उत्तर प्रदेश
में हिन्दुत्व के नाम पर चल रहा है राक्षसराज
जनता और लोकतन्त्र
को कुचलने की साजिश को कामयाब नहीं होने देगी भाकपा
लखनऊ 19 सितंबर 2019, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने कहाकि उत्तर प्रदेश में हिन्दुत्व के नाम पर राक्षसराज
चल रहा है। एक ओर शासकदल और आरएसएस के लोग खुले आम कानून हाथ में ले अत्याचार बरपा
रहे हैं, वहीं विपक्ष की आवाज को बन्द करने को हर नाजायज कदम
उठाया जरहा है।
भाकपा ने इस बात पर गहरा आश्चर्य और रोष प्रकट किया
कि कोर्ट और एसआईटी के समक्ष पीड़िता द्वारा बयान दर्ज कराये जाने के बावजूद न तो संघी
साधु चिन्मयानन्द के खिलाफ अभी तक एफआईआर दर्ज हुयी है और न अभी तक उसे गिरफ्तार किया
गया है।
शासन प्रशासन के इस दोगलेपन के चलते उत्तर प्रदेश में
दुधुमुंही बच्चियों तक के साथ दुष्कर्म की शर्मनाक वारदातें होरही हैं। महिलाओं पर
यौन हिंसा की वारदातों का कहर टूट रहा है। अल्पसंख्यकों का हुलिया देख भगवा गुंडे उन पर हमले
बोल रहे हैं। हरदोई में दलित नौजवान को जिंदा जला दिया जाता है और सरकार मौन साधे बैठी
रहती है। यह लव जेहाद पार्ट-2 है जिसकी जद में अब दलित भी आगये हैं। अपराधी सरेआम हत्या
लूट जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देरहे हैं। लोगों को भयग्रस्त बनाये रखने को भीड़ हिंसा
जारी है।
कानून व्यवस्था की इस हालत, बिजली की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी, वाहनों पर भारी
जुर्माना वसूली, डीजल पेट्रौल की हर रोज बढ़ रही कीमतों, सुरसा के बदन की तरह पैर पसार रही महंगाई, जर्जर आर्थिक
हालातों में किसानों की आत्महत्यायें और आर्थिक मंदी का विरोध करने और जमीन- मकानों
पर कब्जों से पीढ़ित गरीबों द्वारा न्याय मांगने पर उन्हें कानून के शिकंजों में कसा
जारहा है। प्रतिरोध की आवाज उठाने को हर हथकंडा अपनाया जारहा है।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहा कि गत दिनों पीलीभीत
जिले में न्याय पाने को भूख हड़ताल पर बैठे भाकपा के कार्यकर्ता को संगीन धाराओं में
जेल भेज दिया। जालौन जिले के उरई में बिजली की बड़ी दरों और वाहनों पर जुर्माना बसूली
के खिलाफ लोकतान्त्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे भाकपा कार्यकर्ताओं पर भाजपा के दबाव
में बलवा करने जैसी दफाओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। राज्यपाल के आगमन पर आज फैजाबाद
में वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं को घरों में निरुध्द कर दिया।
सपा नेता आजम खां पर आज तक 83 मुकदमे दर्ज करा दिये
गये। बदले की भावना और शिक्षा को मिटाने के उद्देश्य से की गयी इस कार्यवाही की भाकपा
कड़े शब्दों में निन्दा करती है। यह सरकार ऐसे दरोगा के रूप में काम कर रही जो अपने
क्षेत्र में गुंडे मबालियों को खुली छूट देता है और इसका विरोध करने वालों को सींखचों
के पीछे पहुंचा देता है।
भाकपा को इस बात का भी अफसोस है कि उत्तर प्रदेश में
जनाधार वाले विपक्षी दल या तो भयवश भाजपा के समक्ष सरेंडर कर चुके हैं या विरोध से
कतरा रहे हैं। इससे निर्भय बनी सरकार लोकतन्त्र का गला घौंट रही है और उत्तर प्रदेश
असहनीय आपातकाल के दौर से गुजर रहा है।
भाकपा राज्य सचिव ने सरकार को चेतावनी दी कि सरकार के
तीखे हमलों से आम जन की रक्षा के लिए भाकपा आवाज उठाती रहेगी। सरकार को चेतावनी दी
कि वह हिन्दुत्व की आड़ में जनता के बड़े हिस्सों पर तानाशाही लादने वाले क्रत्यों को
विराम दे।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
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