प्रकाशनार्थ
भाकपा राज्य
कार्यकारिणी की बैठक संपन्न
ऊर्जा मंत्री
को हटाये जाने की मांग की
आंदोलन संबंधी
कई निर्णय लिये गये
लखनऊ- 4 नवंबर 2019, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य कार्यकारिणी ने यूपी पावर कोरपोरेशन के कर्मचारियों के
भविष्यनिधि के धन के निवेश में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार को गंभीरता से लेते हुये
इसके लिये राज्य सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
यहाँ संपन्न भाकपा राज्य कार्यकारिणी की बैठक में पारित
प्रस्ताव में कहा गया है कि भ्रष्टाचार का खुलासा होने पर कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी, सीबीआई जांच की सिफ़ारिश अथवा पिछली सरकार पर आरोप लगा कर योगी सरकार भ्रष्टाचार
के इन आरोपों से मुक्त नहीं हो सकती। यहाँ गंभीर सवाल यह उठता है कि मौजूदा सरकार में
ढाई साल से यह घोटाला चल रहा था और सरकार खामोश थी। अपनी इस खामोशी का जबाव योगी सरकार
को देना ही होगा।
भाकपा ने मांग की कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को तत्काल
हटाया जाना चाहिये। उनके पद पर रहते किसी भी एजेंसी से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं
की जा सकती। सीबीआई से भी नहीं जो कि भाजपा सरकार के पिंजड़े का तोता बनी हुयी है।
भाकपा राज्य कार्यकारिणी ने इस सवाल को जनता की अदालत
में लेजाने का निर्णय भी लिया है। पूरे नवंबर महीने जिलों में पंचायत- बार्ड स्तर से
शुरू कर जिला स्तर तक सभाएं, जागरूकता मार्च, हस्ताक्षर अभियान तथा धरने और प्रदर्शन कर ऊर्जा मंत्री को बर्खास्त करने, सभी दोषियों को कठोर सजा दिलाने, कर्मचारियों के धन
को उन्हें मिलने की गारंटी करने और उत्तर प्रदेश में हर सरकारी विभाग में फैले अपार
भ्रष्टाचार से जनता को निजात दिलाने की मांग की जायेगी।
इसके अतिरिक्त बिजली की बढ़ी दरें कम करने, बिजली विभाग द्वारा अतिरिक्त सीक्यौरिटी के नाम पर बसूली जारही भारी धनराशि
की बसूली पर रोक लगाने, राशन प्रणाली को पूर्व की तरह सर्व सुलभ
बनाने, महंगाई पर लगाम लगाने, तमाम विभागों
में खाली पड़ी जगहों पर भर्ती करने, मनरेगा के तहत काम देने, किसानों की एकमुश्त कर्जमाफी व उन्हें फसल की लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिलाने, कानून व्यवस्था दुरुस्त करने तथा दलितों, महिलाओं और
सभी कमजोर तबकों पर होरहे अत्याचारों को रोके जाने समेत स्थानीय सवालो को भी उठाया
जायेगा
राज्य कार्यकारिणी ने राम मन्दिर- बाबरी मस्जिद विवाद
पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अगले सप्ताह संभावित फैसले को द्रष्टिगत रखते हुये राज्य
सरकार से कानून व्यवस्था बनाये रखने को कड़े कदम उठाने की मांग की है। अभी से इस बात
पर ध्यान देने की मांग की है कि परंपरागत दबंग सांप्रदायिक तत्व अशांति फैलाने के अपने
षडयंत्रों में आम लोगों को न फंसा लें। भाकपा ने रेखांकित किया कि आम लोग केन्द्र सरकार
की आर्थिक नीतियों और तानाशाहीपूर्ण कारगुजारियों से व्यथित हैं और किसी पचड़े में पड़ना
नहीं चाहते। परंतु उनकी इन गंभीर समस्याओं से ध्यान हटाने को सरकार समर्थक तत्व किसी
भी हद तक जा सकते हैं। भाकपा ने अपने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आग्रह किया है
कि वो चौकसी बरतें और भाईचारा बनाये रखने को हर जन- प्रयास करें।
भाकपा राज्य कार्यकारिणी ने अपने शीर्षस्थ और संघर्षशील
नेता कामरेड गुरुदास दासगुप्ता के निधन पर शोक व्यक्त कर उन्हें श्रध्दांजलि अर्पित
की। संसदीय पटल से उनके द्वारा जनता के हित में की गयी कार्यवाहियों और बेहद विपरीत
दौर में देश के ट्रेड यूनियन आंदोलन को पुनः खड़ा करने के उनके प्रयासों को जनता के
बीच लेजाने का निर्णय भी राज्य कार्यकारिणी ने लिया है। इसके लिये पूरे नवंबर माह जिलों
में श्रध्दांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगीं जिनमें सभी मजदूर कर्मचारी संगठनो, सामाजिक संगठनों और राजनैतिक दलों और संघर्षशील व्यक्तियों को भी आमंत्रित
किया जायेगा।
बैठक में राजनैतिक एवं चुनाव समीक्षा रिपोर्ट राज्य
सचिव डा॰ गिरीश ने प्रस्तुत की। सहसचिव कामरेड अरविन्दराज स्वरूप ने सदस्यता नवीनीकरण
आदि सांगठनिक सवालों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक की अध्यक्षता कामरेड गफ्फार अब्बास
( एडवोकेट ) मथुरा ने की।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
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