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बुधवार, 4 सितंबर 2019
at 2:35 pm | 0 comments |
Protest started against power price hike: CPI, U.P.
बिजली की
बड़ी दरों के खिलाफ भाकपा का प्रतिरोध प्रदर्शन शुरू
11 सितंबर
को जिला मुख्यालयों पर होगा आंदोलन
लखनऊ- 4 सितंबर 2019, उत्तर प्रदेश
सरकार द्वारा बिजली की कीमतों में की गयी 12 प्रतिशत की असहनीय व्रद्धि की कठोर शब्दों
में भर्त्सना की है। योगी सरकार द्वारा गत 21 माहों में यह दूसरी बड़ी व्रद्धि है।
भाकपा ने इस व्रद्धि के खिलाफ आज से ही विरोध दर्ज कराना
शुरू कर दिया है और 11 सितंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरने प्रदर्शन करने
का निर्णय लिया है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा॰
गिरीश ने कहाकि राज्य विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भाजपा को भारी बहुमत प्रदान करने
की सजा उत्तर प्रदेश की जनता को दी जा रही है। एक ओर दिल्ली की केजरीवाल सरकार मुफ्त
बिजली देरही है वहीं उत्तर प्रदेश की सरकार जनता को बड़ी कीमतों के बोझ तले दबाये देरही
है।
12 सितंबर से लागू होने जारही विद्युत दर व्रद्धि के
द्वारा गरीब, मध्य और उच्च सभी तबकों को आहत किया गया है। पहले
से ही महंगाई और आर्थिक मंदी से पीड़ित जनता को सरकार ने यह करारा झटका दिया है।
इससे पहले प्रदेश सरकार ने डीजल और पेट्रौल पर वैट बढ़ा
कर उनकी कीमतें बढ़ा दीं। अभी हाल में केन्द्र सरकार ने रसोई गैस की कीमतें बढ़ा दीं।
अब राज्य सरकार डीजल वाहनों की टैक्स दर बढ़ाने जारही है। आवागमन के साधनों पर तमाम
टैक्सों के बावजूद अधिकतर मार्गों पर टोल टैक्स वसूला जारहा है। नये मोटर वाहन कानून
के तहत भारी जुर्माना लगाया जारहा है। केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार के इन कोड़ों की
मार से हर आदमी लहूलुहान महसूस कर रहा है।
लूट खसोट और भ्रष्टाचार में लिप्त तथा फासीवाद की राह
पर चल रही इस सरकार ने प्रतिरोध की आवाज दबाने का अभियान छेड़ रखा है। मध्यान्ह भोजन
में नमक के साथ रोटी परोसने का वीडियो जारी करने वाले मिर्जापुर के पत्रकार के खिलाफ
केस दर्ज किया गया है। इससे पूर्व भी कई मीडियाकर्मियों को प्रताड़ित किया है।
प्रमुख रूप से बिजली की बड़ी दरें वापस लेने की मांग
और महंगाई बढ़ाने वाले इन सारे कदमों पर प्रतिरोध दर्ज कराने को भाकपा राज्य काउंसिल
ने 11 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। स्थानीय स्तर
पर प्रतिरोध दर्ज कराने का क्रम आज से ही शुरू कर दिया गया है।
भाकपा ने सभी जन हितैषी ताकतों से इन प्रतिरोध प्रदर्शनों
को सहयोग प्रदान करने और उनमें भागीदारी की अपील की है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
मंगलवार, 3 सितंबर 2019
at 6:23 pm | 0 comments |
CPI condemned FIR against journalist in Mirzapur
मिर्जापुर में मीडियाकर्मी के विरूध्द एफआईआर दर्ज
किये जाने की भाकपा ने निन्दा की
लखनऊ- 3, सितंबर 2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव
मण्डल ने मिर्जापुर जनपद में मिड डे मील में बच्चों को नमक रोटी खिलाये जाने का खुलासा
करने वाले पत्रकार पर केस दर्ज किए जाने की कड़े से कड़े शब्दों में निन्दा की है।
भाकपा ने इस कदम को अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता पर हमला
बताते हुये पत्रकार पर लगाए गये मुकदमे को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश
ने कहा कि भारी बहुमत हासिल कर लेने के बाद भाजपा सरकारें मगरूर होगायी हैं। अब वे
समाज के प्रत्येक तबके पर हमलावर होरही हैं। विरोध के उठ रहे स्वरों को दबाने के लिए
अब उन्होने पत्रकारों को भी आतंकित करना शुरू कर दिया है। अभी हाल में विपक्षी दलों
के नेताओं के जम्मू- कश्मीर दौरे की कबरेज करने गये मीडियाकर्मियों को श्रीनगर हवाई
अड्डे पर पीटा गया। देश के अन्य भागों में कई जगह मीडियाकर्मियों कि हत्यायेँ तक हुयी
हैं। गौरी लंकेश की हत्या की यादें अब भी सिहरन पैदा कर देती हैं।
डा॰ गिरीश ने कहाकि मीडियाकर्मियों की आवाज दबाने के
खिलाफ चल रही इस जंग में वह उनके पूरी तरह साथ है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा , उत्तर प्रदेश
सोमवार, 26 अगस्त 2019
at 7:19 pm | 0 comments |
CPI Demands postponment of Hamirpur Assemblly seat election
भाकपा ने हमीरपुर विधान सभा के उपचुनाव को एक सप्ताह
आगे बढ़ाने की मांग की
लखनऊ- 26.8.2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मण्डल
ने भारत निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि वह उत्तर प्रदेश की हमीरपुर विधान सभा सीट
के उपचुनाव की तिथि को कम से कम एक सप्ताह आगे बढ़ाये। संभव हो तो अन्य 12 रिक्त सीटों के चुनाव भी साथ ही करा लिये जायें
भाकपा ने सुझाव दिया है।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि लोकतान्त्रिक तरीके
से काम करने वाली पार्टियों को प्रत्याशी चयन में कई सीढ़ियाँ पार करनी होती हैं। साथ
ही चुनाव चिन्ह का अधिकार पत्र पार्टी केन्द्र से मंगाना होता है। इस सब में समय लगता
है। हर एक पार्टी हवाई जहाज की सेवायें हासिल करने की स्थिति में नहीं है।
निर्वाचन आयोग ने कल अचानक हमीरपुर विधान सभा सीट पर
चुनाव की घोषणा कर दी जिसके बारे में आज समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ। घोषित कार्यक्रम
के अनुसार 28 अगस्त से नामांकन होने हैं जो मात्र एक दिन बाद है। यदि इन्हीं तिथियों
में चुनाव कराना जरूरी था तो इस सूचना को हफ्ते- दस दिन पहले सार्वजनिक कर देना चाहिये
था। पर निर्वाचन आयोग ने ऐसा नहीं किया। आम चुनावों के समय के बारे में आमतौर पर पहले
