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बुधवार, 8 अप्रैल 2020
at 6:07 pm | 0 comments |
CPI demand immediate action against attacker on Tahaseeldaar Kannauj
प्रकाशनार्थ-
कन्नौज प्रकरण-
भाकपा ने की कड़ी कार्यवाही की मांग
लखनऊ- 8 अप्रेल 2020, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने कन्नौज में भाजपा सांसद के नेत्रत्व में एक तहसीलदार
के साथ मारपीट की कड़े शब्दों में निन्दा की।
यह मामला इस लिये भी संगीन है कि उपर्युक्त तहसीलदार
अनुसूचित जाति से संबन्धित हैं और दलित मुस्लिम तथा गरीबों पर भाजपाइयों कहर कुछ अधिक
ही टूटता है।
देश प्रदेश की जनता जब मिल कर जान लेवा कोरोना से जूझ
रही है, भाजपाई आज भी गुंडई और तानाशाही पर उतारू हैं। जब पुलिस मजबूरी में घरों से
निकले गरीबों को लाठियों से धुन रही थी, एक भाजपा विधायक उन्हें
गोली से मारने का हुक्म दे रहे थे। एक अन्य कुख्यात विधायक मगरूर जमातियों को कोरोना
जेहादी बता रहे थे। भाजपा की बलरामपुर जिला अध्यक्ष पिस्टल चला कर मोदी के आह्वान का
क्रियान्वयन कर रहीं थीं। अब भाजपाइयों ने एक तहसीलदार को ही पीट डाला।
भाकपा ने आरोप लगाया कि वे निरंतर कानून हाथ में ले
रहे हैं क्योंकि सरकार उनके खिलाफ कार्यवाही नहीं कर रही है। हिन्दुत्व के आवरण में
ढका भाजपा का गरीब, दलित और अल्पसंख्यक विरोधी चेहरा दिन
ब दिन उजागर होरहा है।
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार से अपील
की कि वे कानून हाथ में लेने वाले भाजपाइयों को जेल भेजें। संकट के इस दौर में जब विपक्ष
घरों में कैद है, सरकार और शासन पर निष्पक्षता की ज़िम्मेदारी
और भी बढ़ जाती है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा उत्तर प्रदेश
at 5:02 pm | 0 comments |
6th Letter of CPI UP to CM UP
भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी, उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल
22, कैसर बाग, लखनऊ-226001
दिनांक- 8
अप्रेल 2020
सेवामें,
श्री योगी आदित्यनाथ जी,
मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
लखनऊ- 226001
By- E-Mail
विषय- हाथरस की व्रध्द एवं मानसिक रूप से कमजोर महिला
को आर्थिक मदद किए जाने के संबंध में।
महोदय,
मेरे संज्ञान में लाया गया है कि शशि शर्मा, निवासी- 2/ 4 लेबर कालोनी, ( गिर्राज पेट्रौल पंप के
सामने ) हाथरस, मानसिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिक हैं। वे नितांत
अकेली हैं और आय का कोई साधन नहीं है। लाक डाउन के चलते पूरी तरह असहाय स्थिति में
पहुँच गयी हैं। उन्हें आर्थिक व अन्य सहायता की बेहद जरूरत है।
अतएव आपसे अनुरोध है कि शशि शर्मा को तत्काल सहायता
उपलब्ध कराने हेतु निर्देश निर्गत करने का कष्ट करें।
साभिवादन
भवदीय
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
प्रतिलिपि आवश्यक कार्यवाही हेतु- जिलाधिकारी, हाथरस
शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020
at 1:35 pm | 0 comments |
Fifth letter of CPI UP to CM UP
भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी, उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल
22, कैसर बाग, लखनऊ- 226001
दिनांक- 3
मार्च 2020
मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश के नाम पत्र- 5
By- e
mail
सेवामें
श्री योगी आदित्यनाथ जी
मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार,
लखनऊ- 226001
विषय- नोएडा
में भूख से जूझ रहे बंगाली परिवारों तक रसद पहुंचाये जाने के संबंध में।
महोदय
मैं ने कल शाम उपर्युक्त के संबन्ध में एक पत्र जिलाधिकारी, गौतमबुध्द नगर को ई- मेल किया था जिस पर आज अभी दोपहर तक कोई कार्यवाही न
होने के कारण आपको यह पत्र लिख रहा हूँ।
मुझे अवगत कराना है कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के
5 परिवार जिनमें स्त्री, बच्चों समेत कुल 12 लोग हैं NOIDA
के सेक्टर-37 की हरिजन बस्ती की गली नं 3 में रह रहे हैं। इनमें से एक सद्दाम का मो॰
नं॰ 6295962150 है।
ये लोग क्लाकडाउन से पहले दैनिक मजदूरी कर पेट पालते
थे। अब इन पर न रोजगार बचा है न धन। अतएव ये भूख की त्रासदी का सामना कर रहे हैं। पहले
