पेज

शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021

उन्नाव कांड पर भाकपा की प्रतिक्रिया

उन्नाव कांड की भाकपा ने तीव्र भर्त्सना की। पीढ़ित परिवार के प्रति संवेदना जतायी

घटना की सीबीआई से जांच और तीसरी बिटिया को एम्स भेजने की मांग की 

राज्य सरकार से जघन्य वारदातों की नैतिक ज़िम्मेदारी लेने की मांग दोहराई

 लखनऊ- 19 फरबरी 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव मंडल ने उन्नाव की घटना, जिसमें कि दो बालिकाओं की मौत हो गयी और तीसरी गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती है, की कठोर शब्दों में निन्दा की और पीढ़ित परिवार के प्रति गहरी सहानुभूति जताई है।

यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव मंडल ने कहाकि उत्तर प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ घट रही असंख्य वारदातों में से ये एक विशिष्ट वारदात है। यह हाथरस कांड की पुनराव्रत्ति है। गज़ब की बात यह है कि राजधानी लखनऊ से सटा जिला- उन्नाव महिलाओं के लिये दुर्दांत स्थल बन गया है जहां एक से बढ़ कर एक लोमहर्षक घटनायें लगातार होरही हैं।

भाकपा ने कहाकि ये वारदातें जनता के गाढ़े पसीने की कमाई से टीवी चेनलों पर लगातार चल रहे उस विज्ञापन को मुंह चिढ़ा रही हैं जिसमें अलापा जारहा है कि यूपी की तो अब बात ही अलग है। हां यूपी की बात वाकई अलग है क्योंकि यह अपराध और अत्याचार प्रदेश बन गया है; भाकपा ने कहा है।  

भाकपा ने मांग की कि इससे पहले कि घटना और घटनास्थल के सबूत धूमिल हों, घटना की जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिये, और उसे कम से कम समय में जांच पूरी करने के निर्देश दिये जाने चाहिये। पीढ़ित परिवार भी शुरू से सीबीआई जांच की ही मांग कर रहा है। दूसरे- चिकित्साधीन बिटिया को एयर- एंबुलेंस से एम्स, दिल्ली तत्काल भेजा जाना चाहिये, ताकि उसके जीवन को बचाया जासके। उसका बचाया जाना अपराधियों को अंजाम तक पहुंचाने के लिये भी जरूरी है।

इससे पहले कि विपक्ष सरकार से त्यागपत्र की मांग करे, राज्य सरकार को इन वारदातों की नैतिक ज़िम्मेदारी तो लेनी ही चाहिए; भाकपा ने स्पष्ट कहा है।

डा॰ गिरीश, राज्य सचिव

भाकपा, उत्तर प्रदेश

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें