विधान सभा चुनाव/ उपचुनाव-
नामांकन के
लिये एक दिन और दिया जाये: भाकपा
लखनऊ- 29 सितंबर 2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने कहाकि निर्वाचन आयोग की
कार्य पध्दति से विधान सभा चुनावों/ उपचुनावों में चुनाव लड़ने के बुनियादी अधिकार का
हनन होरहा है। इसे तुरंत दुरुस्त करने की आवश्यकता है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश
ने कहाकि आयोग ने कई राज्यों के चुनाव और उपचुनाव हेतु जारी कार्यक्रम में 23 सितंबर
से 30 सितंबर तक नामांकन किये जाने की घोषणा की थी जिसमें यह कहीं नहीं कहा गया कि
29 और 30 सितंबर को नामांकन नहीं होंगे। हमें जिलों में अधिकारियों द्वारा ली गयी मीटिंग
की जानकारी दी गयी कि वहाँ बताया गया कि रविवार को भी नामांकन और नामांकन संबंधी कार्य
होगा।
लेकिन अचानक 28 तारीख को बताया गया कि 29 व 30 सितंबर
को छुट्टी रहेगी और न तो नामांकन होंगे न ही नामांकन संबंधी कार्य होगा। इस कार्यवाही
से तमाम प्रत्याशी नामांकन की क्लिष्ट प्रक्रिया के चलते उसे पूरी नहीं कर पाये हैं।
अब चूंकि नामांकन का एक ही दिन बचा है, और तमाम प्रत्याशी
जो 29, 30 की छुट्टी के चलते जरूरी पत्राजात जुटा नहीं पाये नामांकन
से वंचित होसकते हैं।
राजनीतिक हल्कों में इस कार्यवाही को शासक दल के पक्ष
में बताया जारहा है जिसके प्रत्याशियों के लिये पत्राजात कभी भी जुटाना कठिन नहीं है।
अतएव, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य इकाई मांग करती है कि दिनांक- 30 सितंबर को देर शाम तक
और 1 अक्तूबर को भी सुबह नामांकन पत्रों की जांच से पहले दो घंटे नामांकन पत्र ग्रहण
किये जायें। इसके लिये जरूरी आदेश फौरन जारी किये जायें ताकि नामांकन करने और चुनाव
लड़ने के इच्छुक कम साधन संपन्न लोग भी इससे वंचित न होसकें।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
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