ही बता चुका हूँ कि कोई सरकारी- गैर सरकारी मदद उन तक अब तक नहीं पहुँच सकी है। उनके
बच्चे भोजन, दूध के बिना तड़प रहे हैं और बड़े भी भूखों मर रहे
हैं।
हमने अपने संपर्कों के जरिये उन तक मदद पहुंचाने की
कोशिश की परंतु लाक डाउन के चलते हमारे संपर्क उन तक नहीं पहुँच सके।
उन्हें तत्काल सहायता की जरूरत है। अतएव आटा, दाल, आलू और कुछ नकद सहायता उन तक शीघ्र से शीघ्र पहुंचाई
जाये और उनके जीवन की रक्षा की जाये।
आशा ही नहीं पूरा विश्वास है आपके स्तर शीघ्र और ठोस
कार्यवाही अवश्य होगी।
सधन्यवाद।
भवदीय
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
प्रतिलिपि- जिलाधिकारी, गौतम बुध्द नगर, उत्तर प्रदेश
गुरुवार, 2 अप्रैल 2020
at 2:31 pm | 0 comments |
CPI UP Letter To CM UP 4
भारतीय
कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल
22, कैसर बाग, लखनऊ- 226001
उत्तर
प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम भाकपा का पत्र- 4
By-
e-mail
दिनांक-
2 अप्रेल 2020
विषय-
जनपद गौतमबुध्द नगर एवं बंबई में फंसे मजदूरों को राहत सामग्री उपलब्ध कराये जाने और
उनकी चिकित्सकीय देख- रेख के सबंध में।
सेवामें,
श्री योगी आदित्यनाथ जी
मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
सरकार
लखनऊ- 226001
महोदय,
सबसे पहले आपको धन्यवाद देना चाहूंगा कि विभिन्न
राज्यों में फंसे यूपी वासियों की जिन समस्याओं के बारे में हमने आपको जो पत्र
लिखे हैं उनमें से कुछ तक राहत सामग्री पहुंची है और उनका जीवन बचाया जा सका है।
अब मैं आपके समक्ष दो मामले प्रेषित कर रहा हूँ-
1- पहला
मामला जनपद- गौतम बुध्द नगर में फंसे बिहार राज्य के मजदूरों के संबंध में है। नोएडा
सेक्टर- 68 में हल्दीराम का कारखना है जिसमें लगभग 150 मजदूर काम करते हैं। मुझे
सूचना दी गयी है कि उनमें से लगभग 45 मजदूर जो बिहार के गया, नवादा एवं जमुई जिलों से हैं इस समय नोएडा की चौखंडी चौकी के पास मैदान
में बनी हुयी झुग्गी झौंपड़ियों में रह रहे हैं। उनमें से एक श्री नरेश मांझी, मो॰ नं॰ 9540266107 हैं, जिन्होने हमसे संपर्क साधा
है।
स्थानीय विधायक के माध्यम से उन्हें बीते कल खाने के
कुछ पैकेट्स तो दिये गए हैं पर उस खाने को लगातार खाया नहीं जा सकता है और इस अफरा
तफरी में यदि किसी तरह भोजन न पहुँच सका तो उन्हें भूख का सामना करना ही होगा।
अतएव वे चाहते हैं कि प्रशासन उन्हें आटा, दाल, आलू आदि उपलब्ध करा दे ताकि वे अपना खाना बना
खा सकें। उनकी बीमारियों आदि का भी ध्यान रखा जाये।
2- दूसरा
मामला मुंबई का है जिसके संबंध में मैंने आपको 28 मार्च को भी पत्र लिखा था। अलीगढ़
और हाथरस के मजदूर जो कामरेड संजय खान, मो॰ नं॰-
9536642121 के संपर्क में हैं वहां फंसे हुये हैं। उनकी समस्या भी यही है कि BMC उन्हें मराठी खाने के पैकेट देने को तैयार हैं लेकिन उस भोजन से उनका काम
नहीं चलता। वे भी आटा, दाल, आलू आदि
चाहते हैं ताकि अपने तरीके का भोजन पका कर खा सकें।
उल्लेखनीय है उन्हें यूपी भवन से भी कोई मदद नहीं
मिल सकी है।
अतएव आपसे अनुरोध है कि उपर्युक्त पीड़ितों को राहत
प्रदान करने के निर्देश देने का कष्ट करें।
आभारी हूंगा।
भवदीय
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
प्रतिलिपि- जिलाधिकारी, जनपद- गौतमबुध्द
नगर ( उत्तर प्रदेश )
का॰ अरविन्दराज स्वरूप, सहसचिव,
भाकपा, उत्तर प्रदेश
मंगलवार, 31 मार्च 2020
at 7:51 pm | 0 comments |
AN OPEN LETTER OF CPI, UP TO CM UP AND CM TAMILNADDU
भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी, उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल
22, कैसर बाग, लखनऊ- 226001
दिनांक- 31
मार्च 2020
उत्तर प्रदेश
के मुख्यमंत्री को भाकपा राज्य काउंसिल का पत्र- 3
By- E-
Mail
सेवामें
श्री योगी आदित्यनाथ जी,
मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
लखनऊ- 226001
विषय- जनपद महाराज गंज के 60 युवा मजदूरों और अन्य अनेक
यूपी वासियों के तमिलनाड्डु में फंसे होने के संबंध में।
महोदय,
हमें भाकपा के प्रदेश भर में फैले कार्यकर्ताओं से और
अन्य राज्यों में फंसे यूपी के पीड़ितों से उनकी कठिनाइयों के बारे में अनेक सूचनाएं
प्राप्त हो रही हैं, लेकिन हम आपके संज्ञान में केवल उन्हीं
