फ़ॉलोअर
बुधवार, 29 दिसंबर 2021
मंगलवार, 28 दिसंबर 2021
at 6:13 pm | 0 comments |
विधानसभा चुनाव फौरन घोषित हों
at 12:39 pm | 0 comments |
गरीबों और अमीरों के बीच खाई और चौड़ी हुयी 2021 में
शुक्रवार, 24 दिसंबर 2021
at 6:36 pm | 0 comments |
प्रकाशनार्थ
बुधवार, 22 दिसंबर 2021
at 6:22 pm | 0 comments |
प्रकाशनार्थ
रविवार, 28 नवंबर 2021
at 6:38 pm | 0 comments |
TET पेपर लीक के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार: भाकपा
शुक्रवार, 19 नवंबर 2021
at 6:32 pm | 0 comments |
प्रकाशनार्थ
बुधवार, 17 नवंबर 2021
at 8:55 pm | 0 comments |
प्रकाशनार्थ
सोमवार, 15 नवंबर 2021
at 3:56 pm | 0 comments |
उत्तर प्रदेश में जंगलराज
शुक्रवार, 5 नवंबर 2021
at 2:25 pm | 0 comments |
हिंदुत्व का प्रदूषण
गुरुवार, 4 नवंबर 2021
at 5:13 pm | 0 comments |
प्रकाशनार्थ
रविवार, 31 अक्टूबर 2021
at 1:41 pm | 0 comments |
उत्तर प्रदेश के वामदल फिर गर्म
शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2021
at 11:09 am | 0 comments | काला बाजारी, किल्लत, खरीद, खाद, धान, भाकपा भाजपा
खाद दो! धान खरीदो! वरना गद्दी छोड़ दो!
गुरुवार, 21 अक्टूबर 2021
at 6:43 pm | 0 comments |
आगरा में वाल्मीकि युवक हत्याकांड
भाकपा ने
हत्या के आरोप में पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने और
न्यायिक जांच
की मांग की
लखनऊ- 21 अक्तूबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव मंडल ने आगरा में वाल्मीकि
युवक की पुलिस द्वारा हत्या पर गहरा रोष जताते हुये इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है।
पार्टी ने सभी दोषी पुलिसकर्मियों को हत्या के अभियोग में गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार
को रुपए एक करोड़ मुआबजा दिये जाने, पीड़ित परिवार के एक को नौकरी
दिये जाने तथा घटना की जांच सर्वोच्च न्यायालय से कराने की मांग की है।
एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि
उत्तर प्रदेश सरकार हत्या और दमन की सरकार बन कर रह गयी है। हर दिन प्रदेश में किसी
न किसी मजदूर, किसान, दलित, महिला अथवा व्यापारी की हत्या पुलिस या भाजपा पोषित माफियाओं के हाथों होरही
है। ऊपर से प्रधानमंत्री डींगें हांक गए हैं कि यूपी में माफिया माफी मांग रहा है।
सच कहा जाये तो यूपी जंगलराज में तब्दील होचुका है। थाने में हुयी चोरी के सबूत मिटाने
को थाना पुलिस ने यह जघन्य कांड कर डाला। सच तो यह है कि मुख्यमंत्री ने पुलिस को शासन
का बेलगाम गिरोह बना रखा है।
भाकपा राज्य सचिव ने कहाकि पार्टी राज्य केन्द्र ने
भाकपा की जिला आगरा कमेटी को निर्देश दिया है कि पुलिस प्रताड़ना के शिकार वाल्मीकि
परिवार को न्याय दिलाने के लिये हर संभव प्रयास करें।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
सोमवार, 18 अक्टूबर 2021
at 7:19 pm | 0 comments |
उत्तर प्रदेश में बारिश से हुयी भारी तवाही की संपूर्ण भरपाई तत्काल करे राज्य सरकार: भाकपा
शासकों
के पापों की सजा किसानों को क्यों दे रही है कुदरत? कह रहे
हैं पीड़ित किसान
लखनऊ- 18 अक्तूबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार से
मांग की कि उत्तर प्रदेश के तमाम हिस्सों में बे- मौसम वारिश से हुयी भीषण तवाही
का तत्काल संज्ञान ले और फसल, धन और जनहानि की न्यायोचित
भरपाई को शीघ्र कारगर कदम उठाये।
एक प्रेस बयान में भाकपा सचिव मंडल ने कहाकि गत दो
दिनों से लगातार होरही भारी वारिश और बिजली गिरने से प्रदेश में कई दर्जन लोगों और
पशुधन की जानें चली गईं, सैकड़ों मकान ध्वस्त होगये और खरीफ
और रबी की दोनों फसलें बड़े पैमाने पर बर्वाद हुयी हैं। सरकार की नीतियों से पहले
ही आर्थिक रूप से खोखले हुये किसानों की तो मानो कमर ही टूट गयी है, और वे कह रहे हैं कि शासकों के पापों की सजा कुदरत किसानों को क्यों दे
रही है?