से पता रहता है और राजनैतिक दल और प्रत्याशी आवश्यक पत्राजातों की व्यवस्था पहले से
कर लेते हैं।
भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि जहां तक मुझे याद है पूर्व
में कभी उपचुनावों की सूचना इस तरह अचानक प्रसारित नहीं की गयी। अज्ञात कारणों से की
गयी इस जल्दबाज़ी से लोकतान्त्रिक प्रक्रिया को हानि पहुंचती है।
राज्य सभा की कई सीटों का अलग- अलग तिथियों पर चुनाव
कराने की मंशा को हम समझते हैं, पर इस एक सीट पर चुनाव से काम
कर रही सरकार को भी लाभ होता नहीं दिख रहा क्योंकि वो पूर्ण बहुमत में है।
अतएव यदि कोई बड़ी समस्या न हो तो निर्वाचन आयोग को इस
उपचुनाव की तिथियों को एक सप्ताह आगे खिसका देना चाहिये, और कोई खास समस्या न हो तो अन्य रिक्त 12 सीटों का चुनाव भी साथ ही करा लेना
चाहिये, भाकपा राज्य सचिव मण्डल ने आग्रह किया है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
शुक्रवार, 23 अगस्त 2019
at 5:07 pm | 0 comments |
CPI on Gaziyabaad incident
गाजियाबाद के शहीद श्रमिकों को न्याय दिया जाये: भाकपा
लखनऊ- 23 अगस्त 2019, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव मण्डल ने कल गाजियाबाद में सीवर लाइन के होल में
हुयी 5 श्रमिकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पार्टी ने उन्हें श्रध्दांजलि
अर्पित करते हुये उनके शोकाकुल परिवारों के प्रति संपूर्ण सहानुभूति व्यक्त की है।
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा॰
गिरीश ने कहाकि इन श्रमिकों से जोखिम भरा काम समुचित सुरक्षा उपकरणों के बिना लिया
जारहा था जो उनकी जानलेवा साबित हुआ। इसकी ज़िम्मेदारी निर्धारित की जानी चाहिये। क्या
इसके लिये गाजियाबाद नगर निगम, जल निगम और उत्तर प्रदेश की सरकार
जिम्मेदार नहीं। क्या आए दिन देश भर में होने वाली इस तरह की दर्दनाक घटनाओं के लिये
केन्द्रीय प्रबंधतन्त्र जिम्मेदार नहीं। निश्चय ही इन सब की ज़िम्मेदारी बनती है। लेकिन
समूची व्यवस्था दो चार दिन कुछ कार्यवाही का नाटक कर सुप्तावस्था में चली जाती है और
फिर कुछ दिनों बाद एक और दर्दनाक घटना घट जाती है।
इस व्यवस्था में तब तक सुधार नहीं होसकता जब तक इनके
बारे में मानसिकता में बदलाव नहीं होगा। सारी व्यवस्था उन्हें सफाई कर्मी, मजदूर अथवा मजबूर समझती है और उनकी जिंदगियों से खिलबाड़ करती है। जबकि वे
असल जिन्दगी के हीरो हैं। उनके बिना स्वच्छ जीवन और समुचित विकास की कल्पना नहीं की
जासकती। डा॰ गिरीश ने सवाल किया कि कुंभ मेले में अनुसूचितों के चरण धोने वाले मोदी
जी क्या इन गंभीर घटनाओं का संज्ञान लेंगे और उनके परिवारों को न्याय दिलायेंगे? क्या वे अपने अधीन व्यवस्थापकों से ऐसी गारंटी लेंगे कि भविष्य में ऐसी दुखद
घटना न हो।
भाकपा मांग करती है कि प्रत्येक म्रतक के आश्रित को
रुपये 50 लाख मुआबजा दिया जाये। इस मांग के पीछे हमारा ठोस तर्क है। वे ऑन ड्यूटी थे।
और गत दिनों ऑन ड्यूटी सँभल में शहीद हुये पुलिसकर्मियों को वांछित पावनाओं के अतिरिक्त
50 लाख का मुआबजा दिया गया था। वे भी रियल लाइफ के हीरो थे और ये भी रियल लाइफ के हीरो
हैं।
डा॰ गिरीश
गुरुवार, 22 अगस्त 2019
at 1:29 pm | 0 comments |
संत रविदास अनुयायियों पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी की भाकपा ने निन्दा की
सन्त रविदास समर्थकों पर लाठीचार्ज की भाकपा ने कड़े
शब्दों में निन्दा की
लखनऊ- 22 अगस्त 2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
के राज्य सचिव मण्डल ने सन्त रविदास मन्दिर के तोड़े जाने का विरोध करने दिल्ली पहुंचे
उत्तर प्रदेश के दलितों पर दिल्ली पुलिस के दमन और उन्हें गिरफ्तार करने की कठोर शब्दों
में निन्दा की है। पार्टी ने सभी गिरफ्तार लोगों की अविलंब रिहाई की मांग की है।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि आज़ादी से पहले
से मौजूद परम सन्त रविदास के मन्दिर को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के नाम पर तोड़ दिया
गया। सन्त के अनुयाइयों की भावनाओं को इससे कड़ी चोट लगी है और वे इसका प्रबल विरोध
कर रहे हैं। सरकार उन पर लाठियां बरसवा रही है।
डा॰ गिरीश ने कहाकि ये उन्हीं लोगों की सरकार है जो
केरल के सबरीमाला मन्दिर में महिलाओं के प्रवेश के लिये सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये
आदेश का सड़कों पर उतर कर विरोध कर रहे थे। आस्था के नाम पर कानून की धज्जियां बिखेर
रहे थे। आस्था के नाम पर संविधान और कानून से खिलवाड़ करने का इनका पुराना रिकार्ड है।
डा॰ गिरीश ने आरोप लगाया कि बहुमत के घमंड में चूर जनविरोधी
और लोकतन्त्र विरोधी इस सरकार ने मजलूम जनता के विभिन्न हिस्सों के खिलाफ युध्द छेड़
दिया है। जनता के इन सभी हिस्सों को अलग अलग संघर्षों में समन्वय स्थापित कर व्यापक
संघर्ष करना होगा। भाकपा उनके इन संघर्षों में पूरी तरह साथ है और साथ रहेगी।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा उत्तर प्रदेश
मंगलवार, 20 अगस्त 2019
at 1:37 pm | 0 comments |
Reduce Prices of Energy Sources: CPI ask Govt. of UP
ऊर्जा के प्रमुख आधारों को महंगा बना रही है राज्य
सरकार
भाकपा ने सभी बढ़ोत्तरियों को तत्काल वापस लेने की
मांग की
लखनऊ- 20 अगस्त 2019, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में पेट्रौल और डीजल पर वैट की दरों में
व्रध्द्धि को अनुचित और असामयिक बताया है। इस व्रद्धि से प्रदेश में आज से पेट्रोल
की कीमतें 2॰ 33 रुपये और डीजल की कीमतें 98 पैसे प्रति लीटर बढ़ गईं।
इसके अतिरिक्त राज्य सरकार डीजल वाहनों पर 2 प्रतिशत
रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ाने का फैसला पहले ही लेचुकी है। बिजली के नये कनेक्शनों सहित
कई मदों की दरें भी बढाई जारही हैं। ऊर्जा
के इन प्रमुख आधारों की कीमतों में व्रद्धि का असर हर वस्तु की कीमतों और नागरिक परिवहन
पर भारी पैमाने पर पड़ने जारहा है। इससे अर्थव्यवस्था में धीमेपन को झेल रही जनता पर
और अधिक आर्थिक मार पड़ने जा रही है। विकास की दर और भी ठिठकने जारही है।
भाकपा जनहित में इन बड़ोत्तरियों की वापसी की मांग करती
है। यूपी में पेट्रौल- डीजल की कीमतें और वाहन रजिस्ट्रेशन शुल्क कई राज्यों से पहले
ही ज्यादा है। भारी वाहन टैक्स और सड़क निर्माण के लिये डीजल- पेट्रौल पर अतिरिक्त कर
( सेस ) बसूले जाने के बाद सार्वजनिक और निजी वाहन स्वामियों को टोल टैक्स अलग से देना
पड़ रहा है। इस सबसे उत्तर प्रदेश में महंगाई और मंदी की भारी मार जनता को झेलनी पड़
रही है।
एक ऐसी सरकार जो रामराज्य लाने के दाबे करती रही है
से ऐसी बढ़ोत्तरियों की उम्मीद नहीं थी। जनहित और प्रदेश के विकास के लिये भाकपा इन
सबकी अबिलंब वापसी की मांग करती है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
सोमवार, 19 अगस्त 2019
at 12:55 pm | 0 comments |
Law and order position is burst in U.P. CPI
चिंताजनक स्थिति तक चरमरा गयी है उत्तर प्रदेश में
कानून- व्यवस्था
संज्ञान लेने और मुआबजा देने तक सिमट गयी है मुख्यमंत्री
की भूमिका
लखनऊ- 19 अगस्त 2019, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने बद से बदतर हालात में पहुँच चुकी कानून व्यवस्था की
हालत पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पार्टी ने इसमें सुधार के लिये ठोस उपाय करने की
मांग की है।
एक प्रेस बयान में भाकपा के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने
कहाकि उभ्भा नरसंहार और उन्नाव कांड की दरिंदगी की यादें अभी ताजा बनी हुयीं थीं कि
सहारनपुर में दिन दहाड़े पत्रकार और उसके भाई की हत्या कर दी गयी। इससे अपराधियों को
ठिकाने लगाने के भाजपा के दाबों की पोल खुल गयी।
सच तो यह है कि भाजपा के इस जंगलराज में पुलिस- प्रशासन
खुद लाचारगी की स्थिति में आगया है। जगह- जगह शासक दल के क्लोन- बजरंग दल, विहिप और हिन्दू युवा वाहिनी न केवल कानून हाथ में लेरहे हैं अपितु उनके नापाक
हाथ पुलिस के हथियारों और पुलिसकर्मियों के गले तक पहुँच रहे हैं। अपराध करने वालों
को न केवल उन्हें दबाव में छोड़ना पड़ रहा है अपितु कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों पर मुकदमे
दर्ज किये जारहे हैं और उन्हें गहरी प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। अतएव या तो वे आत्महत्यायेँ कर
रहे हैं या फिर अपराधियों के हाथों मारे जारहे हैं।
उत्तर प्रदेश में भाजपा के दो साल के शासनकाल में पुलिसकर्मियों
की आत्महत्याओं और हत्याओं ने रिकार्ड तोड़ दिया है।
हत्या, लूट, दुराचार और उसके बाद हत्या और भीड़ द्वारा हत्याओं की वारदातों में अभूतपूर्व
व्रध्दी हुयी है। भाजपा द्वारा चलाये गये जन सदस्यता अभियान के तहत सारे अपराधी और
दबंग तत्वों ने भाजपा की सदस्यता ले ली है और वे निर्भय होकर अपराधों को अंजाम देरहे
हैं। मुख्यमंत्री की भूमिका हर मामले में घटना का संज्ञान लेने और मुआबजा घोषित करने
तक सीमित होकर रह गयी है। एक घटना की स्याही सूखने से पहले दूसरी बड़ी वारदात सामने
आजाती है।
इससे प्रदेश का जनजीवन असामान्य बना हुआ है। कानून व्यवस्था
को पटरी पर लाने के बजाय भाजपा और उसकी सरकार केवल और केवल वोट की राजनीति कर रही है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
शुक्रवार, 9 अगस्त 2019
at 7:21 pm | 0 comments |
CPI, UP Condemned Undemocratic act of kashmiir administration
कामरेड डी॰ राजा एवं कामरेड सीताराम येचुरी को कश्मीर
एयरपोर्ट पर रोके जाने की भाकपा ने निंदा की
लखनऊ- 9 अगस्त 2019, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव मण्डल ने सुरक्षा बलों द्वारा श्रीनगर हवाई अड्डे
पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव कामरेड डी॰ राजा और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी
के महासचिव कामरेड सीताराम येचुरी को जबरिया और आलोकतांत्रिक तरीके से निरुध्द किये
जाने की कड़े से कड़े शब्दों में निन्दा की है।
दोनों शीर्षस्थ कम्युनिस्ट नेता माकपा के कश्मीर के
नेता का॰ युसुफ तारागामी जो कि बीमार चल रहे हैं का हालचाल जानने और अन्य कम्युनिस्ट
कार्यकर्ताओं से मिलने जारहे थे, जिसकी लिखित सूचना राज्यपाल कश्मीर
को पहले ही दे दी गयी थी। फिर भी तानाशाही दिखाते हुये उन्हें जबरिया रोका गया।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि कल प्रधानमंत्रीजी
टीवी पर कश्मीर के हालात सामान्य बता रहे थे मगर समूचे कश्मीरवासियों को अघोषित कर्फ़्यू
लगा कर दीवारों के पीछे निरुध्द कर रखा है। यह आलोकतांत्रिक और गैर कानूनी तो है ही
बेहद अमानवीय भी है। सारा देश कश्मीर के हालातों पर चिंतित है और दोनों वाम नेता इस
चिन्ता की अभिव्यक्ति के तौर पर वहाँ जारहे थे जिसे मोदी सरकार ने बाधित किया है।
कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसानियत
पर इस आक्रमण का संदेश साफ है कि केन्द्र की भाजपा सरकार और उसका मेंटर आरएसएस अपने
एजेंडे को आगे बढ़ाने को देश के किसी भी हिस्से में ऐसा कर सकते हैं। देशवासियों को
इस पर गंभीर चिंतन करना होगा।
भाकपा राज्य सचिव ने मांग की कि दोनों नेताओं को कश्मीर
के साथियों और वहाँ की जनता से मिलने दिया जाये और अवैध डिटेन्शन से सरकार बाज आए।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
at 6:29 pm | 0 comments |
CPI was on roads today in U.P.
