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शुक्रवार, 4 मई 2018

प्राकृतिक आपदा की मार को गंभीरता से नहीं लेरहीं हैं केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकार: भाकपा




लखनऊ- 4 मई भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव मंडल ने विगत दिन आये बवंडर से हुये जान और माल के भारी नुकसान पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है. पार्टी ने आपदा में मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना का इजहार करते हुये सरकार से आपदा राहत के लिये फौरी कदम उठाने की मांग की है.
यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहाकि तूफ़ान से देश में 100 से अधिक लोगों की जानें चली गयीं. सर्वाधिक तवाही उत्तर प्रदेश में हुयी है. अकेले आगरा में ही 50 से अधिक लोगों की जानें जाचुकी हैं. सैअक्दों लोग घायल हैं. बड़े पैमाने पर फसलों, पशुधन और इमारतों को नुकसान पहुंचा है. आगरा के अलावा बिजनौर, बरेली, सहारनपुर, पीलीभीत, फीरोजाबाद, चित्रकूट, मुज़फ्फरनगर, रायबरेली और उन्नाव जिलों में भी भारी तवाही हुयी है. लेकिन राहत और बचाव कार्यों के नाम पर अभी तक कागजी कार्यवाही ही देखने में आरही है.
डा. गिरीश ने कहाकि मौसम विभाग द्वारा पहले से दी गयी चेतावनियों को नोटिस में लेकर जरुरी तैयारियां की गयीं होतीं तो इस भारी हानि से किसी हद तक बचा जा सकता था. अब भी आगे और बवंडर आने की चेतावनी को भी बहुत गंभीरता से नहीं लिया जारहा. प्राकृतिक आपदा से लगे आघातों  को भरने की कोशिशों के बजाय पूरी सरकार, भाजपा और संघ गिरोह जिन्ना प्रकरण खड़ा कर वोटों की फसल उगाने में जुटा है. मोदी जी और जोगी जी कर्णाटक में चुनाव अभियान में जुटे हैं. पीड़ित जनता को संवेदनहीन प्रशासन के रहमोकरम पर छोड़ दिया गया है.
भाकपा ने मृतकों के परिवारों को रु. 4 लाख और घायलों को घोषित 50 हजार की सहायता को अपर्याप्त बताया है. भाकपा ने प्रत्येक मृतक के परिवार को रु. 10 लाख और घायलों को कम से कम 2 लाख दिए जाने की मांग की है. साथ ही फसल और अन्य हानियों का तत्काल सर्वे कराकर हानि  की शत- प्रतिशत भरपाई की मांग की है.

डा. गिरीश


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