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शनिवार, 9 फ़रवरी 2019

उत्तर प्रदेश-- जहरीली शराब से मौतों के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार : भाकपा ने मुख्यमंत्री से की स्तीफ़े की मांग




लखनऊ- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब से होरही मौतों पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। भाकपा ने इन मौतों के लिये प्रदेश मुख्यमंत्री को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है और उनसे त्यागपत्र की मांग की है।  
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया कि उनकी प्राथमिकता में उत्तर प्रदेश में सरकार चलाना नहीं अपितु लोगों को गुमराह करना और विपक्ष पर हमले बोलना है। प्रदेश के शासन पर ध्यान देने के बजाय वे राम कुंभ गाय गंगा नामों की बदली जैसे भ्रामक मुद्दों पर ही सारी ऊर्जा खपाये रहते हैं। यही वजह है कि यूपी की कानून व्यवस्था तार तार होचुकी है और अब मौत की शराब से प्रदेश में लगभग 100 लोगों की मौत होचुकी है और अन्य कई मौत के आगोश में सिमटते जारहे हैं।
भाकपा राज्य सचिव ने आरोप लगाया कि संवेदनहीन सरकार और उसका प्रशासन मौतों का आंकड़ा कम करके दिखाने को शवों के पोस्टमार्टम न करके उन्हें स्वाभाविक मौतें बता कर टरका रहा है। कइयों को सरकारी अस्पतालों में जगह नहीं मिली और उन्होने निजी अस्पतालो में दम तोड़ दिया तथा परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। इस तरह के सारे म्रतकों का आंकड़ा जुटाया जाये तो और अधिक पहुंचेगा।
डा॰ गिरीश ने कहाकि योगी के सत्ता संभालने के बाद यह तीसरा बड़ा हादसा है जिसमें जहरीली शराब से बड़े पैमाने पर मौतें हुयीं हैं। गत माहों में जब ऐसा ही हादसा हुआ था तो मैंने स्वयं सरकार को आगाह किया था कि उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में अवैध शराब का धंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है। मैंने यह भी खुलासा किया था कि शराब माफिया ने अब सत्ताधारी दल में पैठ बना ली है और सत्ताधारी दल के लोग इस धंधे से बड़े पैमाने पर अवैध कमाई कर मालामाल होरहे हैं। लेकिन योगी सरकार ने तब मामले को गंभीरता से लेने के बजाय म्रतको के परिजनों को कुछ मुआबजा देकर और छोटे अपराधियों पर चलताऊ कार्यवाही करके कर्तव्य की इतिश्री कर दी थी। यदि उसी समय कठोर कार्यवाही की गयी होती तो आज इतना बड़ा हादसा न होता।
भाकपा ने कहाकि योगी सरकार इन मौतों के लिये सीधे तौर पर जिम्मेदार है। लोगों की सामूहिक मौतों के लिये जिम्मेदार योगी को इसकी नैतिक ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए और अपने पद से स्तीफ़ा देकर हिमालय में जाकर प्रायश्चित करना चाहिये। भाकपा ने हर म्रतक के परिवार को रु॰ 25 लाख का मुआबजा और शराब पीड़ितों को इलाज के लिये रु॰ 5 लाख की धनराशि फौरन प्रदान करनी चाहिये।

डा॰ गिरीश

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