लखनऊ- 22 जून 2020, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने कानपुर के राजकीय बालिका गृह में 57 लड़कियों के कोरोना
पाजिटिव एवं 7 के गर्भवती मिलने को प्रदेश सरकार के नाम पर कलंक बताया है। भाकपा ने
इसे मुजफ्फरपुर संवासिनी गृह कांड की पुनराव्रत्ति बताया है।
एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने प्रशासन
के इस तर्क को कि वे बालिका गृह में आने से पहले से गर्भवती थीं, खारिज करते हुये कहा कि यह बात सार्वजनिक होने से पहले प्रशासन को बता देनी
चाहिए थी। उनकी गृह में प्रवेश से पहले जांच करा कर सार्वजनिक की जानी चाहिए थी। उनका
कोविड-19 से संक्रमण होना प्रशासन की तैयारियों पर और गहरे सवाल खड़े करता है।
भाकपा ने मांग की कि इसकी निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच
जरूरी है। सवाल किया कि शासन- प्रशासन में कोई है जो समाज को झकझोर देने वाली घटनाओं
की नैतिक ज़िम्मेदारी ले।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
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