चुनींदा को लाते हैं जहां लोग असहनीय स्थिति में पहुँच चुके हैं।
हमें यूपी के जनपद महाराजगंज के ग्राम व पोस्ट- जमुई
पंडित के स्थाई निवासी श्री शैलेश चौधरी मो॰ नं॰ – 9566562130 से सूचना मिली है कि
उनके साथ इस जनपद के 60 मजदूर तमिलनाड्डु के तिरुप्पुर- जनपद में फंसे हैं और अब वे
भूख के कोरोना की गिरफ्त में आचुके हैं।
ये मजदूर U Trenzed
Kolipanye उद्योग में कार्यरत थे जो वर्तमान में Kolipane
Annapurna Compound SF No. 105, Kolipanye Andivaalyam, Tiruppur- 641687 में स्थित है।
वहीं फंसे ये मजदूर केवल हिन्दी बोल पाते हैं, अतएव स्थानीय लोगों और प्रशासन से रूबरू होने में उन्हें बेहद कठिनाई होरही
है।
किसी तरह प्रशासन की ओर से उन्हें कल प्रति व्यक्ति
1/ 2 किलोग्राम आटा मिला जो रात को ही खत्म होगया। फैक्टरी मालिक भी उनकी कोई मदद नहीं
कर रहा। निश्चय ही उन्हें तत्काल मदद नहीं मिली तो वे कोरोना से भले ही बच जायेँ, मगर भूख का अजगर उन्हें निगल जाएगा।
यहां में प्रसंगवश आपके संज्ञान में लाना चाहूँगा कि
हमें यूपी भर से भी ऐसी खबरें मिल रही हैं कि अति गरीब लोगों तक प्रति परिवार आधा किलो
आटा, आधा किलो चावल, पाव भर आलू और पाव भर दाल संबंधित लोगों
ने बांट कर पुण्य कमा लिया और वे भूखों मर रहे हैं। शायद पूंजीवादी व्यवस्था, पूंजीवादी शासन एवं पूंजीवादी मनोव्रत्ति सभी राज्यों में एक ही तरह से काम
कर रही है।
पुनः तमिलनाड्डु में फंसे मजदूरों के संबंध में कहना
चाहूँगा कि भाकपा, उत्तर प्रदेश के राज्य सहसचिव का॰ अरविन्दराज
स्वरूप ने आज तिरुप्पुर के जिलाधिकारी के उपलब्ध नंबरों पर बात करना चाही, पर फोन उठे नहीं।
तदुपरान्त उन्होने उत्तर प्रदेश सरकार के तमिलनाड्डु
के लिये नियुक्त नोडल अधिकारी श्री एम॰ देवराज, IAS तथा अपर पुलिस DGP- कार्मिक
श्री एल॰ बी॰ एंटनी देव कुमार IPS को ई- मेल के जरिये सारी जानकारी
भेजी, जिसकी प्रति मुझे भी प्राप्त हुयी है।
अतएव आपसे अनुरोध है कि उपर्युक्त मजदूरों को तत्काल
भोजन एवं आवास मुहैया कराने तथा किसी भी तरह उन्हें महाराजगंज तक पहुँचाने की व्यवस्था
( जहां उन्हें एकांत में मेडिकल सुपरविजन में रखा जा सकता है ) के आदेश देने का कष्ट
करें।
शीघ्र कार्यवाही की प्रतीक्षा में।
भवदीय
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
प्रतिलिपि आवशक कार्यवाही हेतु- मुख्यमंत्री, तमिलनाड्डु
सोमवार, 30 मार्च 2020
at 7:05 pm | 0 comments |
CPI, UP LETTER TO CM UP AND CM TELANGANA
भारतीय
कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल
22, कैसर बाग, लखनऊ- 226001
दिनांक- 30 मार्च 2020
उत्तर
प्रदेश के मुख्यमंत्री को भाकपा राज्य काउंसिल का पत्र- 2
सेवामें
श्री योगी आदित्यनाथ जी,
मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
लखनऊ- 226001
विषय- जनपद- सोनभद्र के 6 गरीब युवाओं और अन्य अनेक
के तेलांगाना में फंसे होने के संबंध में।
महोदय,
आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि अन्य अनेक की
तरह उत्तर प्रदेश के जनपद- सोनभद्र के चोपन थाना अंतर्गत ग्राम पटवध के चार गरीब
नौजवान मजदूरी करने को हैदराबाद गये थे। वे जिस दिन वहाँ पहुंचे उसी दिन कर्फ़्यू
लागू होगया और कंपनी बन्द होगयी। भोले- भाले इन युवकों को यदि पहले से चेतावनी
होती तो कर्फ़्यू की घोषणा के मात्र दो दिन पहले वे अपनी यात्रा शुरू न करते।
इस समय ये चारों मजदूर – वामन टेक्स्ट प्रिंट प्रायवेट लिमिटेड, जो जनपद-
हैदराबाद के थाना एवं पोस्ट- घटकेसर के ग्राम-
पीला पाली में है, फंसे हैं। इन मजदूरों के खाने-
पीने की कोई व्यवस्था नहीं होपारही है। जो अल्प रकम वे घर से लेकर गये थे वह भी
खर्च होचुकी है। वे एकदम भूखों मरने के कगार पर हैं।
इन मजदूरों के नाम और मो॰ नं- निम्न हैं-
1- संजय, पुत्र- अमरनाथ, 9621065158
2- संदीप, पुत्र- बंसीलाल, 7030928893 व 8106337408
3- विनोद
कुमार, पुत्र- सुकालू एवं
4- शुभम, पुत्र- चन्दन
इस संबंध में निवेदन करना चाहता हूं कि भाकपा के राज्य
सह सचिव कामरेड अरविन्दराज स्वरूप ने उपर्युक्त के संबंध में गत आधी रात के बाद आपके
