उत्तर प्रदेश राज्य कौंसिल सदस्य सचिव मण्ङल : १.साथी डॉक्टर गिरीश शर्मा २.साथी अशोक मिश्रा ३.इम्तियाज़ अहमद, पूर्व विधायक ४.साथी विश्वनाथ शास्त्री, पूर्व सांसद
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सोमवार, 22 मई 2017
CPI on Munispal elections
समय पर कराये जायें निकाय चुनाव: भाकपा
लखनऊ- 22 मई 2017, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने उत्तर प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनाव निर्धारित समय पर कराये जाने की मांग की है.
यहां जारी एक प्रेस बयान में पार्टी के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री और राज्य निर्वाचन आयोग के अलग अलग बयानों से साफ होगया है कि प्रदेश के निकाय चुनावों को हठाने की साजिश चल रही है. मुख्यमंत्री वोटरलिस्ट की गड़्बड़ियों को दुरुस्त करने ओर ओबीसी सर्वे को पुन: कराने का बहाना ले रहे हैं तो राज्य निर्वाचन आयोग खराब कानून- व्यवस्था का सहारा ले रहा है. लेकिन इन दोनों बातों की जिम्मेदार तो राज्य सरकार ही है.
भाकपा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के तीन साल और योगी सरकार के दो माह के कार्यकाल की कलई खुल चुकी है. भाजपा यह जान चुकी है कि जिस छल से उसने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बहुमत हथिया लिया अब वह दोबारा चलने वाला नहीं है. इससे बचने को वह वोटरलिस्ट और वार्डों के आरक्षण के आधार को बदलना चाहती है. इसी कृत्य के लिये वह चुनावों को हठा रही है. सर्व सत्ताहरण की भाजपा की यह साजिश लोकतंत्र के लिये खतरनाक है.
डा. गिरीश ने कहा कि जब सपा और बसपा की सरकारों ने निकाय चुनावों को टाला था, भाकपा ने तब भी उसका विरोध किया था और आज भी वह इस कार्यवाही की विरोधी है. जिस पार्टी पर ईवीएम में गड़बड़ी करने के आरोप लग रहे हैं, सत्ता में रहते हुये वह क्या मतदाता सूचियों के पुनर्निर्माण और आरक्षण का आधार बदलने से चूक जायेगी? भाकपा ने सवाल किया है.
भाकपा ने सभी वामपंथी और जनवादी ताकतों का आह्वान किया है कि वे समय पर निकाय चुनाव कराने और मतदाता सूची और आरक्षण आधार में बदलाव करने की भाजपा सरकार की साजिश को विफल बनाने को आवाज उठायें.
डा.गिरीश
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