भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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शुक्रवार, 10 जुलाई 2020

प्रशिक्षु डाक्टरों को मिला भाकपा का साथ


प्रशिशु डाक्टरों को दिया जा रहा है दिहाड़ी मजदूरों से कम मानदेय

भाकपा उत्तर प्रदेश ने की अन्य राज्यों के समकक्ष करने की मांग

लखनऊ- 10 जुलाई 2020, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मेडिकल कालेजों में प्रशिक्षु ( Interns ) डाक्टरों का मानदेय बढ़ाने की मांग का मजबूती के साथ समर्थन करते हुये मानदेय तत्काल बढ़ाने की मांग राज्य सरकार से की है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा उत्तर प्रदेश के सचिव डा॰ गिरीश ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया की एमबीबीएस पास किये इन प्रशिक्षु डाक्टरों को दिहाड़ी मजदूरों से भी कम मानदेय दिया जा रहा है। उन्हें 12- 12 घंटे ड्यूटी करने के एवज में मात्र रुपये 7500/- प्रति माह यानी कि 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जारहा है।
जबकि अन्य कई राज्यों में यह मानदेय रूपये 20 हजार प्रति माह या इससे ऊपर हैं। केंद्र सरकार ने भी अपने मेडिकल कालेजेज़ में यह मानदेय बढ़ा कर रु॰ 23,500 प्रति माह कर दिया है। अपने इस शोषण से व्यथित उत्तर प्रदेश के कई मेडिकल कालेजों के प्रशिक्षु डाक्टरों ने मजबूरन हड़ताल की राह पकड़ी है, हालांकि कई जगह वे कोविड- 19 की ड्यूटी को द्रढ़तापूर्वक अंजाम दे रहे हैं।
यह दौर जितना नाजुक है प्रशिक्षु डाक्टरों की मांग भी उतनी ही बाजिव है। अतएव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य सरकार से मांग करती है कि वह प्रशिक्षु डाक्टरों का मानदेय कम से कम अन्य राज्यों के समकक्ष बढ़ाने की फौरन और फौरन घोषणा करे।

डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश

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मंगलवार, 17 सितंबर 2013

कैग रिपोर्ट में दोषी ठहराए गये विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करे राज्य सरकार. भाकपा

लखनऊ- १७ सितम्बर| भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह गत सरकार के कार्यकाल में बिजली विभाग एवं यू.पी.एस.आई.डी.सी.सहित कई विभागों में हुए घोटालों के दोषियों को चिन्हित कर उन्हें कड़ी सजा दिलाने को ठोस कदम उठाये| यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डॉ.गिरीश ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में हुये खुलासों से स्पष्ट हो गया है कि गत सरकार के कार्यकाल में बिजली विभाग, यू.पी.एस.आई.डी.सी., मनरेगा, खनन एवं अन्य विभागों में भारी अनियमिततायें एवं बड़े पैमाने पर धांधली हुयी है| इसी तरह आगरा की विद्युत् व्यवस्था को करोड़ों का घाटा उठा कर टोरंट पावर कं. को सौंप दिया गया था| इतना ही नहीं सारे नियमों को ताक पर रख कर एक ही दिन में तकनीकी बिड और वित्तीय बिड पास कर इस कं. को काम का आदेश थमा दिया गया| इससे बड़ी अनियमितता और क्या हो सकती है| भाकपा ने मांग की है कि इस रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों के मंत्रियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर अभियोग चलाया जाये और धन की हानि की भरपाई उनकी निजी सम्पत्तियों से की जाये| साथ ही टोरंट पावर के साथ किये करार को तत्काल उसी तरह रद्द किया जाये जिस तरह यह करार किया गया था| डॉ.गिरीश,राज्य सचिव भाकपा, उत्तर प्रदेश
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