैसरबाग स्थित कार्यालय से झंडे, बैनर, पर्चों के साथ पैदल जनसम्पर्क शुरू किया। यह जत्था बारादरी, कैसरबाग चौराहा, गणेशगंज, अमीनाबाद, बांसमंडी, लाटूश रोड, विशेश्वरनाथ रोड़ आदि स्थलों पर पहुंचा और व्यापारियों, पटरी दुकानदारों तथा अन्य नागरिकों से महंगाई के खिलाफ आम हड़ताल में भागीदारी की अपील की। कई जगहों पर नुक्कड़ सभायें भी की गयीं।
सभाओं को सम्बोधित करते हुए राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि गत दो वर्ष पूर्व तक केन्द्र सरकार पर वामपंथी दलों का अंकुश था। वामपंथी दलों ने उस दरम्यान या तो पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ने नहीं दीं या बहुत मामूली बढ़ोतरी की ही इजाजत दी। लेकिन जब से यह सरकार वाम दलों के समर्थन के बिना अन्य दलों के समर्थन पर चली है तबसे 5 बार और वह भी भारी तादाद में महंगाई बढ़ा चुकी है और पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, कैरोसिन के दाम बढ़ाती ही चली जा रही है। इस महंगाई से देश की जनता त्राहि-त्राहि कर उठी है। अब इसे और सहना बर्दाश्त के बाहर हो चुका है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट टैक्स प्रदेश सरकार ने लगाया हुआ है। इन पदार्थों की अतिरिक्त बढ़ी कीमतों पर वैट टैक्स भी लागू हुआ है और प्रदेश की जनता पर इसका अतिरिक्त भार पड़ा है। राज्य सरकार को इस अतिरिक्त वैट टैक्स को वापस लेकर प्रदेश की जनता को राहत पहुंचाना चाहिये। जमाखोरी, कालाबाजारी और मिलावटखोरी पर कड़ा अंकुश लगाना चाहिये।
भाकपा के इस जत्थे में प्रदीप तिवारी, मो. खालिक, फूल चन्द यादव, मुख्तार अहमद, ओ.पी.अवस्थी, चन्द्रशेखर, रिजवान, मोईद खान आदि प्रमुख लोग शामिल थे।
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