खरीफ फसलों में धान तो पूरी तरह नष्ट होगया है। जो
फसल कट गयी वो या तो डूब गयी या बह गयी है, और जो कट नहीं
पायी वो पूरी तरह से बिछ गयी है। अब जल जमाव और कीचड़ के चलते उसकी कटायी संभव नहीं
है। इसी तरह कार्तिकी बाजरा, अरहर उड़द,
मूंग, ग्वाल आदि
खरीफ फसलें भी पूरी तरह विनष्ट होगयीं हैं।
अभी अभी बोयी गयी रबी की फसलों की भी भारी हानि
हुयी है। जो आलू बोये जा चुके हैं वे जमीन के अंदर ही गल जाएंगे और जिनकी बोआई के
लिए खेत तैयार किए गये थे वो अब कई हफ्ते तक बोये नहीं जा सकेंगे। अभी अभी बोयी
गईं सरसों, मटर, पालक, मैथी, मूली, शलजम, धनियाँ और हाल ही
में रोपित टमाटर, बैगन, गोभी आदि की
फसलें भी नष्ट हो चुकी हैं।
हालात ये हैं कि इन दोनों फसलों में किसानों ने जो
भारी लागत लगाई वो भी डूब चुकी है। उत्तर प्रदेश के अधिकतर किसानों के सामने अगली
फसल की बोआई और जीवन- यापन का संकट आ खड़ा हुआ है। वारिश के अभी कई दिनों जारी रहने
की संभावना व्यथित करने वाली है। अप्रत्याशित बिजली कटौती से किसान पहले ही परेशान
हैं।
भाकपा ने सरकार से कहा कि वह किसानो, मुसलमानों और विपक्ष के खिलाफ चलाये जा रहे अपने झूठे प्रचार की तंद्रा
से बाहर आए और धन, जन और फसल हानि की संपूर्ण भरपायी तत्काल
करे।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने सफल रेल रोको आंदोलन, जिसको कि भाकपा ने समर्थन प्रदान किया था, के लिये
सभी किसान संगठनों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि वारिश से बरवादी की तत्काल भरपायी
को भी किसान संगठन प्रमुख मुद्दा बनायेंगे।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2021
at 6:47 pm | 0 comments |
पुतला दहन की आड़ में भाकपा कार्यकर्त्ताओं की अवैध गिरफ्तारी की निन्दा: तत्काल रिहा हों सभी कार्यकर्ता
लखनऊ- 15 अक्तूबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने आज उत्तर प्रदेश में बिना
किसी अभियोग अथवा वारंट के भाकपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की अवैध गिरफ्तारी और लोकतान्त्रिक
गतिविधियों को पुलिस के बल पर बाधित करने की कड़े शब्दों में निन्दा की है। भाकपा ने
सभी की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की है।
ज्ञात हो कि लखीमपुर किसान संहार में न्याय हासिल करने
और केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री की बर्खास्तगी को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने कई कार्यक्रमों
की घोषणा की है। आज प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पुतले दहन किये जाने थे। भाकपा
ने इन आंदोलनों को नैतिक समर्थन प्रदान किया है।
पुतले दहन से घबराई पुलिस ने कल रात से ही कई भाकपा
नेताओं और कार्यकर्ताओं को बिना कोई कारण बताये अथवा बिना वारंट दिखाये घरों से उठाकर
थानों में निरुध्द कर दिया। पार्टी कार्यालयों अथवा पुतला दहन के संभावित क्षेत्रों
को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। लेकिन फिर भी तमाम जगह पुतले जलाये गये और प्रदर्शन
कर ज्ञापन दिये गये। भाकपा ने यदि भौतिक समर्थन दिया होता तो यह कार्यवाही और भी जबर्दस्त
होती।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने आरोप लगाया कि केन्द्र
और राज्य सरकार अपने गुंडों और पुलिस प्रशासन के जरिये किसानों, व्यापारियों और गरीब तबकों की हत्यायेँ करा रही है,
वहीं विरोध प्रदर्शन के लिये पुतला दहन जैसी लोकतान्त्रिक गतिविधियों को पुलिस के बल
पर रौंद रही है। यही भाजपा जब विपक्ष में थी तो प्रधानमंत्रियों और मुख्यमंत्रियों
का पुतला जलाना इसका सबसे प्रिय शौक था। भाकपा भाजपा के इस दोगलेपन और निरंकुशता की
कड़े शब्दों में निन्दा करती है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
गुरुवार, 7 अक्टूबर 2021
at 11:38 am | 0 comments |
भाकपा प्रतिनिधिमंडल का लखीमपुर एवं बहराइच जनपदों का दौरा कल दिनांक- 8 अक्तूबर को
शहीद किसान और पत्रकार परिवारों का दुख दर्द साझा करेंगे भाकपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं राज्य सचिव डा॰ गिरीश एवं अन्य नेतागण
लखनऊ/ नई दिल्ली- 7 अक्तूबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी
के सदस्य एवं उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव डा॰
गिरीश के नेत्रत्व में कल दिनांक- 8 अक्तूबर 2021 को लखीमपुर एवं बहराइच जायेगा।
प्रतिनिधिमंडल केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री और उनके बेटे
के हमले में शहीद किसानों और पत्रकार परिवारों से भेंट कर उनका दुख दर्द बांटेगा तथा
घटनास्थल का निरीक्षण करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में डा॰ गिरीश के अतिरिक्त पार्टी की
राज्य कार्यकारिणी के सदस्य का॰ राजेश तिवारी, राज्य काउंसिल सदस्य
का॰ रघुराज सिंह, हरपाल सिंह भोजवाल, मो॰
सलीम, विजय त्रिवेदी, अखिल भारतीय नौजवान