कश्मीर, सोनभद्र और उन्नाव आदि
सवालों पर प्रदेश भर में सड़कों पर उतरी भाकपा
लखनऊ- 9 अगस्त 2019, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद
के आह्वान पर आज लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जोरदार प्रतिरोध दिवस आयोजित
किया गया। सोनभद्र नरसंहार, उन्नाव रेपकाण्ड, जम्मू एवं कश्मीर के विभाजन व वहाँ की धारा
370 हटाने, मोब लिंचिंग, दलित महिला और अल्पसंख्यकों
के उत्पीड़न और यूपी में बिजली दरें बढ़ाये जाने के विरोध में तथा इस सबके लिए जिम्मेदार
यूपी के मुख्यमंत्री को हटाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। सभी जगह जिलाधिकारियों
के माध्यम से राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को ज्ञापन सौंपे गये।
लखनऊ में भाकपा ने राज्य सचिव के नेत्रत्व में विशाल
जुलूस निकाला तो सहसचिव इम्तेयाज़ अहमद के नेत्रत्व में जिला कचहरी पर विशाल सभा की
गई। कानपुर में हुये धरने का नेत्रत्व सहसचिव अरविन्दराज स्वरूप ने किया।
इसके अलाबा सोनभद्र, मिर्ज़ापुर, भदोही, गाजीपुर, वाराणसी, जौनपुर, अंबेडकर नगर, चित्रकूट, मेरठ, अलीगढ़, मथुरा, बड़ौत, आजमगढ़, फैजाबाद, रायबरेली, बरेली, इलाहाबाद, बांदा, उरई, गाजियाबाद, बदायूं, आगरा, कुशीनगर, झाँसी, मुरादाबाद, सहारनपुर, फ़तेहपुर, देवरिया, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, प्रतापगढ़, ओरैया, सीतापुर, बुलंदशहर, फरुखाबाद, मैनपुरी, पीलीभीत आदि
से खबर बयान भेजे जाने तक मिल चुकी हैं।
भाकपा राज्य सचिव मण्डल उन सभी कार्यकर्ताओं को बधाई
दी है जो जनता की आवाज बन कर सड़कों पर उतरे।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
बुधवार, 7 अगस्त 2019
at 12:18 pm | 0 comments |
Left Parties on Jammu and Kashmir
प्रकाशनार्थ
( लखनऊ से दिनांक- 7
अगस्त 2019 को जारी )--
जम्मू एवं कश्मीर पर वामपंथी पार्टियों का संयुक्त
बयान
जम्मू एवं कश्मीर का विघटन: भारत के संविधान, लोकतन्त्र एवं संघात्मकता
पर हमला
नई दिल्ली- 5 अगस्त 2019 को वामपंथी पार्टियों- भारतीय
कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( मार्क्सवादी
), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी - लेनिनवादी ) लिबरेशन, आल इंडिया फारबर्ड ब्लाक और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी ने जम्मू कश्मीर
के घटनाक्रम के संबंध में निम्न बयान जारी किया है।
नरेन्द्र मोदी सरकार ने धारा 370 और संविधान के अन्य
प्रविधानों को एकतरफा तरीके से निरस्त कर और जम्मू कश्मीर राज्य का विभाजन कर हमारी
संवैधानिक व्यवस्था को एक गंभीर आघात पहुंचाया है।
जम्मू एवं कश्मीर राज्य के संबंध में हमारे संविधान
द्वारा गारंटीशुदा विशेष प्रावधान उस समय दिये गये थे जब पाकिस्तानी हमलों की प्रष्ठभूमि
में रियासती राज्य ने भारतीय संघ में विलय पत्र पर हस्ताक्षर किये थे। वर्तमान कदमों
से मोदी सरकार ने उस आश्वासन को एक झटके में पूरी तरह नकार दिया है जो भारत सरकार ने
जम्मू एवं कश्मीर की जनता को दिये थे। यह संघात्मकता, जो भारतीय संविधान का एक आधारभूत वैशिष्ट्य है, पर हमला
है।
भारतीय संघ का गठन हमारी जनता की एकता के आधार, विविधताओं को जो मौजूद हैं, को मान्यता देते हुये हमारी
जनता की एकता के आधार पर हुआ था। स्पष्टतः आरएसएस/ भाजपा किसी विविधता को सहन नहीं कर सकते और जम्मू एवं कश्मीर
और लद्दाख को दो अलग केन्द्रीय प्रशासित केन्द्रीय क्षेत्रों में बादल रहे हैं।
यह सभी वायदों के साथ विश्वासघात है; कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसानियत का सम्मान करने के
संबंध में केन्द्र सरकार जो वायदा वर्षों से बार बार करती आयी है, उसके साथ विश्वासघात है। सभी पक्षकारों के साथ राजनीतिक प्रक्रिया, जिसके लिये सरकार ने तीन साल पहले वायदा किया था, के
जरिये ही कश्मीर की जनता के बाकी भारत की जनता के साथ संबंध मजबूत होसकते हैं। इसके
बजाय इस आलोकतांत्रिक एकतरफा कदम से विलगाव ही गहरा होगा। यह भारत की एकता एवं अखंडता
के लिये हानिकारक है।
वामपंथी पार्टियां भारत की जनता का आह्वान करती हैं
कि मोदी सरकार द्वारा अपनाए गये इन गैरकानूनी एवं असंवैधानिक तौर- तरीकों के खिलाफ
मजबूती से विरोध प्रकट करें। ये मुद्दे केवल जम्मू एवं कश्मीर तक सीमित नहीं हैं। ये
लोकतन्त्र, संघात्मकता और संवैधानिक व्यवस्था पर हमला है।
वामपंथी पार्टियां 7 अगस्त 2019 को राष्ट्रव्यापी स्तर पर एक विरोध
दिवस का आह्वान करती हैं।
भारतीय के इस ध्वंस को बंद करो।
जम्मू एवं कश्मीर राज्य के ध्वंस को बंद करो।
लखनऊ से जारी द्वारा-
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा , उत्तर प्रदेश
मंगलवार, 6 अगस्त 2019
at 6:03 pm | 0 comments |
Agitation of CPI in UP on 9th August
कश्मीर और संविधान को विनष्ट करने, दलितों अल्पसंख्यकों
आदिवासियों महिलाओं पर अत्याचारों के खिलाफ और मुख्यमंत्री को हठाये जाने की मांग को
लेकर 9 अगस्त क्रांति दिवस पर प्रदेश भर में प्रदर्शन आयोजित करेगी भाकपा
लखनऊ- 6 अगस्त 2019, भारतीय
कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी ने जम्मू एवं कश्मीर में आपातकाल से भी बुरे हालात
पैदा कर उस राज्य के टुकड़े टुकड़े करने वहाँ लागू संवैधानिक प्रावधानों को गैर लोकतान्त्रिक
तरीकों से समाप्त करने, संविधान और लोकतन्त्र को विनष्ट करने
की चेष्टा करने, दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों एवं महिलाओं के विरूध्द होने वाले अत्याचारों के विरूध्द 7
से 9 अगस्त तक विरोध संगठित करने का आह्वान किया है।
उत्तर प्रदेश के घोरावल नरसंहार, उन्नाव बलात्कार पीड़िता और उसके परिवार को पूरी तरह नष्ट करने एवं उत्तर प्रदेश
में जंगल राज के लिये जिम्मेदार मुख्यमंत्री को हठाये जाने की मांगों पर बल देते हुये
राज्य में यह आंदोलन 9 अगस्त क्रांति दिवस के दिन आयोजित किया जाएगा।
इस बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं का एक विशाल
समूह 3 अगस्त को राष्ट्रीय महासचिव कामरेड डी॰ राजा, राज्य सचिव
डा॰ गिरीश, सहसचिव द्वय- अरविन्दराज स्वरूप एवं इम्तेयाज़ अहमद
के नेत्रत्व में सोनभद्र के पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचा और इस नर संहार और जमीन
घोटालों के लिये राज्य सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। भाकपा ने वहां जिले
