उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब से मौतों पर भाकपा ने
रोष जताया
निर्वाचन आयोग से कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग की
लखनऊ- 13 मार्च, 2019- भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य इकाई ने कानपुर में जहरीली शराब से पुनः हुयी मौतों पर
गहरी चिंता जताई है। भाकपा ने प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाओं का इजहार
करते हुये म्रतकों के परिवारों और शराब के सेवन से बीमारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता
प्रदान करने की मांग की है।
भाकपा ने निर्वाचन आयोग से भी आग्रह किया है कि वह उत्तर
प्रदेश में बड़े पैमाने पर बन रही और बिक रही अवैध शराब के मामले में शीघ्र संज्ञान
ले और योगी सरकार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करे।
यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा॰
गिरीश ने कहाकि यह आश्चर्यजनक है कि उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब पीने से लगातार बड़ी
संख्या में मौतें होरही हैं और कर्मकांडी सरकार मौत के इस पेय का निर्माण और वितरण
रोक नहीं पारही है। जितने लोग देश में आतंकी घटनाओं में मारे गये हैं उससे कहीं ज्यादा
योगी राज में जहरीली शराब से मारे जाचुके हैं। लेकिन योगी सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी
है। जहां कोई दुर्घटना घट जाती है वहां तात्कालिक तौर पर कुछ कार्यवाही कर दी जाती
है।
भाकपा ने इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग से भी तुरत
संज्ञान लेकर कड़ी कार्यवाही करने का आग्रह किया है। डा॰ गिरीश ने कहाकि निर्वाचन आयोग
के लखनऊ दौरे के समय हुयी भेंट में उन्होने आयोग के समक्ष यह सवाल मजबूती से उठाया
था कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बन रही है जिसका चुनावों में दुरुपयोग
किया जायेगा।
निर्वाचन आयोग
ने इस पर कार्यवाही का आश्वासन दिया था। लेकिन चुनावों की घोषणा के बावजूद न केवल नकली
शराब बन रही है अपितु परचूनी की दुकानों तक पर बिक रही है। यह गरीबों के लिए जानलेवा
तो है ही, चुनावों की निष्पक्षता को भी संदेह के घेरे में लाने वाला है।
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