सभा के राज्य अध्यक्ष विनय पाठक, किसान नेता गंगासिंह सहित अन्य
कई नेता शामिल रहेंगे।
गुरुवार, 30 सितंबर 2021
at 4:57 pm | 0 comments |
मनीष गुप्ता की मौत की ज़िम्मेदारी मुख्यमंत्री लें : त्यागपत्र दें- भाकपा
लखनऊ- 30 सितंबर 2021,
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव मंडल ने गोरखपुर पुलिस द्वारा
कानपुर के व्यवसायी मनीष गुप्ता की पीट पीट कर की गयी हत्या पर गहरी पीड़ा जतायी है।
मुख्यमंत्री के ठोक दो मिशन को अंजाम देते हुये उत्तर प्रदेश में पुलिस हर रोज निर्दोष
लोगों की हत्या कर रही है। मनीष की हत्या उसी मिशन का हिस्सा है,
भाकपा ने खुला आरोप लगाया है।
गनीमत है कि मनीष अल्पसंख्यक
समुदाय से नहीं हैं और न उनका आपराधिक रिकार्ड है। यदि ऐसा होता तो योगी पुलिस उन्हें
आतंकवादी बता कर अथवा जघन्य अपराधी बताकर वाहवाही लूटने से बाज नहीं आती।
भाकपा ने कहा कि हो सकता है
कि राज्य सरकार अपने कुप्रयासों से इस मामले को भी उसी तरह दफना दे जैसा कि उसने लखनऊ
पुलिस द्वारा एक कारपोरेट कर्मचारी की गोली मार कर की गयी हत्या के मामले को ठंडा कर
दिया। लेकिन आज उत्तर प्रदेश का एक एक नागरिक खौफजदा है,
और ऐसा खौफनाक कांड किसी के भी साथ, कभी भी और कहीं भी हो सकता है।
भाकपा ने कहा कि पूर्व के गैर
भाजपा मुख्यमंत्रियों से छोटी छोटी बातों पर त्यागपत्र मांगने वाली भाजपा आज एक से
एक संगीन मामले घटित होने के बावजूद ध्रतराष्ट्र बनी हुयी है। भाकपा ने मुख्यमंत्री
से मांग की है कि हत्या की ज़िम्मेदारी लेते हुये वे तत्काल त्यागपत्र दें। उन्होने
सभी विपक्षी दलों से कहा कि अब वक्त आ चुका है जब समस्त विपक्ष को उनसे फौरन स्तीफ़ा
मांगना चाहिए।
भाकपा ने कहा कि झूठी मक्कार
और हत्यारी इस सरकार और उसके मातहत मशीनरी से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। अतएव
हत्या की जांच उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायाधीश के द्वारा करानी चाहिए। गोरखपुर के
एसएसपी सहित सभी जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर हत्या का मुकदमा दर्ज किया
जाना चाहिए। मुआबजे, नौकरी और पीड़ित परिवार की अन्य मांगों को तत्काल पूरा
किया जाना चाहिए।
डा॰ गिरीश,
राज्य सचिव
भाकपा,
उत्तर प्रदेश
सोमवार, 27 सितंबर 2021
at 5:55 pm | 0 comments |
CPI on Bharat Band
अभूतपूर्व
रहा किसानों- कामगारों का भारत बन्द
भाकपा ने
सभी बन्द समर्थकों को दिली मुबारकबाद दी
सरकार को
चेताया कि वह दीवार पर लिखी इबारत को समझे वरना नतीजे भुगतने को तैयार रहे
लखनऊ- 27 सितंबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने दावा किया कि भाजपा और उसकी
सरकारों द्वारा खड़े किये गये तमाम अवरोधों के बावजूद आज भारत बन्द और उत्तर प्रदेश
बन्द पूरी तरह सफल रहा। मुख्यतः यह किसानों कामगारों का बन्द था और उन्होने अपना काम
पूरी तरह बन्द रखा। उनकी अपील पर तमाम बाजार, स्कूल, वाहन, कचहरियाँ आदि भी बन्द रहे। किसान संगठनों के आह्वान
पर इन दस माहों में हुयी जन कार्यवाहियों में आज की कार्यवाही बहुत बड़ी थी। भाकपा ने
बन्द में भाग लेने वाले और बन्द समर्थकों सभी को बधाई दी है।
उत्तर प्रदेश में तानाशाह योगी सरकार ने गत रात से ही
किसान नेताओं, भाकपा एवं वामपंथी नेताओं की गिरफ्तारी शुरू कर
दी थी। अनेकों नेताओं को घरों में बन्द कर दिया। विरोध प्रदर्शनों की राह में रोड़े
खड़े किये और अनेक जगह प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। बावजूद इसके बन्द पूरी
तरह कामयाब रहा।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि विभिन्न किसान
यूनियनों और वाम किसान संगठनों ने बन्द को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यद्यपि तमाम दलों ने बन्द के समर्थन का ऐलान किया था लेकिन उत्तर प्रदेश में सड़कों
पर भाकपा और वामपंथी दलों के समूह अधिक दिखे। लाल झंडों का इतना बड़ा सैलाव देश प्रदेश
में कई वर्ष बाद देखने को मिला।
भाकपा ने कहाकि भाजपा सरकार दीवार पर लिखी खुली इबारत
को समझे और तीनों काले क्रषी क़ानूनों की वापसी, एमएसपी कानून बनाने, विद्युत बिल 2020 को रद्द करने, सार्वजनिक क्षेत्र को
बेचे जाने से बाज आने व रोजगार देने, महंगाई को नीचे लाने और
विभाजन तथा तानाशाही की राजनीति बन्द करने की तत्काल घोषणा करे। वरना पीड़ित जनता की
आंधी में उसका तंबू ध्वस्त हो जायेगा।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
रविवार, 26 सितंबर 2021
at 7:06 pm | 0 comments |
CPI on Cabinet expension of UP
भाजपा के भय, भ्रम और बदहवाशी को
दर्शाता है आचार संहिता की पूर्ववेला में किया गया उत्तर प्रदेश का मंत्रिमंडल विस्तार:
डा॰ गिरीश
लखनऊ- 26 सितंबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव
मंडल ने कहा कि जब विधान सभा चुनाव के मात्र 5 माह बचे हैं, उत्तर
प्रदेश मंत्रिमंडल के विस्तार से भाजपा के भय, भ्रम और बदहवाशी