के आला अधिकारियों को हठाये जाने और मुख्यमंत्री से स्तीफ़े की मांग की। इससे सरकार
बैकफुट पर आयी और उसे जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान और अन्य अधिकारियों
को हटाना पड़ा और भूमि घोटालों पर एफआईआर दर्ज करा जांच बैठानी पड़ी। लेकिन अन्य सवाल
अभी भी वहीं के वहीं हैं।
अब 9 अगस्त को उत्तर प्रदेश में भाकपा सभी जिला मुख्यालयों
पर धरने, प्रदर्शन और विरोध सभाएं आयोजित करेगी। इनके माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल
को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारियों को सौंपे जायेंगे।
ज्ञापन में कश्मीर के विभाजन को रोके जाने, अनुच्छेद 370 को यथावत रखने, और संविधान को विनष्ट करने
की भाजपा और संघ परिवार की साज़िशों को रोके जाने की मांग की जायेगी।
घोरावल ( सोनभद्र ) नर संहार के दोषियों पर रासुका लगाने, समूचे प्रकरण की जांच उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायाधीश से कराने, प्रत्येक म्रतक के आश्रित को रुपये 50 लाख मुआबजा दिये जाने, घायलों के समुचित इलाज के लिये रुपये 5 लाख दिये जाने, वर्षों से ज़मीनों पर खेती कर रहे आदिवासियों को बेदखल नहीं किये जाने, उन्हें ज़मीनों का स्वामित्व दिये जाने, भूमाफियाओं के
खिलाफ कड़ी कार्यवाही किये जाने, वनाधिकार अधिनियम को लागू किये
जाने,पुराने सीलिंग कानून को पुनर्जीवित कर प्रदेश भर में भूमाफियाओं
द्वारा कब्जा रखी ज़मीनों को वितरित किये जाने तथा प्रदेश में भूमि आयोग गठित किये जाने
की मांग की जायेगी।
इसी तरह उन्नाव रेप पीड़िता एवं उसके समस्त परिवार को
विनष्ट करने के लिये जिम्मेदार सभी अपराधियों का पर्दाफाश कर उन्हे शीघ्र से शीघ्र
सजा दिलाने, पीड़िता को इलाज के लिये दिल्ली भेजने में विलंब
के लिये जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर उन्हें सजा दिलाने की मांग की जायेगी। उत्तर
प्रदेश में महिलाओं पर निरंतर होरहे अत्याचार- उनसे बलात्कार, बलात्कार कर वीडियो वायरल करना और बलात्कार के बाद उनकी हत्या करने जैसी जघन्य
वारदातों पर कारगर रोक लगाने की मांग की जायेगी। दोषियों को कड़ी सजा और कर्तव्यहीन
अधिकारियों को दंडित करने की मांग की जायेगी।
मोब लिंचिंग पर सख्ती से रोके जाने, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न रोके
जाने को कड़े और त्वरित कदम उठाने की मांग की जायेगी। उत्तर प्रदेश की चिंताजनक स्तर
तक गिर चुकी कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने और यूपी में जंगलराज के जनक मुख्यमंत्री
को हठाये जाने की मांग भी की जायेगी।
बिजली की दरों में प्रस्तावित व्रद्धि को वापस लेने
और बिगड़ी हुयी विद्युत प्रणाली में सुधार करने सहित प्रदेश के कुछ हिस्सों में बाढ़
और अन्य में सूखा के हालातों से निपटने को सरकार द्वारा पर्याप्त कदम उठाने की मांग
की जायेगी।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने बताया कि सभी जिला कमेटियों
को धरना, प्रदर्शन और विरोध सभाएं आयोजित करने का निर्देश दे दिया गया है।
इस संबंध में डा॰ गिरीश ने कहाकि भारतीय जनता
पार्टी सरकार अपने पाशविक बहुमत के आधार पर, तथा अन्य दलों के
विरोध के बावजूद भी संसद में खतरनाक विधेयक पास कराती जारही है। सरकार ये काम संसद
में अपने संख्या बल के बूते कर रही है, वह राजनैतिक हथकंडे
स्तेमाल कर कुछ राजनैतिक पार्टियों के ऊपर दबाव भी बना कर इन कार्यों को कर रही है।
देश के अंदर परिस्थितियाँ डरावनी होगयी हैं। आमजन
अपने आपको सुरक्षित महसूस नहीं कर पारहे हैं। दलितों, आदिवासियों एवं अल्पसंख्यकों के विरूध्द अत्याचारों में व्रद्धि हुयी है।
महिलाएं एवं बच्चे बच्चियाँ भी सुरक्षित नहीं हैं।
आरएसएस- भाजपा एवं उनकी अन्य संबध्द संस्थाएं कानून
को अपने हाथ में लेरही हैं और वो नफरत और हिंसा फैला रही हैं। मोब लिंचिंग की
घटनाओं ने बेहद कष्टकारक स्तर प्राप्त कर लिया है और उसके माध्यम से वह समाज को
अमानवीय बनाने की कोशिश में जुटे हैं।
नाबालिग लड़कियों एवं दलितों के विरूध्द अत्यंत
भयानक अपराध किए जारहे हैं। कठवा और उन्नाव की घटनाओं ने पूरे राष्ट्र को भारी
धक्का पहुंचाते हुये स्तब्ध कर दिया है।
भाजपा पूरी तरह से बेनकाब होचुकी है। क्योंकि उपरयुक्त घटनाओं में उसके
कार्यकर्ता नेता और समर्थक भी शामिल हैं और आरोपियों का बचाव और संरक्षण भी उन्हीं
के द्वारा किया जारहा है। उपेक्षित समुदायों तथा उनसे छीने जारहे उनकी भूमि के
अधिकार एवं उनके जीने का अधिकार को छीने जाने को सोनभद्र की हत्याओं ने पूरी तरह
से बेनकाब कर दिया है। इन घटनाओं ने ये भी साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश एवं
केन्द्र की सरकारें कितना अधिक दमनकारी होचुकी हैं। पूरे भारतवर्ष में आदिवासी
अपने जीवनयापन के अधिकार के विरूध्द अत्यधिक खतरा महसूस कर रहे हैं क्योंकि वन
रक्षा अधिनियम लागू नहीं किया गया है।
अब नरेन्द्र
मोदी सरकार ने धारा 370 और संविधान के अन्य प्रावधानों को एकतरफा तरीके से निरस्त कर और जम्मू
एवं कश्मीर राज्य का विभाजन कर हमारी संवैधानिक व्यवस्था को एक गंभीर आघात पहुंचाया
है। यह मुद्दा केवल जम्मू कश्मीर तक सीमित नहीं है। ये लोकतन्त्र, संघात्मकता और संवैधानिक व्यवस्था पर हमला है। यह भारत की एकता अखंडता के
लिये हानिकारक है। भारत की जनता को इसका पुरजोर विरोध करना चाहिए।
इन अत्यंत गंभीर एवं खतरनाक बनती परिस्थितियों में
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश अपनी समस्त पार्टी इकाइयो एवं आम जनता का
आह्वान करती है कि वे 9 अगस्त 2019 को विरोध संगठित करें।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
गुरुवार, 1 अगस्त 2019
at 1:34 pm | 0 comments |
D. Raja is reaching Sonbhadr on August 3
भाकपा नेता पीड़ितों
का दुख दर्द साझा करने 3 अगस्त को सोनभद्र पहुंचेंगे
4 अगस्त को वाराणसी
में विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे भाकपा नेता
लखनऊ- 1 अगस्त 2019, भारतीय
कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व सांसद कामरेड डी॰ राजा, पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य एवं राज्य सचिव डा॰ गिरीश एवं
नेत्रत्व के अन्य साथी 3 अगस्त शनिवार को सोनभद्र जनपद के उभ्भा गांव पहुंचेंगे।
