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गुरुवार, 18 मई 2017

CPI on Law and Order in U.P.

भाकपा ने प्रदेश में बढते अपराधों पर गहरी चिंता जताई व्यापारिक संगठनों के आंदोलन को समर्थन प्रदान किया लखनऊ- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने पिछले दो माहों में उत्तर प्रदेश में आई अपराधों और अत्याचारों की आंधी पर गहरी चिंता व्यक्त की है. पार्टी ने सरकार से प्रदेशवासियों को अपराध और अत्याचारों से मुक्ति दिलाने की मांग की है. भाकपा ने अपराधों के खिलाफ कल व्यापारिक संगठनों द्वारा किये जाने वाले विरोध प्रदर्शन को समर्थन प्रदान किया है. यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि उत्तर प्रदेश जल रहा है और मुख्यमंत्री अपराधों और अत्याचारों की बाढ़ से अपना पल्ला झाड़ कर विपक्ष पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं. यह मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है. सच तो यह है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद सारे शातिर अपराधी और गुन्डे मवालियों को भाजपा में भर्ती कर लिया गया है. और वे दिन में पीला दुपट्टा ओड़ कर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर रौब गांठते हैं और दिन छिपते ही जघन्य वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. यही वजह है कि प्रदेश में हत्या, लूट, वाहन लूट, लूट के लिये हत्या, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, बलात्कार के बाद हत्या, दलितों अल्पसंख्यकों और सभी शांतिप्रिय नागरिकों पर अत्याचारों की बाढ सी आगयी है और प्रदेश की कानून व्यवस्था चौपट होगयी है. नोट बंदी, मीट बंदी और खनन और भर्तियों पर लगी रोक ने बेरोजगारी में अचानक इजाफा कर दिया है, और सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है. भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा अर्दब में लिये गये अधिकारी संभवत: अपने विवेक का स्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं. मुख्यमंत्री पहले कानून- व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये दो माह का समय मांग रहे थे, अब दो माह पूरे होजाने पर एक साल का समय मांगने लगे. 'आपकी नीतियां और कारगुजारियां यदि वैसी ही रहीं जैसी अब तक हैं, तो योगीजी आप एक साल तो क्या पांच सालों में भी कुछ नहीं कर पाओगे', भाकपा राज्य सचिव ने आगाह किया है. भाकपा राज्य सचिव मंडल ने पार्टी की सभी जिला इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे अपराधों के खिलाफ कल दि. 19 मई को होने वाले व्यापारिक संगठनों के आंदोलन को नैतिक और भौतिक समर्थन प्रदान करें. डा. गिरीश

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