भाकपा ने व्यापारिक संगठनों के बन्द को समर्थन प्रदान किया
लखनऊ- 27 सितंबर 2018, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और इसमें आई॰
टी॰ सी॰,
वालमार्ट जैसी कंपनियों का प्रवेश,
जी॰ एस॰ टी॰ की जटिलताओं,
पेट्रोल- डीजल की कीमतों में असहनीय व्रध्दी,
नोटबंदी से हुयी व्यापार की तवाही तथा आन लाइन ट्रेडिंग जैसी समस्याओं के खिलाफ कल
( 28 ) सितंबर को व्यापारिक संगठनों द्वारा आहूत उत्तर प्रदेश बन्द का समर्थन किया
है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव
डा॰ गिरीश ने कहाकि भूमंडलीकरण के दौर में स्वदेशी उद्योग, लघु उद्योग व्यापार
और क्रषी की रक्षा करने के बजाय केन्द्र और राज्यों की सरकारें विदेशी कंपनियों और
कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने में जुटे हैं। परिणामस्वरूप देश की पूंजी का 71 प्रतिशत
भाग चंद पूंजी घरानों के हाथ में सिमट कर रह गया है और शेष जनता 29 प्रतिशत पूंजी पर
गुजारा कर रही है। कालेधन के रूप में तमाम पूंजी विदेशों को जारही है। रुपये की कीमतों
में अभूतपूर्व गिरावट का यह एक प्रमुख कारण है।
कारपोरेट और वित्तीय पूंजी लघु उद्यमी, व्यापारी और किसानों-
कामगारों को तवाह कर रही है। अंबानी सरीखे लोग प्रति घंटे 12: 50 करोड़
कमा रहे हैं वहीं आम आदमी की आमदनी घट कर बेहद नीचे पहुँच गयी है। इससे व्यापारी, किसान, लघु उद्यमी, दस्तकार और कामगार
सभी नाराज हैं और वे संघर्षरत हैं। कल का बन्द इसी कड़ी का हिस्सा है जिसे सफल बनाया
जाना चाहिये।
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने अपनी तमाम कतारों का
आह्वान किया कि वे व्यापारिक संगठनों के इस बन्द को नैतिक और भौतिक समर्थन प्रदान करें।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा,
उत्तर प्रदेश।
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