सामने आगये हैं। नये मंत्रियों में से कई तो विधान मंडल के सदस्य तक नहीं और उनके विधान
मंडल पहुंचने से पहले ही यह सरकार समाधिस्थ हो जाएगी। कुछ दिन के बाद आचार संहिता लग
जायेगी और माननीय मंत्रीगण निठल्ले बैठ कर जनता के धन से वेतन भत्ते पायेंगे और इनके
बल पर भाजपा का प्रचार करेंगे।
यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश
ने कहा कि साधे गये जातीय समीकरणों से साबित होगया है कि भाजपा सरकार का विकास का दावा
पूरी तरह खोखला है। झूठ और झूठे प्रचारतंत्र से गड़े गये विकास के दावों में जरा भी
दम होता तो भाजपा को इस नंगेपन से जातियों की शरण में न जाना पड़ता। यह इस बात का भी
सूचक है कि भाजपा के सहयोगी दल उसे छोड़ चुके हैं और केवल दो दल ही उसके साथ हैं। इसीलिए
भाजपा बसपा मार्का अंतर्पार्टी जातीय गठजोड़ में जुटी है।
ऐसे समय में जब महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी सारे रिकार्ड तोड़ चुके हैं, किसानों- कामगारों से पाकिस्तानी नागरिकों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, कानून व्यवस्था औंधे मुंह पड़ी है और महिलाओं, दलितों
और अल्पसंख्यकों को बड़े पैमाने पर जुल्मों का शिकार बनाया जा रहा है; वोटों का गणित बैठाने को भाजपा अब सांप्रदायिक विभाजन के साथ ही जातीय विभाजन
के भरोसे है। लेकिन चुनाव से चंद माह पहले हुआ यह विस्तार भाजपा के खोखलेपन की पोल
खोलने वाला है और जनता इसे भलीभाँति समझती है।
सच कहा जाये तो यह विस्तार भाजपा के लिये विपरीत परिणाम
देने वाला साबित होगा।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा , उत्तर प्रदेश
शुक्रवार, 24 सितंबर 2021
at 6:18 pm | 0 comments |
Cast Census
जातिगत जनगणना
से मुकरने से भाजपा सरकार का असली चेहरा सामने आया
भाकपा ने 2021 की जनगणना में जाति को शामिल करने
की मांग को पुनः दोहराया
लखनऊ- 24 सितंबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कहाकि कठिन और बोझिल प्रक्रिया बता कर जातिगत
जनगणना को टालने के निर्णय से भाजपा की केन्द्र सरकार का असली चेहरा सामने आगया है।
ज्ञात हो कि सर्वोच्च न्यायालय को केन्द्र सरकार ने सूचित किया है कि 2011 की जनगणना
में जाति को जोड़ने को लेकर अनेक कठिनाइयां आयी थीं, अतएव जातिगत
जनगणना न कराये जाने का नीतिगत निर्णय लिया गया है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव मंडल
ने अपनी इस मांग को जोरदार शब्दों में दोहराया कि 2021 की जनगणना में जाति को शामिल
किया जाये। इससे सामाजिक संरचना पर पड़े रहस्य के पर्दे हटेंगे और अवसरों के न्यायपूर्ण
वितरण के आधार मजबूत होंगे।
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने कहा कि अपने कारपोरेटपरस्त, तानाशाह और सांप्रदायिक एजेंडे को लागू करने और सत्ता शिखर तक पहुँचने को
भाजपा और उसकी सरकार जिन जातियों को ईंधन की तरह इस्तेमाल करती है, उन्हीं को न्याय से वंचित रखने में उसे जरा भी गुरेज नहीं होता। वह धड़ल्ले
से जाति को जनगणना में शामिल करने के सवाल से भाग रही है। भाकपा इसे बर्दाश्त नहीं
करेगी और उसके कार्यकर्ता इस सवाल को जनता के बीच ले जायेंगे।
भाकपा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विपक्षी पार्टियों
को इस सवाल पर एकजुट हो आवाज उठानी चाहिये और भाजपा सरकार को अपने इस तुगलकी फैसले
को वापस लेने को बाध्य करना चाहिये।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
at 2:02 pm | 0 comments |
बटाईदारों से फसल न खरीदने का फैसला किसान विरोधी: तत्काल वापस ले केन्द्र सरकार - भाकपा
लखनऊ- 24 सितंबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव
मंडल ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह शासन प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को
रोकने के बजाये, हर तरह से किसानों को बरवाद करने पर आमादा है।
बटाईदार किसानों से धान और गेहूं की सरकारी खरीद न किये जाने का तुगलकी फैसला किसानों
की रही सही कमर भी तोड़ देगा।
राज्य सरकार राशन प्रणाली में धांधली रोकने और एमएसपी
खरीद में पारदर्शिता स्थापित करने में असफल रही है। अपनी इस असफलता का ठीकरा बटाईदार
किसानों पर फोड़ना चाहती है। इसीलिए उसने ऐसा फैसला लिया है।
भाकपा ने कहा कि आज तमाम
छोटी जोतों वाले किसान अपनी ज़मीनें बटायी या वार्षिक पट्टे पर देकर शहरों में नौकरियाँ
करने चले जाते हैं। कई अशक्त, बुजुर्ग और महिला किसान भी अपनी ज़मीनें बटाईदार किसानों
को देकर खेती करवाते हैं। अब सरकार के नए फैसले के अनुसार ये किसान सरकारी खरीद केन्द्रों
पर धान/ गेहूं नहीं बेच पाएंगे और उन्हें बाज़ारों में बेच कर भारी घाटा उठाएंगे। और
आगे से वे बटायी पर खेती कर नहीं पाएंगे तो हजारों किसानों की ज़मीनों पर खेती हो नहीं
पायेगी। और ज़मीनें खाली रहने पर किसान उसे बेचने को बाध्य होंगे। सरकार ऐसा ही चाहती