वहाँ वे उन 10 आदिवासियों के परिवारों के साथ दुख दर्द बांटेंगे जिनकी कि 17 जुलाई
को भूमाफियाओं ने दिन दहाड़े न्रशंस हत्या कर दी थी। वे उन लोगों से भी मिलेंगे जो
घायल हुये थे।
भाकपा राज्य सहसचिव कामरेड अरविन्दराज स्वरूप व
कामरेड इम्तियाज़ अहमद ( पूर्व विधायक ), भारतीय खेत मजदूर
यूनियन के प्रदेश महासचिव का॰ फूलचंद यादव, उत्तर प्रदेश किसान
सभा के संयुक्त सचिव सुभाष पटेल उत्तर प्रदेश नौजवान सभा के अध्यक्ष का॰ विनय पाठक, भाकपा राज्य कार्यकारिणी सदस्य का॰ हामिद अली, राज्य
कंट्रोल कमीशन के सदस्य विजय कुमार एवं जिला सचिव वाराणसी का॰ जयशंकर सिंह आदि
सहित कई अन्य नेतागण भी साथ में होंगे।
कामरेड राजा 3 अगस्त को प्रातः 7: 40 बजे वाराणसी
के बावतपुर हवाई अड्डे पर दिल्ली से पहुंचेंगे। राज्य नेत्रत्व के साथी उन्हें वहाँ
रिसीव करेंगे और सीधे सोनभद्र के उभ्भा गांव लेकर जायेंगे। वहाँ से वे राबर्ट्सगंज
लौटेंगे जहां सायंकाल मीडियाकर्मियों से रूबरू होंगे। अगले दिन 4 अगस्त को वे
वाराणसी पहुंचेंगे जहां पूर्वान्ह 11: 40 बजे पराडकर भवन में प्रेस के साथियों को
संबोधित करेंगे। दोपहर 1: 00 बजे वे तथा नेत्रत्व के अन्य
साथी एआईबीईए हाल, कमच्छा में आयोजित विचारगोष्ठी को संबोधित
करेंगे।
ज्ञातव्य हो कि कामरेड डी॰ राजा को हाल ही में
दिल्ली में संपन्न भाकपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में महासचिव चुना गया है। अपनी
ज़िम्मेदारी संभालते ही उन्होने सोनभद्र जाने का निर्णय लिया है। महासचिव चुने जाने
के बाद वे पहली बार उत्तर प्रदेश आरहे हैं।
जारी द्वारा-
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
सोमवार, 29 जुलाई 2019
at 9:30 pm | 0 comments |
Unnav Rape case: CPI for CM's Resignation
बलात्कार पीड़िता को एयर एंबुलेंस से इलाज के लिये
दिल्ली भेजा जाये।
नैतिकता का तकाजा है कि मुख्यमंत्रीजी स्तीफ़ा दें:
भाकपा
लखनऊ- 29 जुलाई 2019, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने यहाँ जारी बयान में कहाकि उत्तर प्रदेश में सरकार समर्थित
गुंडाराज ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं। सोनभद्र में 10 लोगों के दिन दहाड़े बहाये गये
रक्त की लालिमा अभी ओझल हो नहीं पाई थी कि उन्नाव की बलात्कार पीड़िता को परिवार सहित
नेस्तनाबूद करने की नई कहानी लिख दी गई। दुर्घटना जिसमें केस की गवाह सहित दो महिलाओं
की मौत होगयी और पीड़िता सहित अन्य लोग जिंदगी- मौत के बीच जूझ रहे हैं, योगी सरकार के माथे पर कलंक का अमिट टीका है।
सारे प्रदेश और देश को स्तब्ध करने वाली इस घटना की
भाकपा तीव्र शब्दों में भर्त्सना करती है। भाकपा पीड़ितों के परिवारों के प्रति ह्रदय
की गहराइयों से संवेदनाएं व्यक्त करती है। भाकपा मांग करती है कि पीड़िता और अन्य घायलों
को इलाज के लिये राज्य सरकार एयर एंबुलेंस से किसी उच्च अस्पताल को फौरन भेजे और सभी
के इलाज की पूरी ज़िम्मेदारी ले।
दुर्घटना के सारे हालात बताते हैं कि यह एक गहरी साजिश
है। साजिशकर्ता कोई और नहीं, भाजपा का बाहुबली विधायक है- जिसे
समूची भाजपा की सरपरस्ती हासिल है। अतएव पीड़िता और अन्य को सरकार और सीबीआई से न्याय
शायद ही मिल पाये। अतएव पूरी घटना की उच्च न्यायालय के सिटिंग न्यायाधीश से कराई जाये, भाकपा ने मांग की है।
भाकपा के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि उत्तर प्रदेश
में एक से बढ़ कर एक संगीन वारदात होरही हैं लेकिन सरकार के मुखिया संज्ञान लेने तक
सीमित रह जाते हैं। लोकतन्त्र में शासन में बैठे लोगों की भी नैतिक ज़िम्मेदारी होती
है और मुख्यमंत्रीजी को इन घटनाओं की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुये तत्काल पद से स्तीफ़ा
देना चाहिए। विपक्ष के ऊपर ज़िम्मेदारी डाल कर अथवा पिछली सरकारों के कार्यकाल की घटनाओं
के उदाहरण देकर वे ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते।
डा॰ गिरीश ने कहाकि आज कल मुख्यमंत्री जी समय समय पर
लोहिया जी का उदाहरण देते रहते हैं। उन्हें याद दिलाना चाहता हूँ कि गोलीकांड में एक
व्यक्ति की मौत पर लोहियाजी ने केरल की थानू पिल्लई सरकार से स्तीफ़ा लेलिया था। अतएव
मुख्यमंत्रीजी से अनुरोध है कि लोहिया जी के पथ का अनुशरण करें और उत्तर प्रदेश में
होरहे निरीहों के रक्तपात, बलात्कार और अत्याचारों की ज़िम्मेदारी
लेते हुये तुरंत पद त्याग करें।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
गुरुवार, 25 जुलाई 2019
at 8:28 pm | 0 comments |
Protest of CPI in UP on District Headquarters
प्रकाशनार्थ
घोरावल ( सोनभद्र ) हत्याकांड
के विरोध में भाकपा ने प्रदेश भर में व्यापक प्रदर्शन किये
लखनऊ- 25 जुलाई 2019, घोरावल (
सोनभद्र ) नरसंहार के दोषियों पर रासुका लगाने, समूचे प्रकरण
की जांच उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायधीश से कराने, घटना
में सहयोगी और उसके लिये जिम्मेदार सभी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को निलंबित कर
दंडित किये जाने, घटना में हर म्रतक के परिवारी को रुपये 50
लाख प्रति म्रतक मुआबजा दिये जाने, प्रत्येक घायल को रुपये 5
लाख सहयोग के तौर पर दिये जाने, वर्षों से ज़मीनों को जोत- बो
रहे आदिवासियों को ज़मीनों पर कब्जा और स्वामित्व दिये जाने,
आदिवासी अधिनियम को लागू किये जाने, पुराने सीलिंग कानून को
पुनर्जीवित कर प्रदेश भर में माफियाओं के कब्जे वाली ज़मीनों को भूमिहीनों में
वितरित किये जाने और उत्तर प्रदेश में भूमि आयोग गठित किये जाने आदि प्रमुख मांगों
को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने आज समूचे उत्तर प्रदेश में अधिकतर जिला
मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन संबन्धित
जिलों के जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित
किये गये। इन ज्ञापनों में दलितों, अल्पसंख्यकों और
अन्य के खिलाफ होरही मोब लिंचिंग रोके जाने, उत्तर प्रदेश की
बदहाल कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने और बिजली की दरों में प्रस्तावित व्रद्धि को
वापस लिये जाने आदि मांगें भी शामिल थीं। घोरावल नरसंहार जिसमें की 17 जुलाई को 10
आदिवासियों की गोली से भून कर हत्या कर दी गयी के प्रति जनता में व्याप्त आक्रोश
