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मंगलवार, 4 अप्रैल 2017

CPI ON Farmers Loan

कर्जमाफी: एक बार फिर ठगे गये किसान – भाकपा लखनऊ- 4 अप्रेल 2017, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के किसानों के साथ एक बार फिर धोखा हुआ है और सत्ता में आते ही किसानों के कर्ज माफ करने का प्रधान मंत्री मोदी और अमित शाह का वायदा एक बार फिर जुमला साबित हुआ है. किसानो के कर्जे माफ करने संबंधी उत्तर प्रदेश सरकार के बहु प्रतीक्षित फैसले पर भाकपा की प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये पार्टी के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने अपने चुनाव घोषणा पत्र और चुनाव अभियान में सरकार गठन के फौरन बाद लघु और सीमांत किसानों पर बकाया कर्जों को माफ करने का वायदा किया था. लेकिन आज हुयी प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में केवल 86 लाख किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ किया गया है. इन 86 लाख किसानों का एक लाख से ऊपर वाला कर्ज तथा अन्य करोड़ों किसानों पर लदी कर्ज की भारी धनराशि उनके सामने कठिन समस्या बने रहेंगे. प्रदेश में लघु और सीमांत किसानों की संख्या 2 करोड़ 43 लाख के करीब है. उत्तर प्रदेश के किसानों की दयनीय हालत को देखते हुये उनके शेष कर्जे भी माफ किये जाने चाहिये और इस तरह की व्यवस्था की जानी चाहिये कि इसका लाभ बटाईदार किसानों और खेतिहर मजदूरों को भी मिले. लेकिन कर्जा माफी एक तात्कालिक राहत हुआ करती है. सरकार को किसान के संकट के पूर्ण समाधान के लिये एक सुगठित किसान नीति तैयार करनी चाहिये. केंद्र और उत्तर प्रदेश में एक ही दल की संपूर्ण बहुमत वाली सरकारों के रहते किसानों को उनसे भारी उम्मीदें हैं. डा. गिरीश, राज्य सचिव भाकपा, उत्तर प्रदेश

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