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बुधवार, 13 जनवरी 2021

किसान आंदोलन का स्वर्णिम 50वां दिन


उत्तर प्रदेश के कोने कोने में फूंकी गयीं काले क्रषी क़ानूनों की प्रतियां

आपातकाल सरीखे हालातों के बावजूद प्रदेश में निरंतर बढ़ रहा है किसान आंदोलन को समर्थन

छलावे से बाज आये, काले क़ानूनों को तत्काल रद्द करे केन्द्र सरकार: वामदल

लखनऊ- 13 जनवरी 2021, उत्तर प्रदेश के वामपंथी दलों ने दावा किया कि आपातकाल जैसी पाबंदियों के बावजूद उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन का समर्थन निरंतर बढ़ रहा है और आज आंदोलन के 50वें दिन प्रदेश के कोने कोने में तीनों काले क्रषी क़ानूनों की प्रतियाँ सैकड़ों स्थानों पर जलायी गईं।

ज्ञातव्य हो कि लोढ़ी/ मकर संक्रांति के अवसर पर एआईकेएससीसी ने आज क्रषी क़ानूनों की प्रतियां जलाये जाने का आह्वान किया था और वामपंथी दलों ने इसे समर्थन प्रदान किया था। अनेक जगह अन्य जनवादी दलों और सामाजिक संगठनों ने संयुक्त मोर्चे गठित कर आंदोलन के साथ खड़ा होने का निश्चय किया था।

तदनुसार आज जगह जगह से सुबह से ही काले क़ानूनों की प्रतियां जलाने की खबरें वामपंथी दलों के मुख्यालयों को प्राप्त होने लगीं। सोशल मीडिया पर फोटो एवं वीडियोज़ उपस्थित होने लगे। गोदी मीडिया भले अपने प्रसारण में इन कार्यवाहियों को स्थान न दे, सोशल मीडिया पर आज उत्तर प्रदेश और देश भर की प्रतियां दहन की कार्यवाहियाँ छायी हुयी हैं।

काले क़ानूनों की प्रतियां जलाये जाने से पहले अनेक जगह जुलूस निकाले गये, सभाएं की गयीं और कई जगह धरने दिये गये। सायंकाल सहयोगी संगठनों द्वारा केंडिल मार्च निकालने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। इसके अतिरिक्त यूपी के वामपंथी दलों के सहयोगी संगठन किसान आंदोलन के समर्थन में लगातार दिल्ली के विभिन्न वार्डरों खासकर गाजीपुर वार्डर पर पहुंच रहे हैं।

वामदलों ने केन्द्र सरकार की कठोर शब्दों में निंदा की कि वो काले क्रषी क़ानूनों को रद्द करने के बजाय छलावेपूर्ण कार्यवाहियों में मशगूल है। वह इस स्तर तक गिर चुकी है कि किसान आंदोलन में आतंकवादियों के प्रवेश की कुत्सित और मनगढ़न्त कहानियाँ गढ़ रही है। इसके दूरगामी परिणाम होंगे और किसानों का गुस्सा और भी बढ़ेगा, वामदलों ने चेताया है। क्यौंकि किसानों ने लाखों की तादाद में 50 दिनों तक शांतिपूर्ण आंदोलन करके इतिहास निर्मित कर दिया है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव डा॰ गिरीश, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी के राज्य सचिव डा॰ हीरालाल यादव, भाकपा, माले लिबरेशन के राज्य सचिव का॰ सुधाकर यादव एवं आल इंडिया फारबर्ड ब्लाक के राज्य संयोजक अभिनव कुशवाहा ने आज की ऐतिहासिक कार्यवाहियों के लिये सभी आंदोलनकारियों को बधाई दी है।

उन्होने 18 जनवरी को महिला किसान दिवस एवं 23 जनवरी को सुभाष जयंती पर किसान दिवस को और भी व्यापक तरीके से आयोजित करने का आह्वान किया है।

डा॰ गिरीश

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