है।
भाकपा ने कहाकि पहले तीन काले क्रषी कानून व विद्युत
बिल 2020 लाकर सरकार ने किसानों की ज़मीनें कार्पोरेट्स के हवाले कराने का रास्ता खोल
दिया है। अभी तक एमएसपी की गारंटी वाला कानून तक नहीं बनाया। गन्ना मूल्य घोषित नहीं
किया, और अब एमएसपी पर उपज न खरीदने का रास्ता भी खोज लिया। निश्चय ही यह कदम घनघोर
किसान क्रषी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए घातक है। भाकपा इस पर कडा विरोध जताती
है, और इसको रद्द करने की मांग करती है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
गुरुवार, 9 सितंबर 2021
at 2:28 pm | 0 comments |
किसानों के साथ छलावा है केन्द्र सरकार द्वारा घोषित एमएसपी : भाकपा
लखनऊ- 9 सितंबर 2021, भारतीय
कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव मंडल ने कल केन्द्र
सरकार द्वारा गन्ने और रबी फसलों के
समर्थन मूल्य में अति अल्प व्रध्दी को किसानों के साथ छलावा और उन्हें पूरी तरह
बरवाद करने वाला कदम बताया है। किसान तो एमएसपी की गारंटी करने वाला कानून मांग
रहे थे, गारंटी तो दूर सरकार ने एमएसपी निर्धारण में ही धोखा
कर दिया, भाकपा ने आरोप लगाया है।
किसानों की आमदनी दो गुना करने का दावा करने वाली
सरकार ने गन्ने के मूल्य में मात्र 1. 75 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर इसे 285 से 290
रुपये कुंतल किया है। गेहूं की कीमत 1975 से बढ़ा कर 2015 रूपये कर मात्र 2 प्रतिशत
की व्रध्दी की है। इसी तरह अन्य जिंसों की कीमतों में मामूली बढ़ोत्तरी की है। यह
महंगाई की मार से देवलियापन की स्थिति तक पहुंचे किसानों के जले पर नमक छिड़कना
जैसा है।
सरकार ने दावा किया हुआ है कि उसने स्वामीनाथन
कमेटी की रिपोर्ट को लागू कर दिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार किसानों की जुताई, सिंचाई खाद, बीज, बिजली, कीटनाशक आदि की लागत+ उसका श्रम और देखरेख का खर्च+ उगायी गयी फसल वाली
जमीन का किराया जोड़ कर एमएसपी निर्धारित किया जाना चाहिए। लेकिन सरकार ने इस बीच
डीजल पेट्रोल बिजली के दाम आसमान पर पहुंचा दिये, खाद, कीटनाशक, ट्रैक्टर और अन्य क्रषी उपकरणों के दामों
में भारी बढ़ोत्तरी कर दी, अब प्रमुख फसलों पर मात्र 2
प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर एमएसपी को बेमानी बना दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेत्रत्व वाली मूल्य निर्धारण
संबंधी समिति के इस निष्कर्ष कि गेहूं की लागत 1008 रुपये कुंतल आती है को चुनौती
देते हुये भाकपा ने कहा कि या तो सरकार इस आंकड़े को साबित करके दिखाये, नहीं तो स्वामीनाथन समिति के फार्मूले पर संशोधित मूल्य घोषित करे। लागत
में अगली मार्च तक होने वाली संभावित बढ़ोत्तरियों को भी जोड़ा जाना चाहिये।
भाकपा ने कहाकि सरकार किसानो की जरूरत की जिंसो को
महंगा बना कर औसत किसान की जेब से साल में कम से कम 50 हजार रूपये निकलवा रही है
और उनमें से कुछ को 6 हजार सालाना की खैरात देकर शेष को ठेंगा दिखा रही है।
किसानों की माली हालत बेहद जर्जर हो चुकी है और खेती में निरंतर घाटे के चलते वे
परिवार का भरण पोषण और इलाज पढ़ाई तक देने में असमर्थ होगये हैं। उनमें से अनेक
आत्महत्यायें कर रहे हैं अथवा पलायन को मजबूर हैं। वे खेतिहर मजदूरों को अपरिहार्य
वेतन नहीं दे पारहे अतएव खेत मजदूर भी लगातार पलायन कर रहे हैं और गाँव उजाड़ होते
चले जारहे हैं।
भाकपा ने कहाकि लगता है देश भर में चल रहे ऐतिहासिक
किसान आंदोलन से सरकार ने कोई सबक नहीं लिया और किसानों की परेशानी बढ़ाने वाला
असरहीन एमएसपी घोषित कर दिया। इस धोखाधड़ी से किसानों में और भी गुस्सा बढ़ेगा और
किसान आंदोलन और व्यापक होगा।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
शुक्रवार, 3 सितंबर 2021
at 1:38 pm | 0 comments |
समूचे उत्तर प्रदेश में फैलते जारहे जानलेवा बुखार से मौतों पर भाकपा ने गहरी चिन्ता जताई
कहा- ईवेंटफुल कारगुजारियों पर समय जाया करने के बजाय
लोगों के जीवन की रक्षा करे राज्य सरकार
लखनऊ- 3 सितंबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने कहाकि राज्य सरकार की मुजरिमाना लापरवाही और स्वास्थ्य
सेवाओं की उपेक्षा के चलते आज डेंगूनुमा जानलेवा बुखार का प्रदेश में दायरा बढ़ता ही
जारहा है और यदि अब भी तत्काल कारगर कदम नहीं उठाये गये तो यह भी कोरोना की दूसरी लहर
की तरह प्रदेश में हा हाकार मचा देगा। भाकपा ने राज्य सरकार को आगाह किया कि वो अपने
नाटकीय क्रत्यों का परित्याग कर महामारी से लोगों को बचाने को युद्ध स्तर पर कार्यवाही
करे।
एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव मंडल ने कहाकि आगरा
मंडल के मथुरा और फीरोजाबाद जनपदों में एक माह में बच्चों एवं बड़ों की सैकड़ों जान लेचुकी
बीमारी आज आगरा, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर आदि मंडलों में पाँव पसार चुकी है और हजारों लोगों को अपनी चपेट में
