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शनिवार, 29 सितंबर 2018

CPI condemned encountar of Vivek in Lucknow: Demanded resignation of CM Yogii


विवेक तिवारी हत्याकांड की भाकपा ने की कड़े शब्दों में निन्दा

मुख्यमंत्री से की त्यागपत्र की मांग


लखनऊ- 29 सितंबर 2018, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने गत रात राजधानी लखनऊ में एपल कंपनी के एरिया मैनेजर श्री विवेक तिवारी की पुलिस द्वारा हत्या की कड़े शब्दों में निन्दा की है। भाकपा ने आरोप लगाया कि अब तक प्रदेश में कमजोर तबकों के एंकाउंटर किए जारहे थे और योगी सरकार अपनी पीठ थपथपा रही थी तथा पुलिसजनों को महिमामंडित कर रही थी। इससे बड़े मनोबल वाली पुलिस ने अब राजधानी में यह जघन्य हत्याकांड कर डाला।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहा कि लोकतन्त्र में ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी जनता द्वारा चुने शासकों की बनती है। अतएव मुख्यमंत्री के एक्टिविज्म मात्र से काम चलने वाला नहीं। मुख्यमंत्री को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिये और अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिये। उन्होने कहाकि श्री तिवारी के परिवार की मांग पर सीबीआई से जांच कराया जाना जरूरी है, पर योगी के सत्ता में रहते निरपेक्ष जांच असंभव है।
भाकपा राज्य सचिव ने मांग की कि पीड़ित परिवार को रुपये 50 लाख का मुआबजा दिया जाये, म्रतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाये तथा श्री तिवारी की सहकर्मी सना को केस समाप्त होने तक सुरक्षा दी जाये। डा॰ गिरीश ने कहाकि अब वक्त आगया है कि योगीराज में हुये फर्जी एंकाउंटर्स और मोब लिंचिंग की घटनाओं की जांच के लिये एक न्यायिक आयोग बैठाया जाये ताकि जिम्मेदारियाँ निर्धारित की जासकें और दोषियों को जेल के सींखचों के पीछे भेजा जासके।
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने अपनी जिला कमेटियों का आह्वान किया कि वे लखनऊ, अलीगढ़ और प्रदेश के अन्य हिस्सों में होरहे एंकाउंटर्स, मोब लिंचिंग की घटनाओं और भाजपा तथा उसकी पुलिस की हिंसा के खिलाफ कल से ही विरोध जताएं और राज्यपाल के नाम ज्ञापन जिलाधिकारियों को सौंपें।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश

गुरुवार, 27 सितंबर 2018

CPI, U.P. supported Bandh of Traders


भाकपा ने व्यापारिक संगठनों के बन्द को समर्थन प्रदान किया


लखनऊ- 27 सितंबर 2018, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और इसमें आई॰ टी॰ सी॰, वालमार्ट जैसी कंपनियों का प्रवेश, जी॰ एस॰ टी॰ की जटिलताओं, पेट्रोल- डीजल की कीमतों में असहनीय व्रध्दी, नोटबंदी से हुयी व्यापार की तवाही तथा आन लाइन ट्रेडिंग जैसी समस्याओं के खिलाफ कल ( 28 ) सितंबर को व्यापारिक संगठनों द्वारा आहूत उत्तर प्रदेश बन्द का समर्थन किया है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि भूमंडलीकरण के दौर में स्वदेशी उद्योग, लघु उद्योग व्यापार और क्रषी की रक्षा करने के बजाय केन्द्र और राज्यों की सरकारें विदेशी कंपनियों और कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने में जुटे हैं। परिणामस्वरूप देश की पूंजी का 71 प्रतिशत भाग चंद पूंजी घरानों के हाथ में सिमट कर रह गया है और शेष जनता 29 प्रतिशत पूंजी पर गुजारा कर रही है। कालेधन के रूप में तमाम पूंजी विदेशों को जारही है। रुपये की कीमतों में अभूतपूर्व गिरावट का यह एक प्रमुख कारण है।
कारपोरेट और वित्तीय पूंजी लघु उद्यमी, व्यापारी और किसानों- कामगारों को तवाह कर रही है। अंबानी सरीखे लोग प्रति घंटे 12: 50 करोड़ कमा रहे हैं वहीं आम आदमी की आमदनी घट कर बेहद नीचे पहुँच गयी है। इससे व्यापारी, किसान, लघु उद्यमी, दस्तकार और कामगार सभी नाराज हैं और वे संघर्षरत हैं। कल का बन्द इसी कड़ी का हिस्सा है जिसे सफल बनाया जाना चाहिये।
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने अपनी तमाम कतारों का आह्वान किया कि वे व्यापारिक संगठनों के इस बन्द को नैतिक और भौतिक समर्थन प्रदान करें।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश।

