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सोमवार, 9 अगस्त 2021

उत्तर प्रदेश के वामपंथी दलों की आन लाइन बैठक संपन्न : लिए गये कई अहम फैसले


विद्युत ( संशोधन ) बिल 2021 के खिलाफ कल होने वाली अभियन्ताओं और कर्मचारियों की हड़ताल को संपूर्ण समर्थन प्रदान किया गया

केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार की मनमानी के खिलाफ और जनता के ज्वलंत सवालों पर 1 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर संयुक्त प्रदर्शन करने का लिया गया निर्णय

काकोरी कांड और भारत छोड़ो आंदोलन के महा योध्दाओं को नमन कर उनके प्रति आदरांजलि व्यक्त की गयी।

लखनऊ- 9 अगस्त 2021, उत्तर प्रदेश के वामपंथी दलों की आन लाइन बैठक आज संपन्न हुयी। बैठक में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव डा॰ गिरीश, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी- मार्क्सवादी के राज्य सचिव डा॰ हीरालाल यादव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी- एमएल, लिबेरेशन के सचिव का॰ सुधाकर यादव एवं आल इंडिया फारबर्ड ब्लाक के प्रदेश संयोजक अभिनव कुशवाहा शामिल रहे।

बैठक में सबसे पहले काकोरी कांड के महानायकों को नमन करते हुये उनके प्रति क्रान्तिकारी क्रतज्ञता ज्ञापित की गयी। आज के ही दिन 1925 को भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के क्रांतिकारियों द्वारा ब्रिटिश राज के विरूध्द भयंकर युध्द छेड़ने की इच्छा से हथियार खरीदने के लिये ब्रिटिश सरकार का खजाना लूटने को लखनऊ के निकट काकोरी स्टेशन पर ट्रेन रुकवा कर इस महान घटना को अंजाम दिया गया था। कम्युनिस्ट, सोशलिस्ट, और कांग्रेस आदि धाराओं के भारत छोड़ो आंदोलन के अमर नायकों के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया गया और उनके प्रति क्रान्तिकारी आदरांजली अर्पित की गयी। कहा गया कि जो लोग इन आंदोलनों और समूचे स्वतन्त्रता संग्राम का विरोध कर रहे थे और अंग्रेजों के पिट्ठू बने हुये थे, दुर्भाग्यवश वे ही आज  देश और प्रदेशों की गद्दी पर काबिज हैं और लोकतन्त्र, संविधान, अब तक की उपलब्धियों और आमजनों को निर्ममता से रौंद रहे हैं।

रेखांकित किया गया कि कम्युनिस्ट, सोशलिस्ट और लोकतान्त्रिक शक्तियाँ आज इन दोनों ऐतिहासिक पर्वों को धूमधाम से मना रहे हैं और देश भर में जनता के ज्वलंत सवालों पर आवाज उठा रहे हैं।

बैठक में विद्युत  ( संशोधन ) बिल 2021 के विरूध्द कल 10 अगस्त को होने जा रही विद्युत कर्मचारियों और अभियन्ताओं की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को समर्थन प्रदान करने का निर्णय लिया गया। वामदलों की कतारों का आह्वान किया गया कि वे इस हड़ताल को पूर्ण समर्थन प्रदान करें।

बैठक में प्रमुख एजेंडा पीड़ित जनता के विभिन्न सवालों पर आंदोलन करने का था। सर्वसम्मत निर्णय लिया गया कि महंगाई पर कारगर रोक लगाने, डीजल पेट्रोल रसोई गैस पर लगे असहनीय टैक्सों को पर्याप्त मात्रा में घटाने, हर बेरोजगार को काम दिलाने- मनरेगा में 200 दिन काम और प्रतिदिन 600 रुपये मजदूरी दिलाने, इस तरह की योजना शहरों में चलाये जाने, दवाओं और खाद्य वस्तुओं के दाम बांधने, हर व्यक्ति को रुपए 7500/- प्रति माह दिये जाने, खाने की सभी सामाग्री किट के रूप में उपलब्ध कराये जाने, टीकाकरण में तेजी लाने, जनता पर बोझ बढ़ाने वाले बिजली बिल 2021 को वापस लेने, तीन क्रषी क़ानूनों को वापस कराने, एमएसपी की गारंटी करने, योगी सरकार द्वारा दमनकारी असंवैधानिक आलोकतांत्रिक रवैया रोके जाने, कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने- दलितों अल्पसंख्यकों महिलाओं व अन्य कमजोर तबकों पर अत्याचार रोके जाने, भ्रष्टाचार पर कारगर रोक लगाने आदि सवालों पर 1 सितंबर 2021 को जिला मुख्यालयों पर संयुक्त प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।

केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार अंध निजीकरण से बाज आये, पैगासस कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करायी जाये, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सुधार किया जाये, गरीब बच्चों की पढ़ाई में हुयी हानि की भरपाई की जाये तथा आंदोलनकारी किसानों से सरकार तत्काल वार्ता करे आदि सवालों को भी उठाया जाएगा।

लोकतान्त्रिक जनता दल उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष जुबेर अहमद कुरैशी ने भी अपने दल की वामपंथी दलों के साथ आंदोलन में भागीदारी की घोषणा की है।

डा॰ गिरीश, राज्य सचिव

भाकपा, उत्तर प्रदेश              मो॰ नं॰ 9412173664, 7055893132

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