लेचुकी है। हालात यह हैं कि सीएचसी, पीएचसी एवं अन्य सरकारी अस्पतालों
में पलंग न मिल पाने से लोग बेंचों और बराण्डों में इलाज कराने को मजबूर हैं अथवा निजी
अस्पतालों में लुटने- पिटने और जान गँवाने को अभिशप्त है। अकेले फीरोजाबाद में ही सत्तर
से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं और वहां का मेडिकल कालेज और कई निजी अस्पताल मरीजों
से अटे पड़े हैं।
कोरोना की दूसरी लहर जैसी भयावह स्थिति आ उपस्थित होने
के बावजूद न तो प्रदेश में कहीं फागिंग होती दिख रही है न कीटनाशकों का छिड़काव। अधिकांश
नगर निकायों और विविध पंचायतों को जबरिया हथियाए बैठी भाजपा का ध्यान साज सफाई पर भी
नहीं है। कोविडकाल से ही भाकपा और वामपंथी पार्टियां स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और
उन्हें प्रभावी बनाने की मांग कर रहीं थीं, मगर उस ओर ध्यान देने
के बजाय राज्य सरकार वोट बटोरने की गरज से ईवेंटफुल कारगुजारियों में जुटी रही।
परिणाम यह है कि एक और महामारी ने प्रदेश को अपनी गिरफ्त
में लेलिया और सरकार बयानों, विजिट्स और कुछ तबादलों पर लटक
कर रह गयी है। भले ही राज्य सरकार कोरोना को हराने के दंभपूर्ण दावे करे लेकिन अभी
भी प्रदेश में कोरोना उपस्थिती दर्ज करा रहा है। विगत 24 घंटों में ही राजधानी लखनऊ
में कोरोना के सात मरीजों सहित 18 जनपदों में कोरोना पाजिटिव केस मिले हैं। लापरवाहियों
के चलते यह कभी भी छलांग भर सकता है।
सरकार और सत्ताधारी दल न केवल लोगों के स्वास्थ्य के
प्रति उपेक्षा बरत रहे हैं अपितु बीमारियों के प्रसार की राह हमवार कर रहे हैं। विपक्ष
की जहां लोकतान्त्रिक और प्रोटोकाल पालन करने वाली कार्यवाहियाँ बाधित की जारही हैं, वहीं शासक दल की कथित जन आशीर्वाद यात्राओं में प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ाई
जारही हैं। एक नेता के स्म्रति भोज में एकत्रित लाखों भोजनार्थियों जिनमें 90 प्रतिशत
भाजपायी थे, ने सारे नियम कानूनों और कोविड प्रोटोकाल को हवा
में उड़ा दिया। आश्चर्य की बात है कि तबलीगी जमात पर चीख चीख कर कोरोना फैलाने के आरोप
लगाने वाले टीवी चेनलों ने वहाँ हुयी मारामारी की एक झलक तक नहीं दिखाई।
भाकपा ने सरकार से मांग की कि तत्काल प्रदेश के ग्रामीण
क्षेत्रों में कारगर सफाई अभियान चलवाये, व्यापक पैमाने पर
फागिंग और कीटनाशक छिड़कवाए, अस्पतालों में मानवीय गरिमा के अनुकूल
इंडोर वार्ड्स और पलंगों की व्यवस्था कराये, दवाओं और जांच की
माकूल व्यवस्था कराये तथा स्वास्थ्य विभाग की सक्षम और संसाधनों से युक्त टीमें गांवों
और शहरी आबादियों में पहुंच कर छानबीन, जांच और इलाज को अंजाम
दें।
वोटों की लालसा में सामाजिक विभाजन के लिये नाम बदलने
और आस्था के दोहन के लिये शराब और मीट बंदी जैसे कामों में लिप्त सरकार से अपेक्षा
की जाती है कि वह उन लोगों के जीवन बचाने और जीवनयापन को प्राथमिकता दे जिनके कि वोटों
से चुन कर वह सत्तारूढ़ हुयी है, भाकपा ने कहा है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
गुरुवार, 2 सितंबर 2021
at 2:47 pm | 0 comments |
शराब और मीट पर पाबन्दी के तुगलकी फरमान से मथुरा एवं अन्य स्थानों पर रोजी रोटी से वंचित हो जाएंगे हजारों लोग। फैसले से बाज आये राज्य सरकार।
लखनऊ- 2 सितंबर 2021, भारत की
परंपरा ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ की है, इसीसे भारत का गौरव बढ़ेगा, हिन्दुत्व का गौरव बढ़ाने
के नाम पर हजारों लोगों की रोजी रोटी छीनने और उनके परिवारों को भुखमरी की
विभीषिका में धकेलने से नहीं।
उपर्युक्त विचार एक प्रेस बयान में भारतीय
कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने व्यक्त किये। डा॰ गिरीश सूबे के मुख्यमंत्री
श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मथुरा में मीट और शराब की बिक्री पर पाबंदी लगाने के
फैसले पर अपनी पार्टी की प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे।
उन्होने कहाकि इस मनहूस फैसले से मथुरा के तमाम
गरीब जिनमें दलित और अल्पसंख्यक अधिक हैं, भुखमरी के कगार
पर पहुंच जाएंगे। जनराजस्व की भी बड़ी हानि होगी। उन्होने आरोप लगाया कि जब से
भाजपा सत्ता में आयी है, लोगों के रोजगार छीनने में जुटी है।
उनको वैकल्पिक रोजगार देने की व्यवस्था किये बिना दसियों हजार लोगों की रोजी रोटी
छीनना कहीं से भी उचित नहीं है।
यदि मीट और शराब की बिक्री रोकने से ही हिन्दुत्व
का गौरव बड़ता है तो इसकी शुरुआत योगीजी को अपने गृह जनपद गोरखपुर से करनी चाहिये।
और फिर यह गौरव मथुरा तक सीमित क्यों रहे, इसे समूचे उत्तर
प्रदेश में विस्तार देना चाहिये। ये कितना उपहासास्पद है कि जो सरकार जहरीली शराब
का निर्माण और बिक्री तथा उससे होने वाली मौतों को नहीं रोक पारही वह असली शराब की
बिक्री रोक कर हिन्दुत्व को परवान चड़ाएगी। जो सरकार राजस्व के लालच में पीक कोविड काल