मंगलवार, 25 सितंबर 2018

अलीगढ़ में हुये फर्जी एंकाउंटर की भाकपा ने निन्दा की। न्यायिक जांच की आवाज उठाई।



लखनऊ- 25 सितंबर 2018, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने गत दिनों अलीगढ़ में पुलिस द्वारा की गयी दो मुस्लिम नौजवानों की सुनियोजित हत्या की निन्दा की है। पार्टी ने इस घटना की जांच किसी कार्यकारी न्यायाधीश से कराने की मांग की है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में पार्टी के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने आरोप लगाया कि अतरौली क्षेत्र में होरही ताबड़तोड़ हत्याओं से दबाव में आई अलीगढ़ पुलिस ने फर्जी एंकाउंटर का प्लाट तैयार कर दो मुस्लिम नौजवानों की हत्या कर दी। अब पुलिस की मदद से स्थानीय सांप्रदायिक तत्व घटना को कम्यूनली कैश करने में जुटे हैं। हालात यह हैं कि नामनिहाद संस्थाएं पुलिस के आला अफसरों का अभिनंदन कर रहीं हैं और बड़ी ही बेशर्मी से पुलिस अफ़सरान उनके हाथों मालायें पहन रहे हैं और अपने सेवा संबंधी कोड का मज़ाक उड़ा रहे हैं।
डा॰ गिरीश ने कहाकि यदि इस हत्याकांड की न्यायिक जांच करा दी जाये तो इस सारे षडयंत्र का पर्दाफाश होजायेगा और हत्यारे जेल के सींखचों के भीतर होंगे। उन्होने म्रतक परिवारों को रुपये 20 लाख प्रति परिवार मुआबजा देने की मांग की।
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने अपनी जिला इकाई को निर्देश दिया कि वह घटनास्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल करे, पीड़ित परिवारों से मिले और इस अन्याय पर स्थानीय तौर पर प्रतिरोध दर्ज कराये। साथ ही व्यापक रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भी प्रेषित की जाये।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश


मंगलवार, 11 सितंबर 2018

मूल्यव्रध्दी एवं जनता के अन्य सवालों पर सरकार को घेरेगी भाकपा: पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल की बैठक में कई निर्णय लिये गये