ही था कि उत्तर प्रदेश में भाकपा के कार्यकर्ता लगभग 65 जिलों में सड़कों पर उतरे।
इसकी खबरें पूर्वान्ह 11 बजे से ही राज्य मुख्यालय पर आने लगीं थीं और आंदोलन की
तस्वीरें सोशल मीडिया पर दिखाई देने लगीं थीं।
जनपद सोनभद्र में जिला मुख्यालय पर जिला सचिव का॰ आर॰
के॰ शर्मा एवं लोकसभा प्रत्याशी रहे अशोक कनौजिया के नेत्रत्व में जिला मुख्यालय पर
प्रदर्शन किया गया और सभा की गयी। उपर्युक्त मांगों से संबन्धित ज्ञापन जिला प्रशासन
को सौंपा गया। प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी भी थी। जनपद फ़तेहपुर में खागा तहसील
पर राज्य कार्यकारिणी सदस्य मोतीलाल, जिला सचिव फूलचंद
पाल एवं राकेश प्रजापति के नेत्रत्व में प्रदर्शन- सभा कर ज्ञापन सौंपा गया।
गाजियाबाद में भाकपा के वरिष्ठ नेता का॰ भारतेन्दु
शर्मा एवं जिला सचिव सईद अनवर के नेत्रत्व में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर
ज्ञापन दिया गया। बागपत जनपद की बड़ौत तहसील पर जिला सचिव राजेन्द्र जैन, सहसचिव राकेश जैन, यशवीर सिंह एवं युवा नेता विक्रांत
सिंह के नेत्रत्व में प्रदर्शन कर ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया। फरुखाबाद की
तहसील कायमगंज पर भाकपा जिला सचिव का॰ अमित
यादव के नेत्रत्व में धरना प्रदर्शन किया गया।
मूसलाधार वारिश के बावजूद जनपद जालौन के जिला
मुख्यालय उरई में नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनय पाठक, भाकपा के पूर्व जिला सचिव विजय सिंह राठौर, देवेश
चौरसिया एवं प्रभूदयाल पाल के नेत्रत्व में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। आगरा में
राज्य काउंसिल सदस्य ओमप्रकाश प्रधान, सचिव ताराचंद एवं
सहसचिव मोहनसिंह जादूगर के नेत्रत्व में प्रदर्शन किया गया और सभा की गयी।
भाकपा के आह्वान पर जनपद चंदौली के चकिया में भाकपा, माकपा, स्वराज अभियान एवं आदिवासी वनवासी सभा के
संयुक्त तत्वावधान में गांधी पार्क में विशाल संयुक्त सभा की गयी और उपजिलाधिकारी
को ज्ञापन दिया गया। अध्यक्षता भाकपा जिला सचिव का॰ शुकदेव मिश्रा ने की।
गोरखपुर में का॰ सुरेश राय, राममूर्ति एवं डा॰ आशीष कुमार सिंह के नेत्रत्व में जिला मुख्यालय पर धरना
एवं सभा कर ज्ञापन सौंपा गया। देवरिया में जिला सचिव आनंद चौरसिया के नेत्रत्व में
कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया। कुशीनगर में वरिष्ठ नेता सगीर अहमद एवं
जिला सचिव मोहन गोंड के नेत्रत्व में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया।
इसी तरह कानपुर महानगर में भी भाकपा, माकपा, लोकदल, स्वराज्य
पार्टी, कांग्रेस, सपा, लोकतान्त्रिक जनतादल आदि ने संयुक्त धरना दिया और सभा की। सभा को भाकपा
के प्रदेश सहसचिव अरविन्दराज स्वरूप ने भी संबोधित किया। जनपद कानपुर देहात में भी
जिला सचिव हरिमोहन त्रिपाठी के नेत्रत्व में 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
उधर पूर्वाञ्चल के जनपद गाजीपुर में उत्तर प्रदेश
किसान सभा के महासचिव का॰ राजेन्द्र यादव, भाकपा जिला सचिव
का॰ अमेरिका यादव, जनार्दन राम एवं रामबदन सिंह के नेत्रत्व
में कामरेड सरयू पाण्डेय पार्क में प्रदर्शन किया गया। आजमगढ़ में उ॰ प्र॰ किसान
सभा के अध्यक्ष इम्तियाज़ बेग, खेत मजदूर यूनियन के अध्यक्ष
खरपत्तू राजभर, भाकपा के जितेन्द्र हरी पाण्डेय आदि के
नेत्रत्व में जुलूस निकाला गया। भदोही में भारतीय खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश
महासचिव फूलचंद यादव, भाकपा नेता भूयाल पाल एवं इंतजार हसन
के नेत्रत्व में प्रदर्शन एवं सभा की गयी। हाथरस में का॰ संजय खान के नेत्रत्व में
ज्ञापन दिया गया।
वाराणसी में शास्त्रीघाट धरनास्थल पर प्रदर्शन कर
ज्ञापन दिया गया। सभा को वरिष्ठ नेता विजय कुमार, जिला सचिव
जयशंकर सिंह एवं एटक नेता अजय मुखर्जी ने संबोधित किया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने
भी भाग लिया। जौनपुर में भी जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन एवं सभा आयोजित की गयी जिसे
सुभाष पटेल, रामनाथ यादव, सालिग्राम
पटेल एवं जयप्रकाश सिंह आदि ने संबोधित किया। मैनपुरी में जिला सचिव का॰ रामधन एवं
किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष राधेश्याम यादव के नेत्रत्व में जुझारू जुलूस निकाल
कर ज्ञापन दिया गया।
प्रतापगढ़ में जिला सचिव का॰ रामबरन सिंह के
नेत्रत्व में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। हेमंत नन्दन ओझा, कमरुद्दीन एवं महाराजदीन यादव ने भी सभा को संबोधित किया।
फैजाबाद
में तहसील स्थित तिकोनिया पार्क में प्रदर्शन एवं सभा का आयोजन किया गया जिसका
नेत्रत्व जिला सचिव का॰ रामतीरथ पाठक, रामजीराम यादव, जमुना सिंह एवं सूर्यकांत पाण्डेय ने किया। जनपद अंबेडकरनगर जिला
मुख्यालय पर भाकपा राज्य काउंसिल सदस्य अशोक तिवारी एवं नौजवान सभा के जिला
अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह चौहान के नेत्रत्व में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। जनपद बाराबंकी में भाकपा राज्य काउंसिल सदस्य
रणधीर सुमन एवं जिला सचिव का॰ ब्रजमोहन वर्मा, सहसचिव कौसर
खान एवं शिव दर्शन वर्मा के नेत्रत्व में प्रदर्शन कर सभा की गयी।
बहराइच में भाकपा सचिव सिध्दनाथ श्रीवास्तव एवं
सहसचिव कुलेराज यादव के नेत्रत्व में जिला कार्यालय जोशियापुरा से कचहरी तक जुलूस
निकाला गया और ज्ञापन दिया गया। बस्ती के जिला मुख्यालय पर जिला सचिव अशर्फीलाल
गुप्ता और राज्य काउंसिल सदस्य फूलचंद विकल के नेत्रत्व में धरना हुआ। मेरठ में
भाकपा जिला सचिव शरीफ अहमद एवं किसान सभा के नेता जितेंद्र सिंह के नेत्रत्व में
प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। मुरादाबाद में जिला सचिव रामप्रकाश रस्तोगी के
नेत्रत्व में धरना दे ज्ञापन दिया गया।
शाहजहांपुर में वरिष्ठ नेता रामशंकर नेताजी, सुरेश कुमार एवं मो॰ सलीम के नेत्रत्व में धरना प्रदर्शन आयोजित किया
गया। मथुरा में भाकपा राज्य कार्यकारिणी सदस्य का॰ गफ्फार अब्बास के नेत्रत्व में
जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया। बुलंदशहर में राज्य
कार्यकारिणी के सदस्य अजय सिंह के नेत्रत्व में सयाना तहसील पर ज्ञापन दिया गया।
बदायूं में जिला सचिव का॰ रघुराज सिंह के नेत्रत्व में जिला मुख्यालय पर धरना