में शराब बिकवाती रही वह अपनी सनक को पूरा करने को उसे बिकने से रोकेगी।
सरकार ने पहले ही मथुरा के कई कस्बों में मीट की
बिक्री पर पाबंदी लगा कर हजारों को रोजगार से वंचित कर रखा है। अब नया फरमान
दसियों हजार लोगों के मुंह का निवाला छीनेगा। राज्य सरकार ने पहले ही हजारों
सरकारी नौकरियों में भर्ती को उलझा के रखा हुआ है, और चन्द
नौकरियाँ दी भी जातीं हैं तो मुख्यमंत्री नियुक्तिपत्र स्वयं वितरित कर राजनीतिक
लाभ उठाने में जुट जाते हैं। भाजपा राज में रोजगार से वंचित लोग आत्महत्यायें कर
रहे हैं और भुखमरी तथा अर्थाभाव से जनित बीमारियो से मर रहे हैं।
ऐसे में मथुरा में शराब और मीट की बिक्री पर
पाबन्दी लगाना लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना है।
भाकपा ने कहाकि यदि मगरूर सरकार पाबन्दी लगाना ही
चाहती है तो पहले इस कारोबार और इसके सहयोगी कारोबार से जुड़े लोगों को वैकल्पिक
रोजगार की व्यवस्था करानी चाहिये, तब किसी पाबन्दी की सोचना
चाहिये। भाकपा ने मथुरा एवं उत्तर प्रदेश के समस्त नागरिकों से अपील की कि
हिन्दुत्व की आड़ में लोगों की रोजी रोटी छीनने वाले इस घिनौने आदेश का पुरजोर
विरोध करें।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
बुधवार, 1 सितंबर 2021
at 7:21 pm | 0 comments |
उत्तर प्रदेश: आम जनता की ज्वलंत समस्याओं को लेकर वामदलों ने समूचे उत्तर प्रदेश में जबर्दस्त प्रदर्शन किये
लखनऊ- 1 सितंबर
2021, उत्तर प्रदेश के चार वामपंथी दलों- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी ), भाकपा माले-
लिबरेशन एवं आल इंडिया फारबर्ड ब्लाक के तत्वावधान में आज आसमान छूती महंगाई, बेरोजगारी, बुखार से होरही मौतों और बाढ़ की विभीषिका
से तवाही, भुखमरी और अर्थाभाव से की जारही आत्महत्याएं, जर्जर कानून व्यवस्था, भाजपा द्वारा चलायी जारही विभाजन
और तानाशाही की राजनीति और बांदा जनपद में स्वतन्त्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान
करने वाले अधिकारियों और भाजपाइयों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही जैसे ज्वलंत सवालों पर आज
समूचे प्रदेश में बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर कर दस्तक दी।
कई जिलों में वामदलों के साथ लोकतान्त्रिक जनता दल के
कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल रहे। जिलों जिलों में धरने और प्रदर्शनों के बाद महामहिम
राष्ट्रपति महोदय और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपे गए। भारी वारिश
के बावजूद वामपंथियों का यह आंदोलन उल्लेखनीय ढंग से सफल रहा, भले ही हमेशा की तरह टीवी चेनलों ने इसे नजरंदाज किया है।
ज्ञापनों में महंगाई पर कारगर रोक लगाने, डीजल पेट्रोल रसोई गैस पर लगे असहनीय टैक्सों को पर्याप्त मात्रा में
घटाने, सार्वजनिक उपक्रमों की बिक्री रोके जाने, हर बेरोजगार को काम दिलाने- मनरेगा में 200 दिन काम और प्रतिदिन 600
रुपये मजदूरी दिलाने, इस तरह की योजना शहरों में चलाये जाने, दवाओं और खाद्य वस्तुओं के दाम बांधने, हर व्यक्ति
को रुपए 7500/- प्रति माह दिये जाने, खाने की सभी सामग्री
किट के रूप में उपलब्ध कराये जाने, टीकाकरण में तेजी लाने, जनता पर बोझ बढ़ाने वाले बिजली बिल 2021 को वापस लेने, तीन क्रषी क़ानूनों को वापस कराने, एमएसपी की गारंटी
करने, योगी सरकार द्वारा दमनकारी असंवैधानिक आलोकतांत्रिक
रवैया रोके जाने, कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने- दलितों
अल्पसंख्यकों महिलाओं व अन्य कमजोर तबकों पर अत्याचार रोके जाने, भ्रष्टाचार पर कारगर रोक लगाने की मांग की गयी है।
साथ ही पैगासस कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की
निगरानी में करायी जाये, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और
सुधार किया जाये, बुखार से होरही मौतों से जान की रक्षा की जाये, बाढ़ की विभीषिका से तवाही का मुआबजा दिया जाये, गरीबों
को आवास दिलाये जायें, गरीब बच्चों की पढ़ाई में हुयी हानि की
भरपाई की जाये तथा आंदोलनकारी किसानों से सरकार तत्काल वार्ता करे आदि सवालों को
भी उठाया गया। बांदा में स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने
वाले अधिकारियों और भाजपाइयों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग की गयी।
बयान जारी किये जाने तक लखनऊ, गोरखपुर, कुशीनगर, संत कबीर नगर, बस्ती, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र, भदोही, सुल्तानपुर, अयोध्या, इलाहाबाद, मछलीशहर ( जौनपुर ), खागा ( फ़तेहपुर ), प्रतापगढ़, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, उरई ( जालौन
), झांसी, ललितपुर, कानपुर महानगर, कानपुर देहात,
औरैया, कायमगंज ( फरुखाबाद ), बरेली, बदायूं, पूरनपुर ( पीलीभीत ),
शाहजहाँपुर, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा एवं मैनपुरी आदि जनपदों में सफल आंदोलन