द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी श्री टी॰ वेंकटेश एवं अपर पुलिस महानिदेशक- रेलवे, श्री संजीव मित्तल को ई मेल भेज कर मदद दिये जाने का आग्रह किया था।
इस पर श्री मित्तल का जबाव मिला है कि 14 अप्रेल तक
कुछ भी संभव नहीं है और स्थानीय प्रशासन को सूचना दे दी गयी है। उन्होने स्थानीय प्रशासन
के नंबर- 100, 040- 23434343, 9490616780
संपर्क करने हेतु और खाने की व्यवस्था के लिये 040- 21111111 नंबर भेजा है परंतु न
तो वहां अभी तक कोई सहायता पहुंची न पीड़ितों का उनसे संपर्क हो पारहा है।
कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपकी ओर से सभी यूपी वासियों
की मदद के दाबे दर दाबे किये जारहे हैं, वहीं सारा मामला असहाय
पीड़ितों पर ही छोड़ पल्लू झाड़ने की चेष्टा की जारही है।
विपत्ति में फंसे इनके अभिभावकों और हम सबकी प्रबल
ख्वाहिश है कि उनके वहां खान पान और सुरक्षा की तत्काल व्यवस्था कराई जाये।
साथ ही तेलांगाना में फंसे इन युवको एवं अन्य यूपी
वासी मजदूरों, नागरिकों को शीघ्र से शीघ्र उनके घरों तक
पहुंचाया जाये। घर पहुँचने पर जांच के बाद वे एकांतवास में रखे जा सकते हैं।
वे सभी एक ऐसी यातना झेल रहे हैं जिसके लिये वे कतई
जिम्मेदार नहीं हैं।
आशा ही नहीं पूरा विश्वास है कि आप इस ज्वलंत
समस्या के निदान हेतु शीघ्र ठोस कार्यवाही अवश्य करेंगे। साभिवादन
भवदीय
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
प्रतिलिपि आवश्यक कार्यवाही हेतु- मुख्यमंत्री, तेलांगाना प्रदेश हैदराबाद।
शनिवार, 28 मार्च 2020
at 7:29 pm | 0 comments |
CPI UP LETTER TO CM UP
भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी, उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल
22, क़ैसर बाग, लखनऊ- 226001
दिनांक- 28
मार्च 2020
मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश के नाम पत्र ( 1 )
सेवामें
श्री आदित्य नाथ जी,
मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
विषय- मुंबई में फंसे उत्तर प्रदेश और उत्तर भारतीय
वासियों को वापस घर पहुंचाने के संदर्भ में
महोदय,
संचार माध्यमों से ज्ञात हुआ कि आपने कोरोना से निपटने
के प्रयासों के तहत शासन स्तर पर कई कमेटियां गठित कर दी हैं। विश्वास जगा कि अब प्रदेश
की जनता का हित होगा।
यह भी ज्ञात हुआ कि मुंबई सहित महाराष्ट्र में फंसे
यूपी के लोगों की मदद हेतु भी एक कमेटी और नोडल अधिकारी तय कर दिये गये हैं। इसके लिये
नवी मुंबई स्थित यूपी भवन के फोन और मोवायल नंबर – 022-17811861, 9137452239, 9702901598, एवं 9821058315
पर मदद हेतु संपर्क करने की बात भी कही गयी है।
क्योंकि यूपी के महाराष्ट्र और मुंबई में फंसे हुये
लोगों की दिक्कतों के बारे में मुझे लगातार सूचनायें मिल रहीं थीं अतएव जनहित मैंने
इन नंबरों को फेस बुक और तमाम वाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित कर दिया। अनेक संवेदनशील
लोगों ने इसे शेयर कर दिया। फलस्वरूप यह सूचना तमाम पीड़ितों और प्रभावितों तक पहुंच
सकी।
परिणामस्वरूप तमाम लोगों ने आज उपर्युक्त नंबरों पर
मदद हेतु संपर्क किया, पर पूरे दिन फोन नहीं उठे। उदाहरण के
लिये मुंबई- बांद्रा ईस्ट बेहराम नगर में तकरीबन 50- 60 व्यक्ति अलीगढ़ जनपद के पहासू
व मिर्ज़ा चांदपुर एवं हाथरस के फंसे हुये हैं। उनमें से एक हाथरस निवासी श्री संजय
खान भी हैं जिनका मोबायल नंबर- 9536642121 है।
ये सब गरीब मजदूर और दस्तकार वहाँ पाई पाई को मुंहताज
हैं। कर्फ़्यू की अचानक घोषणा और उससे पहले ही ट्रेन आदि के बंद होने के कारण वे घर
भी नहीं आसके। मुंबई में कोरोना की भयावहता और ऊपर से भोजन और चिकित्सा सेवाओं की कमी
ने इन्हें व्यग्र कर दिया है और वे घर आना चाहते हैं।
संजय खान के अनुसार यूपी, बिहार और उत्तरी राज्यों के लाखों- लाख लोग इसी विपत्ति में फंसे हैं और उन्हें
वहां तत्काल निकाल कर घर पहुंचाने की जरूरत है।
इन्हें बसों और ट्रेन कंपार्टमेंट्स को मजबूत पोलीथिन
से पार्टीशंड करके लाया जा सकता है।
अतएव आपसे अनुरोध है कि अचानक महा विपत्ति में फंसे
इन लोगों को शीघ्र अतिशीघ्र अपने घरों को पहुंचाने को ठोस कदम उठायेँ। इस महायज्ञ में
केन्द्र सरकार की मदद लेना भी अपरिहार्य होगा। सधन्यवाद।
भवदीय
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
