महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अत्याचार को लेकर उत्तर प्रदेश में
भाकपा का जन अभियान जारी
11 अक्तूबर को जिला केंद्रों
पर प्रदर्शन की तैयारी
लखनऊ- 4 अक्तूबर 2017, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर पनामा दस्तावेजों का खुलासा करो, एनपीए की वसूली करो, भाजपा की केंद्र सरकार और
राज्य सरकारों द्वारा किये जारहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाओ, महंगाई पर रोक लगाओ, नोटबंदी, जीएसटी, निजीकरण के कुफलों जैसे-
बेरोजगारी, आर्थिक मंदी, किसान मजदूर व व्यापरियों को बर्वादी से बचाने को कारगर
कदम उठाओ, किसानों को विपन्नता की स्थिति से बचाओ, आवारा पशुओं से किसानों की फसलों और
नागरिकों के जान माल की रक्षा करो, उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति में सुधार लाओ आदि सवालों पर भाकपा का
प्रांतव्यापी जन अभियान लगातार जारी है.
ज्ञातव्य हो कि भाकपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने
उपर्युक्त अभियान को सारे देश में 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक चलाने का आह्वान
किया था लेकिन उत्तर प्रदेश में खरीफ और रबी की फसलों के काम में किसानों की
व्यस्तता, कई महत्वपूर्ण त्योहारों में आम लोगों की भागीदारी और ए. आई.
एस. एफ. तथा अ. भा. नौजवान सभा के लोंगमार्च के सितंबर के प्रथम सप्ताह में यहाँ
से गुजरने जैसे मामलों के चलते भाकपा राज्य कार्यकारिणी ने इस अभियान को उत्तर
प्रदेश में 24 सितंबर से 10 अक्तूबर तक जनता से संवाद के रूप में चलाने और 11
अक्तूबर को जिला मुख्यालयों पर धरने/ प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाने का निर्णय
लिया.
लेकिन यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि जौनपुर आदि कई जिलों ने
राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा लिये गये निर्णयों की सूचना मिलने के बाद अभियान को
15 सितंबर से ही प्रारंभ कर दिया था और अब तक जौनपुर जनपद की हर तहसील में कई कई
सभायें आयोजित की जाचुकी हैं. यहां इसी अभियान के अंग के रुप में 8 अक्तूबर को सभी
वामपंथी दलों के साथ मिल कर “अक्तूबर क्रांति एवं भारत का स्वतंत्रता संग्राम”
विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया जारहा है.
अभियान का श्रीगणेश जनपद मेरठ के मवाना में किसानों के
विशाल सम्मेलन के साथ होगया था जिसमें भाकपा के राज्य सचिव डा. गिरीश, उत्तर
प्रदेश किसान सभा के सचिव राजेंद्र यादव- पूर्व विधायक,
सहसचिव अजय सिंह, भाकपा नेता शरीफ अहमद, प्रोफेसर इशान जैन, जितेंद्र कुमार आदि नेताओं ने
संवोधित किया था. जनपद झांसी में अभियान की शुरुआत जिला मुख्यालय पर किसानों, बीडी मजदूरों और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की एक सभा के साथ हुयी जिसे
राज्य सह्सचिव अरविंदराज स्वरुप एवं उत्तर प्रदेश महिला फेडरेशन की सचिव प्रोफ.
निशा राठौर ने संवोधित किया.
इसी बीच वाराणसी में छात्रा के साथ दुर्व्यवहार के बाद वहाँ
छात्राओं और छात्रों का एक बड़ा आंदोलन फूट पड़ा और भाकपा के सहयोग एआईएसएफ एवं
नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं ने खागा, आज़मगढ, बदायूं, उरई, इलाहाबाद, चित्रकूट, मथुरा आदि कई स्थानों पर वाराणसी के छात्र- छात्राओं के समर्थन में धरने
प्रदर्शन किये गये.
जनपद हाथरस में भाकपा ने 1 से 10 अक्तूबर तक “जन
संवाद” कार्यक्रम छेड़ा हुआ है जिसकी
शुरुआत पार्टी के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कराई.
इस अवसर पर डा. गिरीश ने कहाकि आज मोदी के 40 और योगी के 4
महीनों में अर्थ व्यवस्था धरातल पर आगयी है, बेरोजगारी चरम पर है,
महंगाई ने सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं और ऊपर से नीचे तक व्याप्त भ्रष्टाचार से
जनता त्राहि त्राहि कर उठी है. कुशासन के चलते किसान, कामगार
और नौजवान बेहद परेशानहाल हैं. हालात इतने खराब हैं कि भाजपा के अंदर से भी इस
सबके खिलाफ आवाज उठने लगी है.
डा. गिरीश ने कहाकि भाकपा ने इस सबको लेकर देशव्यापी अभियान
चला रखा है. उन्होने कहाकि पनामा सहित विदेशों और देश में छुपाया सारा काला धन
जब्त कर लिया जाये तो देश भर के किसानों- कामगारों का सारा कर्जा माफ किया जासकता
है. बैंकों के पूंजीपतियों पर बकाया जिस धन को बट्टेखाते में डाल दिया गया है उसे
यदि वसूल लिया जाये तो हर जरूरतमंद सीनियर सिटीजन को आजीवन रुपये 10 हजार मासिक
पेंशन दी जासकती है. पर भाजपा और उसकी सरकारें बड़े पूंजीपतियों को मुनाफा पहुंचाने
और जनता की कमर तोड़ने में जुटी हैं.
हम मांग कर रहे हैं कि कच्चे तेल की गिरती कीमतों को देखते
हुये पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें आधी की जायें पर यह सरकार उन्हें
हद के बाहर लेजारही है. दबाव बड़्ने पर अब मात्र दो रुपये की कमी की गयी है जबकि
रसोई गैस की कीमतों में बड़ी वृध्दि कर दी गयी है. हम शिक्षा और स्वास्थ्य का बजट
दो गुना करने की मांग कर रहे हैं ताकि सभी को दवाई और पढाई मुफ्त मिल सके. किसानों
को पैदावार के उचित दाम दिये जाने और छुट्टा पशुओं पर रोक लगाने की भी हम मांग कर
रहे हैं. चहुंतरफा भ्रष्टाचार से आजिज जनता को कैसे इससे निजात दिलाई जाये आज यह
एक बड़ा सवाल बन गया है.
डा. गिरीश ने कहाकि
आज जनता में आक्रोश इस हद तक है कि वह इस सरकार से फौरन पिंड छुड़ाना चाहती है और
विकल्प के लिये टकटकी लगा देख रही है. भाकपा और दूसरी वामपंथी ताकतों को एक
वैकल्पिक नीति का विकल्प पेश करने को गंभीरता से काम करना होगा. जन संवाद
कार्यक्रम जारी है और 11 अक्तूबर के प्रदर्शन की तैयारी चल रही है.
भाकपा राज्य मुख्यालय को बरेली,
बुलंदशहर, शाहजहांपुर, अमरोहा, गाज़ियाबाद, मथुरा, आगरा, कानपुर, जालौन, झांसी, इलाहाबाद, चित्रकूट, भदोही, फैज़ाबाद, मऊ, गाज़ीपुर, बाराबंकी, बलिया, सुल्तानपुर, प्रतापगढ, फरुखाबाद, कासगंज, बदायूं, बहराइच, कुशीनगर, आदि जनपदों से जन अभियान के जारी रहने और लगभग सभी जनपदों में 11 अक्तूबर
के प्रदर्शन की तैयारी की खबरें मिल रही हैं.
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