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बुधवार, 1 सितंबर 2021

उत्तर प्रदेश: आम जनता की ज्वलंत समस्याओं को लेकर वामदलों ने समूचे उत्तर प्रदेश में जबर्दस्त प्रदर्शन किये


 

लखनऊ-  1 सितंबर 2021, उत्तर प्रदेश के चार वामपंथी दलों- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी ), भाकपा माले- लिबरेशन एवं आल इंडिया फारबर्ड ब्लाक के तत्वावधान में आज आसमान छूती महंगाई, बेरोजगारी, बुखार से होरही मौतों और बाढ़ की विभीषिका से तवाही, भुखमरी और अर्थाभाव से की जारही आत्महत्याएं, जर्जर कानून व्यवस्था, भाजपा द्वारा चलायी जारही विभाजन और तानाशाही की राजनीति और बांदा जनपद में स्वतन्त्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने वाले अधिकारियों और भाजपाइयों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही जैसे ज्वलंत सवालों पर आज समूचे प्रदेश में बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर कर दस्तक दी।

कई जिलों में वामदलों के साथ लोकतान्त्रिक जनता दल के कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल रहे। जिलों जिलों में धरने और प्रदर्शनों के बाद महामहिम राष्ट्रपति महोदय और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपे गए। भारी वारिश के बावजूद वामपंथियों का यह आंदोलन उल्लेखनीय ढंग से सफल रहा, भले ही हमेशा की तरह टीवी चेनलों ने इसे नजरंदाज किया है।   

ज्ञापनों में महंगाई पर कारगर रोक लगाने, डीजल पेट्रोल रसोई गैस पर लगे असहनीय टैक्सों को पर्याप्त मात्रा में घटाने, सार्वजनिक उपक्रमों की बिक्री रोके जाने, हर बेरोजगार को काम दिलाने- मनरेगा में 200 दिन काम और प्रतिदिन 600 रुपये मजदूरी दिलाने, इस तरह की योजना शहरों में चलाये जाने, दवाओं और खाद्य वस्तुओं के दाम बांधने, हर व्यक्ति को रुपए 7500/- प्रति माह दिये जाने, खाने की सभी सामग्री किट के रूप में उपलब्ध कराये जाने, टीकाकरण में तेजी लाने, जनता पर बोझ बढ़ाने वाले बिजली बिल 2021 को वापस लेने, तीन क्रषी क़ानूनों को वापस कराने, एमएसपी की गारंटी करने, योगी सरकार द्वारा दमनकारी असंवैधानिक आलोकतांत्रिक रवैया रोके जाने, कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने- दलितों अल्पसंख्यकों महिलाओं व अन्य कमजोर तबकों पर अत्याचार रोके जाने, भ्रष्टाचार पर कारगर रोक लगाने की मांग की गयी है।

साथ ही पैगासस कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करायी जाये, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सुधार किया जाये, बुखार से होरही मौतों से जान की रक्षा की जाये, बाढ़ की विभीषिका से तवाही का मुआबजा दिया जाये, गरीबों को आवास दिलाये जायें, गरीब बच्चों की पढ़ाई में हुयी हानि की भरपाई की जाये तथा आंदोलनकारी किसानों से सरकार तत्काल वार्ता करे आदि सवालों को भी उठाया गया। बांदा में स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने वाले अधिकारियों और भाजपाइयों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग की गयी।

बयान जारी किये जाने तक लखनऊ, गोरखपुर, कुशीनगर, संत कबीर नगर, बस्ती, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र, भदोही, सुल्तानपुर, अयोध्या, इलाहाबाद, मछलीशहर ( जौनपुर ), खागा ( फ़तेहपुर ), प्रतापगढ़, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, उरई ( जालौन ), झांसी, ललितपुर, कानपुर महानगर, कानपुर देहात, औरैया, कायमगंज ( फरुखाबाद ), बरेली, बदायूं, पूरनपुर ( पीलीभीत ), शाहजहाँपुर, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा एवं मैनपुरी आदि जनपदों में सफल आंदोलन की खबरें सोशल मीडिया से प्राप्त हो चुकी हैं।

वामपंथी दलों के नेताओं ने आज फिर रसोई गैस के दाम 25 रुपये बढ़ाए जाने पर गहरा आक्रोश जताया। महंगाई की मार से पीढ़ित जनता के ऊपर यह बड़ा कुठराघात है। भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश, माकपा राज्य सचिव डा॰ हीरालाल यादव, भाकपा माले सचिव का॰ सुधाकर यादव, आ॰ इ॰ फारबर्ड ब्लाक के राज्य संयोजक अभिनव कुशवाहा एवं लोकतान्त्रिक जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जुबेर अहमद कुरेशी ने सभी आंदोलनकारियों को बधाई दी है।

डा॰ गिरीश, राज्य सचिव

भाकपा, उत्तर प्रदेश              मो॰ नं॰ 9412173664, 7055893132

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