प्रतिलिपि- सभी संचार माध्यमों को।
शुक्रवार, 27 मार्च 2020
at 9:06 pm | 0 comments |
प्रकाशनार्थ-
उत्तर प्रदेश
से बाहर फंसे यूपी वालों के हालात बेहद संगीन
तत्काल और
ठोस कदम उठाये राज्य सरकार: भाकपा
लखनऊ- 27 मार्च 2020, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि वे देश के विभिन्न
राज्यों में फंसे उत्तर प्रदेश के श्रमिकों और अन्य नागरिकों को अपने घर वापस लाने
अथवा उनको वहीं हर तरह की सुरक्षा दिलाने को तत्काल ठोस कदम उठाये।
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव ने कहा
कि उन्हें उत्तर प्रदेश के जिलों जिलों से अपने पार्टी साथियों से रिपोर्टें मिल रही
हैं कि उनके जनपदों के तमाम लोग पूर्व घोषणा के बिना अचानक हुये लाक डाउन के चलते दिल्ली, बंबई, कलकत्ता तथा तथा देश के अन्य राज्यों में फंसे
हैं और वे भुखमरी के कगार पर पहुँच चुके हैं। कुछ लोगों ने उनसे संपर्क भी किया है
और मीडिया भी खौफनाक तस्वीरें बयां कर रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रीजी ने यूपी में फंसे अन्य
राज्यों के लोगों को उनके घर पहुंचाने और अन्य राज्यों से ऐसी ही अपेक्षा की थी और
आज उन्होने अधिकारियों की नोडल कमेटी भी बना दी है। लेकिन बाहर फंसे लोगों के हालात
इतने संगीन हैं कि तनिक भी ढिलाई भारी हानि पहुंचा सकती है।
समस्या की गंभीरता को देखते हुये शासन से वार्ता करने
के प्रयास भी किये लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के फोन उठे नहीं। भाकपा पुनः मांग करती
है कि यूपी के लोगों की रक्षा करे यूपी सरकार।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
शनिवार, 14 मार्च 2020
at 6:08 pm | 0 comments |
प्रकाशनार्थ-
जुर्माना
बसूल अध्यादेश को तत्काल वापस ले यूपी सरकार: भाकपा
लखनऊ- 14 मार्च, 2020, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मण्डल ने कल योगी सरकार द्वारा जारी
किए गये ‘यूपी रिकवरी फार डेमेज टू पब्लिक एंड प्रायवेट प्रापर्टी
अध्यादेश’ को प्रदेश की जनता और न्यायव्यवस्था के लिये आघात बताया
है और इसे तत्काल रद्द करने की मांग की है।
भाकपा राज्य सचिव मण्डल ने आरोप लगाया कि भाजपा और उसकी
सरकारें सदैव से संविधान और न्याय की व्यवस्था की धज्जियां बिखेरती रही हैं। जो न्यायिक
फैसला उनके हित में होता है उसे मानती हैं और जो उनके लक्ष्यों के विपरीत होता है उसे
ठुकरा देती हैं। बावरी मस्जिद ध्वंस प्रकरण में भी उन्होने राष्ट्रीय एकता परिषद और
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की धज्जियां बिखेर कर रख दी थीं।
अब सप्ताह भर पहले उत्तर प्रदेश के उच्च न्यायालय द्वारा
पोस्टर हटाने के आदेश को इस सरकार ने न केवल ढीढ्ता से ठुकरा दिया अपितु उसके विरूध्द
सर्वोच्च न्यायालय में जा पहुंचे। और जब वहाँ से भी इनके कुक्रत्य को हरी झंडी नहीं
मिली तो सरकार अध्यादेश लेकर आगयी।
इस सरकार को जनता के हितों की कतई कहीं फिक्र नहीं।
ओला, वारिश और तूफान से हुयी जन- धन हानि की इसे फिक्र नहीं, बेरोजगारों की कोई चिन्ता नहीं, अपराध और अपराधियों
पर इसका कोई अंकुश नहीं, महंगाई की तरफ इसका कोई ध्यान नहीं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवायें इसने पंगु कर रखी हैं,
विकास योजनाओं में कमीशनखोरी धड़ल्ले से चल रही है, इसके चहेते
अफसर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, कई पर आपराधिक मुकदमे कायम होरहे
हैं, दफा 144 लगा कर पुलिस- प्रशासन को राजनैतिक हथियार बना कर
यह जनता, जनांदोलन और विपक्ष को कुचल रही है धर्म का लबादा ओढ़
कर अधार्मिक आचरण कर रही है।
लोगों को कोरोना से उतना खतरा नहीं जितना इस सरकार से
खतरा है।
भाकपा इस अध्यादेश का कड़ा विरोध करती है और इसको तत्काल
वापस लेने की मांग करती है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
बुधवार, 11 मार्च 2020
at 12:52 pm | 0 comments |
दिल्ली के
दंगा पीड़ितों की मदद हेतु धन एकत्रित करें
शीघ्र से
शीघ्र भेजे जाने की भाकपा की अपील
दिनांक- 11
मार्च 2020,
प्रिय साथी,
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद ने सभी
राज्य कमेटियों से आग्रह किया है कि वे दिल्ली के दंगा पीड़ितों की मदद के लिये आम जनता
