भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद घोषणा करती है कि मणिपुर और पूर्वोत्तर क्षेत्र में वर्तमान संकट भारत सरकार के गलत कदमों के कारण है।
राष्ट्रीय परिषद भारत सरकार से अपील करती है कि वह राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 39 और 53, जो मणिपुर की दो जीवन रेखाएं हैं, पर 63 दिन पुराने अवरोध को खत्म करने के लिए तुरन्त हस्तक्षेप करें। यह अवरोध नागा संगठनों ने 12 अप्रैल 2010 से ही कर रखा है।
भारत सरकार और एनएससीएन के मध्य 13 साल पुरानी समझौता वार्ता, जिसमें हमारे देश के पूर्वोत्तर राज्यों की सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता शामिल है, पारदर्शी नहीं हैं तथा कोई नहीं जानता कि क्या हो रहा है।
राष्ट्रीय परिषद पूर्वोत्तर राज्यों की क्षेत्रीय अखंडता को अक्षुण्य रखने, जो संविधान में उल्लेखित है तथा संप्रग-1 के न्यूनतम साझा कार्यक्रम में जिसे दोहराती है और भारत सरकार से कहना चाहती है कि वह इस क्षेत्र की मौजूदा सीमाओं को बनाये रखे।
राष्ट्रीय परिषद भारत सरकार से यह भी अपील करना चाहती है कि वह नगा नेता मुवईया के मणिपुर में प्रवेश करने की योजना को तुरन्त रोके ताकि वहां व्याप्त तनाव को कम किया जा सके।
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