घटिया पीपीई
किट की सप्लाई और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने को मीडिया का गला घोंटना चाहती है सरकार
भाकपा ने
की कड़े शब्दों में निन्दा
लखनऊ- 2 मई 2020, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने घटिया क्वालिटी की पीपीई किट सप्लाई के संबंध में न्यूज
प्रसारित करने वाले एक टीवी चेनल के डिप्टी एडिटर श्री मनीष पाण्डेय से यूपी पुलिस
की एसटीएफ द्वारा 2 घंटे तक पूछ ताछ की कार्यवाही को प्रेस की आज़ादी पर हमला और कोरोना
योध्दाओं के साथ मुजरिमाना विश्वासघात बताया है।
यह सर्वविदित है कि कोरोना से युध्द लड़ रहे चिकित्सकों
और स्वास्थ्यकर्मियों के उपयोग में आने वाली पीपीई किट के घटिया क्वालिटी के होने के
बारे में सार्वजनिक तौर पर आरोप लगे थे। लेकिन इस संवेदनशील मसले की जांच करा दोषियों
को दंडित करने के बजाय सरकार उसका खुलासा करने वाले पत्रकार का ही मुंह बंद करने पर
उतारू है। भाकपा एसटीएफ की इस कारगुजारी की कड़े शब्दों में निन्दा करती है।
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश
ने कहा कि पीपीई किट का घपला ही क्यों क्वारंटाइन, आइसोलेशन केन्द्रों
और कोविड-19 अस्पतालों में मरीजों की दुर्दशा की तमाम खबरें आरही हैं। वहाँ असहनीय
किस्म कि अव्यवस्थाएं हैं और सरकार कुछ कर नहीं पारही है। क्या इन खबरों के दबाने के
प्रयास में ही मीडियाकर्मियों में दहशत पैदा की जारही है। यदि ऐसा है तो सभी जनवादी
शक्तियां इसका मुक़ाबला करेंगीं।
यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि कोरोना के विरूध्द संयुक्त
संघर्ष को सांप्रदायिक रूप से बांटने वाले और भाजपा/ संघ के नफरती एजेंडे को आगे बढ़ाने
वाले कुछ चेनलों और उनके नामनिहाद वाचाल एंकरों की यह सरकार पीठ थपथपाती है वहीं कोरोना-
संघर्ष में भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले
मीडियाकर्मियों को प्रताड़ित करने पर उतारू है। सरकार को ऐसी कार्यवाहियों से बाज आना
चाहिए।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
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