से धन एकत्रित कर शीघ्र भेजें। आप जानते ही हैं कि राज्य प्रायोजित दिल्ली के भीषण
दंगों में 55 से अधिक लोग मारे गये हैं, सैकड़ों गंभीर रूप
से घायल हुये हैं, तमाम घर उजड़ चुके हैं और अरबों- खरबों की संपत्ति
का नुकसान हुआ है। इन्हें हम सबकी सहायता की जरूरत है।
यूपी में भी विगत दिनों सरकार की दरिंदगी के चलते लगभग
दो दर्जन लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है, सैकड़ों घायल हुये
हैं और लोगों की संपत्तियों की बरवादी हुयी है।
अतएव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अपनी सभी जिला इकाइयों
से अपील करती है कि वे संवेदनशील नागरिकों और आम जनता से धन एकत्रित कर शीघ्र से शीघ्र
राज्य कार्यालय को भेजें।
हम सभी संवेदनशील नागरिकों से अपील करते हैं कि दंगा
पीड़ितों को राहत और पुनर्वास के लिये अपना योगदान अवश्य प्रदान करें।
ये धनराशि निम्नांकित खाते में डालें या नकद राज्य कार्यालय
पर जमा करें।
CPI, U.P. A/C-
Communist Party of India, U. P. State Council
A/C No. –
353302010017252
353302010017253
IFS Code UBIN 0535338
Union Bank of India, Awadh Clarks Branch, Lucknow
आशा ही नहीं पूरा विश्वास है आप शीघ्र धनराशि एकत्रित
कर जमा करेंगे।
सधन्यवाद
आपका साथी
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
सोमवार, 9 मार्च 2020
at 4:56 pm | 0 comments |
CPI welcomes High Courts Deccission on Posters in Lucknow
प्रकाशनार्थ-
उच्च न्यायालय
ने दिया वसूली पोस्टर हठाने का फैसला
भाकपा ने
सरकार से जनता से माफी मांगने की मांग की
लखनऊ- 9 मार्च 2020, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी, उत्तर प्रदेश के सचिव मण्डल ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय
के उस निर्णय का स्वागत किया जिसके तहत सीएए विरोधी आंदोलनकारियों के लखनऊ में फोटो
होर्डिंग लगाने को अवैध ठहराया गया है और उन्हें फौरन हटाने के निर्देश दिये हैं।
उच्च न्यायालय का यह निर्णय ढीठ, तनाशाह और लोकतन्त्र विरोधी सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है। सरकार को इस
कुक्रत्य के लिये आम जनता से क्षमा मांगनी चाहिये। लेकिन सरकार को अभी भी अक्ल नहीं
आयी और वह खीझ मिटाने को उच्च न्यायालय के निर्णय के विरूध्द सर्वोच्च न्यायालय पहुँचने
का इरादा जता रही है।
भाकपा सचिव मण्डल ने कहाकि राज्य सरकार के रवैय्ये से
लग रहा है कि वह जनता से डरी हुयी है और भयवश वह जनता और उसकी आवाज उठाने वालों के
संघर्ष को कुचलना चाहती है। इसका कारण है कि भाजपा और उसकी सरकार लगातार जनता की जेब
के धन को पूँजीपतियों की झोली में डाल रही है।
संविधान, लोकतन्त्र, मानवाधिकार और निजता का हनन करने वाली सरकार से उत्तर प्रदेश में लोग, लोकतान्त्रिक शक्तियाँ और लोकतान्त्रिक संस्थाएं निरंतर संघर्षरत हैं और आज
का उच्च न्यायालय का निर्णय भी उसी संघर्ष का परिणाम है। निश्चय ही तानाशाहों को सर्वोच्च
न्यायालय में भी हार का सामना करना पड़ेगा।
और धीरे धीरे वह समय भी करीब आरहा है जब उत्तर प्रदेश
की जनता इस तानाशाह सरकार को इतिहास के कूड़ेदान तक पहुंचा देगी।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
शनिवार, 7 मार्च 2020
at 4:53 pm | 0 comments |
मन की बात
जब सरकार
न दे साथ
तो पीड़ितों
का संबल बन सकता है आपका हाथ
डा॰गिरीश
उत्तर प्रदेश में इन तीन दिनों में प्रक्रति के
थपेड़ों ने आम जनजीवन को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया है। भारत की अर्थव्यवस्था की
रीढ़ किसान और उसकी फसलों को चौपट कर दिया है। बरवादी की इस दास्तान के बीच उत्तर
प्रदेश की योगी सरकार की निष्ठुरता भी सामने आगयी है। आपदा के इस कठिन दौर में भी
वह अपने हिन्दुत्व के एजेंडे को ही परवान चढ़ाने में जुटी है।
हानि बहुतरफा है। ओलों, वर्षा और तूफानी हवाओं ने गेहूं व जौ की फसल को जमीन पर लिटा दिया है।
खेतों में भरे पानी के कारण वे उठ कर सीधे हो नहीं सकते और वांच्छित अनाज और भूसा
दे नहीं सकते। जब तक पानी सूखेगा, आलू जमीन में सड़ कर मलबे
में तब्दील हो जायेंगे। काटी जाचुकी तिलहन की फसल की गहाई- ओसाई हो नहीं सकती और
जो खेतों में खड़ी है वह काटे जाने से पहले बरवाद हो जायेगी। बुंदेलखंड और
