वाराणसी की घटनाओं की
नैतिक जिम्मेदारी लें मुख्यमंत्री आदित्यनाथ
बी. एच. यू. की घटनाओं
की न्यायिक जांच कराई जाये: भाकपा
लखनऊ- 25 सितंबर 2017, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के
राज्य सचिव मंडल ने बनारस में छात्राओं और छात्रों पर चलाये गये दमनचक्र की कड़े शब्दों में निंदा करते
हुये मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से इसकी जिम्मेदारी लेते हुये छात्राओं और छात्रों से क्षमा
मांगने की मांग की है. भाकपा ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय परिसर में छेड़छाड़ से
क्षुब्ध छात्राओं द्वारा बनारस में श्री मोदी की मौजूदगी के दौरान किये गये प्रतिरोध
प्रदर्शन जिसके कारण मोदी के काफिले का मार्ग बदलना पड़ा; से बौखला कर भाजपा और उसकी
राज्य सरकार ने छात्रों और छात्राओं को सबक सिखाने को यह दमनात्मक कार्यवाही की है.
यहां जारी एक प्रेस बयान में
भाकपा उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहाकि समूचे प्रदेश में महिलाओं और
छात्राओं से प्रतिदिन औसतन दो सौ बदसलूकी की घटनायें होरही हैं, लेकिन आज हालात यहाँ तक पहुंच
गये हैं कि एक प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय जो कि प्रधानमंत्री के चुनाव क्षेत्र
में स्थित है, में छात्राओं से सरेआम बदसलूकी होती है. वह भी तब जब प्रधानमंत्री की बनारस यात्रा
के चलते वहां चप्पे चप्पे पर सुरक्षाबल तैनात किये गये थे और सारा बनारस एक्स्ट्रा
सुरक्षा निगरानी में था. अपने चुनाव क्षेत्र में छात्राओं के साथ होने वाली इस घृणित
और शर्मनाक वारदात पर दो दिनों तक बनारस में ही मौजूद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल महोदय
की चुप्पी हैरान करने वाली है.
उलटे कैम्पस के अंदर दो दिनों
से जारी छात्राओं के आंदोलन की चट्टानी एकता से बीएचयू के कुलपति, भाजपा और राज्य सरकार बौखला
गये और उन्होने आंदोलनकारियों को सबक सिखाने के लिये पहले आधी रात को और फिर दिन में
पुलिस के जरिये भारी अत्याचार कराया और दो दर्जन छात्रों को हिरासत में ले लिया. छात्राओं
ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भद्दी गालियां दीं. उत्तर प्रदेश में
आजादी के बाद यह पहली सरकार है जो अपने हक और सम्मान की आवाज उठाने वाले छात्र- छात्राओं
पर न केवल दमनचक्र चला रही है अपितु उन्हें जेल के सींखंचों के पीछे पहुंचा रही है.
सरकार की इस दमनात्मक कार्यवाही से छात्र समुदाय उद्वेलित है और वह ए.एम.यू. हो या
बी.एच.यू. समूचे प्रदेश में सड़कों पर उतर रहा है. बैकफुट पर आयी सरकार और उसका पिट्ठू
विद्यार्थी संगठन भ्रम फैलाने में जुट गये हैं.
भाकपा उत्तर प्रदेश के छात्रों
के इस न्यायिक संघर्ष का पुरजोर समर्थन करती है और छात्राओं, महिलाओं से बदसलूकी रोके जाने, उत्पीडनात्मक कार्यवाहियों
के समस्त दोषियों को दंडित किये जाने और वाराणसी के छात्र- छात्राओं पर हुये अत्याचार
और बी.एच.यू. में लंबे समय से चल रही छात्र विरोधी कार्यवाहियों की न्यायिक जांच की
मांग करती है. भाकपा सरकार को आगाह करना चाहती है कि छात्र- छात्राओं के साथ दुश्मनों
सरीखा व्यवहार उसे महंगा पड़ेगा.
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