की खबरें सोशल मीडिया से प्राप्त हो चुकी हैं।
वामपंथी दलों के नेताओं ने आज फिर रसोई गैस के दाम 25
रुपये बढ़ाए जाने पर गहरा आक्रोश जताया। महंगाई की मार से पीढ़ित जनता के ऊपर यह बड़ा
कुठराघात है। भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश, माकपा राज्य सचिव
डा॰ हीरालाल यादव, भाकपा माले सचिव का॰ सुधाकर यादव, आ॰ इ॰ फारबर्ड ब्लाक के राज्य संयोजक अभिनव कुशवाहा एवं लोकतान्त्रिक जनता
दल के प्रदेश अध्यक्ष जुबेर अहमद कुरेशी ने सभी आंदोलनकारियों को बधाई दी है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर
प्रदेश मो॰ नं॰ 9412173664, 7055893132
गुरुवार, 26 अगस्त 2021
at 4:22 pm | 0 comments |
सुस्पष्ट नीति निर्धारण एवं क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय जनगणना में जाति के आंकड़े शामिल किये जायें: भाकपा, उत्तर प्रदेश
लखनऊ- 26 अगस्त 2021, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव मंडल की बैठक आज यहां पार्टी के कैसरबाग स्थित कार्यालय
पर संपन्न हुयी। बैठक की अध्यक्षता भारतीय
कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने की। का॰ इम्तेयाज़ अहमद पूर्व विधायक
एवं का॰ अरविंदराज़ स्वरूप ने चर्चा में भाग लिया।
बैठक में मुख्य रूप से जनता खासकर किसान मजदूरों और
नौजवानों के ज्वलंत सवालों पर 1 सितंबर को होने वाले राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारियों
की समीक्षा की गयी, राष्ट्रीय जनगणना में जाति को शामिल किए जाने पर गहन चर्चा
हुयी, केन्द्र सरकार द्वारा सरकारी संस्थानों को बेचे जाने पर
रोष जताया गया और विधान सभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा की गयी।
ज्ञात हो कि भाकपा उत्तर प्रदेश की निरंकुश और घोर जनविरोधी
सरकार को सत्ता में वापसी से रोकना चाहती है, अतएव वामपंथी एवं
लोकतांत्रिक शक्तियों की व्यापक एकता चाहती है।
बैठक में वामपंथी दलों के संयुक्त तत्वावधान में 1 सितंबर
को प्रदेश भर में होने वाले जन प्रदर्शन की तैयारियों का जायजा लिया गया। पाया गया
कि पूरे प्रदेश में इस आंदोलन की व्यापक तैयारियां चल रही हैं। यह आंदोलन महंगाई
पर कारगर रोक लगाने, डीजल पेट्रोल रसोई गैस पर लगे
असहनीय टैक्सों को पर्याप्त मात्रा में घटाने, सार्वजनिक उपक्रमों
की बिक्री रोके जाने, हर बेरोजगार को काम दिलाने- मनरेगा में
200 दिन काम और प्रतिदिन 600 रुपये मजदूरी दिलाने, इस तरह की
योजना शहरों में चलाये जाने, दवाओं और खाद्य वस्तुओं के दाम
बांधने, हर व्यक्ति को रुपए 7500/- प्रति माह दिये जाने, खाने की सभी सामग्री किट के रूप में उपलब्ध कराये जाने, टीकाकरण में तेजी लाने, जनता पर बोझ बढ़ाने वाले
बिजली बिल 2021 को वापस लेने, तीन क्रषी क़ानूनों को वापस
कराने, एमएसपी की गारंटी करने, योगी
सरकार द्वारा दमनकारी असंवैधानिक आलोकतांत्रिक रवैया रोके जाने, कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने- दलितों अल्पसंख्यकों महिलाओं व अन्य
कमजोर तबकों पर अत्याचार रोके जाने, भ्रष्टाचार पर कारगर रोक
लगाने आदि सवालों पर होने जारहा है।
साथ ही पैगासस कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की
निगरानी में करायी जाये, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और
सुधार किया जाये, गरीब बच्चों की पढ़ाई में हुयी हानि की
भरपाई की जाये तथा आंदोलनकारी किसानों से सरकार तत्काल वार्ता करे आदि सवालों को
भी उठाया जाएगा।
ज्ञात हो कि लोकतान्त्रिक जनता दल, उत्तर प्रदेश ने भी वामपंथी दलों के साथ आंदोलन में भागीदारी की घोषणा की
है। स्थानीय स्तर पर कई दलों और सामाजिक समूहों का समर्थन भी आंदोलन को मिल रहा है।
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने पार्टी के केन्द्रीय सचिव
मंडल द्वारा दोहराये गये इस रुख का समर्थन किया है कि राष्ट्रीय जनगणना में जाति के
आंकड़े संग्रहीत कर नीतिगत निर्णय लिये जायें।
राज्य सचिव मंडल ने उत्तर प्रदेश विधान सभा के चुनावों
हेतु पार्टी की तैयारियों पर का जायजा भी लिया। पार्टी जनता के हितों की रक्षा हेतु
किए गये संघर्षों और आंदोलनों के आधार पर चुनाव लड़ती है। इसके अतिरिक्त भी जिलों में
तैयारियों हेतु पार्टी कार्यकर्ता और समर्थकों की आम सभाएं करने का निश्चय किया है।
ऐसी एक सभा दिनांक 28 अगस्त को हमीरपुर जनपद के मौदहा में तथा 29 अगस्त को चित्रकूट
में होगी।
इन सभाओं में राज्य सचिव डा॰ गिरीश, सहसचिव का॰ अरविंदराज़ स्वरूप, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य
का॰ रामचंद सरस तथा उत्तर प्रदेश नौजवान सभा के प्रदेश संयोजक विनय पाठक आदि संबोधित
करेंगे।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर
प्रदेश मो॰ नं॰ 9412173664, 7055893132
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