दक्षिणाञ्चल के जिलों में होने वाली चना, मसूर और मौंठ जैसी
फसलों की रिकवरी असंभव है। टमाटर अब खेतों में ही सड़ेंगे।
जायद की फसल उग रही थी, उसके नन्हें पौधे जमीन में विलीन होगये। आम, नीबू
और मौसम के दूसरे फलों के बौर और फूल झड़ गये। आम के बौर को तो चमक भी मार गयी।
ईंट भट्टों पर बनी कच्ची ईंटें मिट्टी के मलबे में
तब्दील होगयीं। ग्रामीण और शहरी पशुपालक होली के लिये गोबर की गुलेरियाँ बना कर
बेचते हैं और खुद स्तेमाल करते हैं। वे भी पूरी तरह नष्ट होगयीं।
बिजली पत्तन से प्रदेश में लगभग दर्जन भर
मौतें होचुकी हैं। कच्चे मकान और झौंपड़ी
नष्ट होचुकी हैं।
बरवादी की चपेट में समूचा उत्तर प्रदेश है। पश्चिमी
उत्तर प्रदेश, ब्रज क्षेत्र, मध्य, तराई, बुंदेलखंड, पूर्वोत्तर
और दक्षिणपूर्व आफत ने सभी को चपेट में लिया है। लोग हतप्रभ हैं, किसान बेचैन हैं पर प्रदेश सरकार अन्यमनस्क बनी हुयी है। उसका पूरा ज़ोर सीएए
विरोधी आंदोलनकारियों से बदला लेने पर केन्द्रित है।
उत्तर प्रदेश सरकार की प्राक्रतिक आपदाओं की
उपेक्षा से इन इन तीन सालों में किसान की आर्थिक स्थिति पंगु बन कर रह गयी है। आए
दिन प्रदेश के किसी न किसी हिस्से से किसानों की आत्महत्याओं की खबरें मिलती रहतीं
हैं। कई जगह तो पूरे के पूरे किसान परिवार ने मौत को गले लगा लिया।
धार्मिक चोगे में अपना जनविरोधी और किसान विरोधी
चेहरा छिपाए बैठी उत्तर प्रदेश सरकार ने आँखें मूँद लीं और फसल बीमा कंपनियों ने
घोटालों से तिजौरियाँ भर लीं। नोएडा, जौनपुर एवं
प्रदेश के कई अन्य भागों में भूमियों की उचित कीमतें मांगने पर किसान लाठियों से
धुने गए तो अयोध्या में श्री राम की मूर्ति लगाने के लिए किसानों से जबरिया भूमि
छीनी जारही है।
उत्तर प्रदेश के किसान दोहरी आपदा झेल रहे हैं। एक
ओर उन्हें कुदरत के कहर का सामना करना पड़ रहा है तो दूसरी ओर उसे सरकार के डंडे की
मार सहन करनी पड़ रही है।
वक्त है कि आम जन और किसान को निदान खोजना ही होगा।
संगठित आवाज उठा कर सरकार को बाध्य करना होगा कि वह फसल हानि का सप्ताह के भीतर
आंकलन कराये और उन्हें शत प्रतिशत मुआबजा दिलाये। आंकलन कमेटियों में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, इन चुनावों में हारे हुये
प्रत्याशी और किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल किए जाने चाहिये। तैयार रिपोर्ट को
अंतिम रूप देने से पहले ग्राम पंचायत कार्यालय पर चस्पा करना चाहिए ताकि किसान
दाबा कर सकें और रिपोर्ट में सुधार किया जा सके। पट्टेदारों और बटाईदारों को सीधे
भुगतान किया जाना चाहिए। सभी भुगतान चौपाल लगा कर राष्ट्रीयक्रत बैंकों के चेकों
के जरिये किये जाने चाहिए।
इस प्राक्रतिक आपदा से किसानों का होली का त्यौहार
फीका पड़ गया। मोदीजी का तो कोरोना वायरस से फीका पड़ चुका है। आम शहरियों का दिल्ली
की सरकार प्रायोजित हिंसा और सीएए, एनपीआर और एनआरसी
के आंदोलनकारियों के शर्मनाक उत्पीड़न से पड़ चुका है। दर्द उन्होने दिया है मरहम
हमें तलाशना होगा।
किसान सभा और वामपंथी कार्यकर्ताओं को तत्काल किसानों
और गांवों की तरफ रुख करना चाहिये। मौके पर जाकर अपने स्तर से फसलहानि का ब्यौरा तैयार
कर सामूहिक रूप से प्रशासन के समक्ष पेश करना चाहिये।
हम संकल्प करें कि होली का त्यौहार पूरी तरह सादगी
से मनायेंगे। आस्था की उन्मत्तता में ईंधन नहीं जलायेंगे। होली पर अनाज के दाने
जला कर नष्ट नहीं करेंगे। रंग गुलाल नहीं खेलेंगे। हाथ नहीं मिलाएंगे, गले नहीं मिलेंगे। धूल मिट्टी कीचड़ को हाथ नहीं लगाएंगे। परंपरागत
अभिवादन से प्रेम और भाईचारे का इजहार करेंगे।
प्राक्रतिक आपदा, दंगों की तवाही
और कोरोना की दहशत के बीच हमारी सामूहिक कार्यवाहियाँ पीड़ितों क
और इससे जो भी आर्थिक बचत हो उसे बरवाद किसानों, दंगों में म्रतकों और विनष्ट संपत्तियों वाले परिवारों तक पहुंचाएंगे। प्राक्रतिक
आपदा, दंगों की तवाही और कोरोना की दहशत के बीच हमारे ये सामूहिक
प्रयास ही पीड़ितों के लिए मरहम साबित होंगे। संकल्प लें कि हम अपने इन संकल्पों से
संवेदन शून्य शासकों को जगायेंगे- नया और सहिष्णु समाज बनाएँगे।
मंगलवार, 25 फ़रवरी 2020
at 7:19 pm | 0 comments |
CPI apeal for peace in U.P.