प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया।
लखनऊ में जिला सचिव परमानंद, मोहम्म्द ख़ालिक़ एवं अकरम हुसैन के नेत्रत्व में पार्टी जिला मुख्यालय से
कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला गया और ज्ञापन दिया गया। चित्रकूट में जिला सचिव का॰
अमित यादव के नेत्रत्व में पार्टी कार्यालय से सदर तहसील तक नारेबाजी के साथ जुलूस
निकाला गया और उपजिलाधिकारी करवी को 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा
गया। गोंडा में जिला सचिव का॰ रामकिशोर के नेत्रत्व में कलक्ट्रेट परिसर में धरना
दे ज्ञापन दिया गया व सभा की गयी। का॰ सुरेश त्रिपाठी,
सत्यनारायन त्रिपाठी आदि ने सभा को संबोधित किया। बलरामपुर में जिला सचिव का॰ हाज़ी
नब्बन खां के नेत्रत्व में धरना दे ज्ञापन दिया गया।
बलिया, बांदा, बरेली, सीतापुर, महाराजगंज, इलाहाबाद, पीलीभीत, अलीगढ़, अमरोहा, सुल्तानपुर, मिर्ज़ापुर, हरदोई, हमीरपुर, नोएडा, शामली एवं सहारनपुर से भी कार्यक्रम किए जाने की खबरें मिलीं हैं।
भाकपा राज्य
सचिव डा॰ गिरीश ने इस आंदोलन को जोरदार ढंग से संपन्न करने हेतु सभी कार्यकर्ताओं को
बधाई दी है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
बुधवार, 24 जुलाई 2019
at 4:57 pm | 0 comments |
CPI DEMONSTRATIONS ON DISTRICT HEADQUARTERS AGAINST GHORAVAL MASECRE IN UP TOMMRROW
प्रकाशनार्थ
सोनभद्र नरसंहार के विरुध्द कल ( 25 जुलाई ) को प्रदेश
के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी भाकपा
लखनऊ- 24 जुलाई 2019, घोरावल ( सोनभद्र
) नरसंहार के दोषियों पर रासुका लगाने, समूचे प्रकरण की जांच
उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायधीश से कराने, घटना में सहयोगी
और उसके लिये जिम्मेदार सभी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को निलंबित कर दंडित किये जाने, घटना में हर म्रतक के परिवारी को रुपये 50 लाख प्रति म्रतक मुआबजा दिये जाने, प्रत्येक घायल को रुपये 5 लाख सहयोग के तौर पर दिये जाने, वर्षों से जोत- बोरहे आदिवासियों को ज़मीनों पर कब्जा और स्वामित्व दिये जाने, आदिवासी अधिनियम को लागू किये जाने, पुराने सीलिंग कानून
को पुनर्जीवित कर प्रदेश भर में माफियाओं के कब्जे वाली ज़मीनों को भूमिहीनों में वितरित
किये जाने और उत्तर प्रदेश में भूमि आयोग गठित किये जाने की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी समूचे उत्तर प्रदेश में कल- ( 25 जुलाई
) को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी।
प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी
के माध्यम से प्रेषित किये जायेंगे। ज्ञापन
में मोब लिंचिंग रोके जाने, उत्तर प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था
को पटरी पर लाने और बिजली की दरों में प्रस्तावित व्रद्धि को वापस लिये जाने आदि मांगें
भी शामिल की जायेंगी।
भाकपा उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव मण्डल ने सभी जिला
इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे जोरदारी से प्रदर्शनों का आयोजन करें। भाकपा ने सभी
वामपंथी, लोकतान्त्रिक और न्याय के लिये प्रतिबध्द शक्तियों से अनुरोध किया है कि वे
भाकपा के इस आंदोलन को सक्रिय सहयोग और समर्थन प्रदान करें।
डा॰ गिरीश
गुरुवार, 18 जुलाई 2019
at 5:30 pm | 0 comments |
उत्तर प्रदेश में घोरावल नर संहार के खिलाफ भाकपा का प्रदर्शन 25 जुलाई को
घोरावल नरसंहार इस दशक का सबसे बड़ा हत्याकांड: भाकपा
नरसंहार
मोबलिंचिंग और अन्य सवालों पर 25 जुलाई को प्रदर्शन करेगी भाकपा
लखनऊ- 18 जुलाई 2019, घोरावल नरसंहार, मोबलिंचिंग, किसानों की आत्महत्यायें, महिलाओं और दलितों पर अत्याचार, उत्तर प्रदेश की दयनीय
कानून व्यवस्था के खिलाफ और बाढ़ की विभीषिका से जान माल की सुरक्षा तथा बिजली के दामों
में प्रस्तावित व्रद्धि जैसे प्रमुख सवालों पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 25 जुलाई को
प्रदेश भर में सड़कों पर उतरेगी। इस दिन भाकपा जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर राज्यपाल
के नाम ज्ञापन सौंपे जायेंगे।
घोरावल नरसंहार को प्रदेश में इस दशक का सबसे बड़ा नरसंहार
बताते हुये भाकपा राज्य सचिव मण्डल ने कहा है कि सोनभद्र, मिर्ज़ापुर तथा तराई के तमाम जिलों में अफसर, नेता और
माफिया आदिवासियों, दलितों और कमजोर तबकों की भूमियों पर तमाम
तरीकों से जबरिया कब्जे कर रहे हैं। वहाँ आदिवासी अधिनियम का भी सरेआम उल्लंघन होरहा
है। राज्य की सरकारें और प्रशासन कब्जे करने वालों के पक्ष में ही खड़े होते हैं। कल
सोनभद्र के घोरावल में हुआ नरसंहार सरकार और प्रशासन की इसी करतूत का परिणाम है। आदिवासी
दलितों पर हुये एकतरफा कातिलाना हमले को पुलिस प्रशासन अब आपसी झगड़े की शक्ल देने में
लगा है।
भाकपा के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने आरोप लगाया कि उत्तर
प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है। मोब लिंचिंग, जबरिया जयश्रीराम बोलने को मजबूर करना, महिलाओं दलितों
और अन्य कमजोर वर्गों पर अत्याचार, लूट, गोलीकांड, और यहाँ तक कि पुलिसकर्मियों की हत्याएं और
हमले आदि पल पल की बात होगयी है। आर्थिक संकट के चलते किसान आत्महत्यायें कर रहे हैं, बाढ़ की विभीषिका से लोग तवाह होरहे हैं मगर शासक लोग भजन कीर्तन में समय जाया
कर रहे हैं। लुटी- पिटी जनता के ऊपर बिजली की बढ़ी दरें थोपे जाने की तैयारी भी चल रही
है।
25 जुलाई को इन सभी सवालों पर भाकपा जिला केन्द्रों
पर प्रदर्शन कर ज्ञापन देगी। ज्ञापन में घोरावल कांड के समस्त दोषियों को कानून के
शिकंजे में कसने को न्यायिक जांच कराने, म्रतकों के परिवारीजनों
को रुपये 50 लाख प्रति म्रतक तथा घायलों को 5 लाख हानिराशि प्रदान किये जाने, आदिवासी अधिनियम पर अमल किये जाने, प्रदेश भर में दलितों, आदिवासियों और अन्य कमजोरों की ज़मीनों को कब्जामुक्त किये जाने, महिलाओं दलितों और निर्बल वर्ग पर होरहे अत्याचारों पर रोक लगाने, बिगड़ी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने, किसानों की अर्थव्यवस्था
को सुधारे जाने, बाढ़ की तवाही से निजात दिलाने और बिजली की दरों
में प्रस्तावित व्रद्धि को रद्द करने की मांग की जायेगी।
डा॰ गिरीश
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