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बुधवार, 30 जून 2010

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक (हैदराबाद, 12 से 14 जून 2010) द्वारा पारित प्रस्ताव - गाजा पट्टी पर इस्राइली हमले की निन्दा

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद गाजा पट्टी के लिए राहत साम्रगियां लेकर जा रहे जहाजों पर इस्राइल द्वारा हमला करने की निन्दा करती है। गाजा पट्टी की नाकेबंदी का सामना करना पड़ रहा है। छह जहाजों पर अनेक देशों के करीब 700 कार्यकर्ता सवार थे। वे 10,000 टन मानवीय सहायता लेकर गाजा जा रहे थे जहां करीब तीन सालों से नाकेबंदी चल रही हैं.
गाजा तट से 65 किमी दूर अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्र में जहाजों पर हमला करने से पता चलता है कि इस्राइल को अंतर्राष्ट्रीय कानून या विश्व जनमत की कोई परवाह नहीं है। इस हमले में अनेक लोग मारे गये तथा कई घायल हो गये थे।
इस्राइल की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हो गया कि इस्राइल विश्व जनमत और मानवीय मूल्यों को धता बताते हुए किस हद तक जा सकता है। यह एक तथ्य है कि फिलिस्तीनी जनता के खिलाफ उस लड़ाई में अमरीका इस्राइल की पूरी मदद कर रहा है।एक तरफ जहां पूरा विश्व इस्राइली हमले की निन्दा कर रहे हैं, वहीं भारत सरकार ने काफी दबे स्वर में प्रतिक्रिया व्यक्त की है क्योंकि भारत इस्राइल के साथ सैनिक एवं अन्य क्षेत्रों में सहयोग कर रहा है। पार्टी मांग करती है कि भारत सही रवैया अपनाये और इस्राइल की निन्दा करे।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद मांग करती है कि इस्राइल गाजा पट्टी से अपनी नाकेबंदी तुरन्त समाप्त करे तथा वहां के लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचने दें।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद सभी शांति प्रिय एवं साम्राज्यवाद विरोधी ताकतों का आह्वान करती है कि वे इस्राइली हमले की निन्दा करें और फिलिस्तीनी जनता के साथ एकजुटता प्रकट करें।

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