प्रकाशनार्थ-
अलीगढ़ और
उत्तर प्रदेश में शान्ति बनाये रखेँ: भाकपा
भाकपा ने
भाजपा और संघ पर लगाया सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप
लखनऊ- 25 फरबरी 2020, भारतीय कम्युनिस्ट
पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने अलीगढ़ के घटनाक्रमों पर चिन्ता जताते हुये अलीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और समूचे प्रदेश की जनता से शान्ति और भाईचारा बनाये
रखने की अपील की है। भाकपा ने दिल्ली की हिंसा में म्रतकों के परिवारों के प्रति गहरी
संवेदना व्यक्त की है।
राज्य सचिव मंडल की ओर से जारी एक प्रेस बयान में कहा
गया है कि CAA, NPR और NRC विरोधी आंदोलन की व्यापकता, उसके अनुशासन, उसके अहिंसात्मक स्वरूप और उसको बड़े पैमाने पर लोकतान्त्रिक शक्तियों से मिल
रहे समर्थन के चलते संघ भाजपा और उसकी सरकारें विचलित होगयी हैं और वे अब उसे बदनाम
कर, हिंसा का आरोप लगा कर उसकी आड़ में सांप्रदायिक विभाजन पैदा
करना चाहती हैं। इसके लिये वे अपने ट्रेण्ड काडर और पुलिस- प्रशासन का संयुक्त स्तेमाल
कर रही हैं।
दिल्ली के दुखद घटनाक्रमों से प्रेरित होकर अलीगढ़ में
भी शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे आंदोलन पर पहले संघ समर्थकों ने पथराव किया और पुलिस
प्रशासन ने भी आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग कर आतंक और संशय पैदा करने का प्रयास किया।
संघी जहां आंदोलन को सांप्रदायिक रूप देकर उसे बदनाम करना और अंततः नष्ट करना चाहते
हैं, वहीं पुलिस प्रशासन सत्ताधारियों को तुष्ट करने को अविवेकपूर्ण तरीके से बल
प्रयोग कर रहे हैं। निहित स्वार्थों के तहत दोनों ही भूल रहे हैं कि इसके दीर्घकालिक
परिणाम देश और समाज के लिये अहितकर होंगे।
उल्लेखनीय है कि मानवाधिकार आयोग और न्यायपालिका ने
गत माहों में पुलिस की अतिवादिता पर सवाल उठाए हैं।
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने कहाकि लोकतन्त्र में किसी
आंदोलन की सफलता उसके अहिंसात्मक स्वरूप से तय होती है। अतएव आंदोलनकारियों को भी इसे
अहिसात्मक बनाये रखने के लिये और अधिक मशक्कत करनी होगी। खासकर तब जब शासक दल, सरकार और प्रशासन ने उन्हें उकसा कर हिंसा की ओर प्रव्रत्त करने के मंसूबे
बना रखे हैं। अतएव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सभी आंदोलनकारियों से अपील करती है कि
वे किसी भी तरह के उकसाबे में न आयें और आंदोलन को महात्मा गांधी की सीख पर चल कर संपूर्णतः
अहिंसक बनाये रखें। उन्हें समर्थन के नाम पर राजनैतिक रोटियाँ सेक रहे लोगों से भी
सावधान रहना होगा और मनमाने ढंग से दिये जारहे बन्द आदि के नारों का भी परीक्षण करना
होगा।
भाकपा ने दिल्ली की हिंसा में म्रत पुलिस जवान और नागरिकों
की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है और उन्हें न्याय दिलाने को न्यायिक जांच की मांग
की है।
भाकपा आम लोगों से अपील करती है कि वे राजनीति प्रेरित
शक्तियों के उकसावे में न आयें और शान्ति और भाईचारा बनाए रखें।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
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