लखनऊ- 11 सितंबर 2018, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य काउंसिल की दो दिवसीय बैठक यहां संपन्न हुयी। बैठक की अध्यक्षता राजेन्द्र यादव पूर्व विधायक ने की। बैठक में भाकपा के केन्द्रीय सचिव कामरेड भालचंद कांगो ने अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय परिद्रश्य पर विस्तार से जानकारी दी। राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने प्रदेश के बिगड़ते हालातों की समीक्षा करते हुये क्रत कार्यों और भविष्य की गतिविधियों की रूपरेखा संबंधी रिपोर्ट रखी जिसे व्यापक चर्चा के बाद पारित कर दिया गया।
राज्य काउंसिल बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव की उत्तर प्रदेश में पार्टी की रणनीति पर भी गहनता से विचार विमर्श हुआ। पार्टी ने प्रदेश में भाजपा को हराने और अपना खाता खोलने की जरूरत को महसूस करते हुये चुनींदा सीटों पर चुनाव लड़ने का निश्चय किया है। पार्टी इसके लिये तैयारियों में जुट गयी है।
पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की कीमतों में भारी व्रद्धि, महंगाई और रुपये के अधः पतन को लेकर 10 सितंबर के वामदलों व अन्य के राष्ट्रव्यापी अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन और महंगाई से लहूलुहान जनता के हितों को ध्यान में रखते हुये राज्य काउंसिल ने केन्द्र सरकार से मांग की कि वह तत्काल पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें पर्याप्त कम करे तथा रुपये के क्षरण को रोकने को तत्काल आवश्यक कदम उठाये।
पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार से भी मांग की कि वो अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी पेट्रोल डीजल पर वैट कम करके उसकी कीमतें घटाये। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि कीमतें शीघ्र कम नहीं की गईं तो जनता की जेब से निकाले जारहे जनता के धन की वापसी के लिये भाकपा आंदोलन तेज करेगी।
राज्य काउंसिल बैठक में केरल में बाढ़ की विभीषिका से हुयी तबाही और अब वहाँ फैल रही महामारियों से निपटने तथा पुनर्निर्माण और पुनर्वास में केरल की जनता की मदद करने को केरल की जनता के साथ एकजुटता सप्ताह आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 17 से 24 सितंबर के बीच समूचे प्रदेश में नुक्कड़ सभाएं एवं जन चौपाल लगा कर भाकपा कार्यकर्ता केरल की जनता की सहायता के लिये जनता से फंड मांगेंगे। उत्तर प्रदेश से भाकपा और उसके सहयोगी संगठन दो लाख के लगभग धनराशि पहले ही भेज चुके हैं।
पेट्रोल डीजल की कीमतों, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, समूह हत्याएं, लोकतन्त्र और आजादी पर हमले उत्तर प्रदेश के किसान कामगारों के सवालों पर केन्द्र और राज्य सरकार को घेरने के लिये भाकपा ने मंडलीय रेलियाँ आयोजित करने का निर्णय भी लिया है। जिन लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा जाना है वहाँ विधान सभा स्तर पर रेलियाँ क्षेत्रीय रेलियों के बाद की जायेंगी।
पार्टी बैठक में रेखांकित किया गया कि जनता के ज्वलंत सवालों पर भाकपा जमीनी स्तर पर संघर्षरत और सक्रिय है और उसके जनाधार और संगठन का विस्तार होरहा है।
भाकपा ने आज सुल्तानपुर में 2005 में शहीद हुये नौजवानों को उनकी वरसी पर श्रध्दांजली देने सुल्तानपुर जारहे भाकपा राज्य सचिव का॰ हीरालाल यादव, पॉलिट ब्यूरो सदस्य का॰ सुभाषिणी अली और अन्य नेताओं की गिरफ्तारी की निन्दा की है। भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने आरोप लगाया कि अपना जनाधार खिसकता देख योगी सरकार बौखला गयी है और अब वह शांतिपूर्ण सभाओं तक को रोक रही है। कल भी सरकार ने जनपद सोनभद्र में 108 वामपंथी कार्यकर्ताओं को और हरदोई में 3 भाकपा कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतरने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था॰ भाकपा ने माकपा कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश

सोमवार, 10 सितंबर 2018

Left protest against price rise.


महंगाई के खिलाफ वामपंथी दलों का उत्तर प्रदेश भर में जबरदस्त प्रतिरोध प्रदर्शन

लखनऊ- 10 सितंबर 2018, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में बेतहासा व्रध्दी, डालर के मुक़ाबले रुपये की कीमत में असहनीय गिरावट और हाड़तोड़ महंगाई के खिलाफ वामपंथी दलों ने हर जिले में जबरदस्त प्रतिरोध प्रदर्शन प्रदर्शन किया।
आज पूर्वान्ह से ही हर जगह वामपंथी दलों के जत्थे प्रतिरोध प्रदर्शन हेतु सड़कों पर उतर गये। कई जगह प्रदर्शन किये गये, जाम लगाये गये और अनेक जगह केन्द्र और राज्य सरकार के पुतले फूंके गये। कई जिलों में वामपंथी दलों के सैकड़ों कार्यकर्ता गिरफ्तार किये गये।
डा॰ गिरीश ने कहाकि अनेक जगह व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने स्वतः बन्दी रखी। ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी व्यापारी संगठन ने विपक्ष के इस आंदोलन का कोई विरोध नहीं किया। किसानों, कामगारों, युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं आदि समाज के विभिन्न तबकों ने विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया।
राजधानी लखनऊ में वामपंथी दलों के सैकड़ों कार्यकर्ता भाकपा के केसरबाग स्थित कार्यालय पर एकत्रित हुये और आक्रोशपूर्ण नारे लगाते हुये जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पर पहुंचे, जहां आमसभा की गई। प्रदर्शन का नेत्रत्व भाकपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य एवं  राज्य सचिव डा॰ गिरीश, सहसचिव अरविंदराज स्वरूप, इम्तियाज़ अहमद पूर्व विधायक, का॰ आशा मिश्रा, सीपीएम की पूर्व सांसद और पोलिटब्यूरो सदस्य सुभासिनी अली, सचिव मण्डल सदस्य प्रेमनाथ राय, मधु गर्ग, आर॰ एस॰ बाजपेयी, माले के नेता रमेश सिंह सेंगर आदि ने किया।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने प्रतिरोध अभियान को कामयाब बनाने को सभी वामपंथी कार्यकर्ताओं और अन्य सहयोगियों को बधाई दी है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उतर प्रदेश