प्रकाशनार्थ
घोरावल हत्याकांड की भाकपा ने निन्दा की
प्रशासनिक लापरवाही देखते हुये न्यायिक जांच की मांग
उठाई
लखनऊ- 17 जुलाई, 2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने जनपद सोनभद्र की घोरावल
तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत मूर्तिया के गांव उभ्भा में हुये गोलीकांड की कड़े से
कड़े शब्दों में निन्दा की है। इस जघन्य घटना के लिये पुलिस और प्रशासन की भूमिका को
संदिग्ध मानते हुये भाकपा ने इसकी न्यायिक जांच कराये जाने की मांग की है।
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा॰
गिरीश ने कहाकि वहां जमीन विवाद काफी पहले से धधक रहा था, लेकिन पुलिस प्रशासन निष्क्रिय बना रहा। परिणामस्वरूप इतना बड़ा कांड होगया
जिसमें अब तक 10 स्त्री पुरुषों की जान चली गयी और 18 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
डा॰ गिरीश ने आरोप लगाया कि जनपद सोनभद्र में बाहरी
लोग पहुँच कर आदिवासियों और अन्य गरीबों की ज़मीनों को तरह तरह से हथिया रहे हैं। आए
दिन लोगों को हिंसा और दबंगई को सहना पड़ रहा है। वनाधिकार कानून को भी लागू नहीं किया
जारहा। जल जंगल जमीन का जमकर दोहन होरहा है। सरकार और प्रशासन अधिकतर मामलों में शोषक
और अत्याचारियों का साथ देरहे हैं। हर बड़ी वारदात पर मुख्यमंत्री कार्यालय से बयान
जारी होता है कि मुख्यमंत्रीजी ने संज्ञान लिया है। पर वारदातें रुकने का नाम नहीं
लेरही हैं।
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने भाकपा की जनपद सोनभद्र इकाई
को निर्देश दिया है कि वह घटनास्थल का दौरा कर सचाई उजागर करे और पीड़ितों को न्याय
दिलाने को हर संभव कदम उठाये।
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