बलात्कार पीड़िता को एयर एंबुलेंस से इलाज के लिये
दिल्ली भेजा जाये।
नैतिकता का तकाजा है कि मुख्यमंत्रीजी स्तीफ़ा दें:
भाकपा
लखनऊ- 29 जुलाई 2019, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने यहाँ जारी बयान में कहाकि उत्तर प्रदेश में सरकार समर्थित
गुंडाराज ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं। सोनभद्र में 10 लोगों के दिन दहाड़े बहाये गये
रक्त की लालिमा अभी ओझल हो नहीं पाई थी कि उन्नाव की बलात्कार पीड़िता को परिवार सहित
नेस्तनाबूद करने की नई कहानी लिख दी गई। दुर्घटना जिसमें केस की गवाह सहित दो महिलाओं
की मौत होगयी और पीड़िता सहित अन्य लोग जिंदगी- मौत के बीच जूझ रहे हैं, योगी सरकार के माथे पर कलंक का अमिट टीका है।
सारे प्रदेश और देश को स्तब्ध करने वाली इस घटना की
भाकपा तीव्र शब्दों में भर्त्सना करती है। भाकपा पीड़ितों के परिवारों के प्रति ह्रदय
की गहराइयों से संवेदनाएं व्यक्त करती है। भाकपा मांग करती है कि पीड़िता और अन्य घायलों
को इलाज के लिये राज्य सरकार एयर एंबुलेंस से किसी उच्च अस्पताल को फौरन भेजे और सभी
के इलाज की पूरी ज़िम्मेदारी ले।
दुर्घटना के सारे हालात बताते हैं कि यह एक गहरी साजिश
है। साजिशकर्ता कोई और नहीं, भाजपा का बाहुबली विधायक है- जिसे
समूची भाजपा की सरपरस्ती हासिल है। अतएव पीड़िता और अन्य को सरकार और सीबीआई से न्याय
शायद ही मिल पाये। अतएव पूरी घटना की उच्च न्यायालय के सिटिंग न्यायाधीश से कराई जाये, भाकपा ने मांग की है।
भाकपा के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि उत्तर प्रदेश
में एक से बढ़ कर एक संगीन वारदात होरही हैं लेकिन सरकार के मुखिया संज्ञान लेने तक
सीमित रह जाते हैं। लोकतन्त्र में शासन में बैठे लोगों की भी नैतिक ज़िम्मेदारी होती
है और मुख्यमंत्रीजी को इन घटनाओं की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुये तत्काल पद से स्तीफ़ा
देना चाहिए। विपक्ष के ऊपर ज़िम्मेदारी डाल कर अथवा पिछली सरकारों के कार्यकाल की घटनाओं
के उदाहरण देकर वे ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते।
डा॰ गिरीश ने कहाकि आज कल मुख्यमंत्री जी समय समय पर
लोहिया जी का उदाहरण देते रहते हैं। उन्हें याद दिलाना चाहता हूँ कि गोलीकांड में एक
व्यक्ति की मौत पर लोहियाजी ने केरल की थानू पिल्लई सरकार से स्तीफ़ा लेलिया था। अतएव
मुख्यमंत्रीजी से अनुरोध है कि लोहिया जी के पथ का अनुशरण करें और उत्तर प्रदेश में
होरहे निरीहों के रक्तपात, बलात्कार और अत्याचारों की ज़िम्मेदारी
लेते हुये तुरंत पद त्याग करें।
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