फ़ॉलोअर
गुरुवार, 23 अप्रैल 2015
at 11:28 am | 0 comments |
किसानो! भागो नहीं, परिस्थितियों का मुकाबला करो: भाकपा
किसानों की लगातार होरहीं आत्महत्याएं और सदमे से मौतें बेहद दुखद: ठोस प्रयासों की जरूरत, राजनीतिक रोटियां न सैंकें पार्टियाँ- भाकपा
लखनऊ- २३ अप्रैल २०१५. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने कल ‘आप’ की रैली के दौरान एक किसान द्वारा की गयी आत्महत्या, प्रतिदिन देश भर में सैकड़ों की तादाद में होरही किसानों की आत्महत्याओं और सदमे से होरही मौतों को अत्यंत दुखद और असहनीय बताया है.
यहाँ जारी एक प्रेस बयान में पार्टी के राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब राजधानी दिल्ली में किसी किसान ने अपनी आपदा से पीड़ित होकर सरेआम अपनी जान दी हो और प्रशासनिक मशीनरी और राजनीतिक लोग तमाशबीन बने रहे हों. आजादी के बाद यह भी पहला अवसर है जब देश के बड़े हिस्से में किसान जानें देरहे हैं और उनकी सदमे से जानें जारही हैं और पूरी की पूरी व्यवस्था उन्हें ढाढस बंधाने में नाकामयाब रही है.
डा.गिरीश ने कहा कि यह वक्त राजनैतिक रोटियां सैंकने का नहीं ठोस प्रयास करने का है. यदि शीघ्र ही समस्या का ठोस समाधान न निकाला गया तो हालात और भी बिगड़ेंगे. अभी तो किसान ही संकट में है, खाद्यान्नों और रोजगार का संकट पैदा होने से अन्य गरीब तबके भी इन्ही हालातों में पहुंचने जारहे हैं.
भाकपा ने किसान भाइयों से अपील की है कि वे धैर्य न छोड़ें और अपने परिवार और देश के हित में अपनी जानों को यूं ही न गवायें. भाकपा उनके सुख दुःख में उनके साथ खड़ी है और साथ खड़ी रहेगी. किसानों की इस व्यापक पीड़ा की ओर सरकार और व्यवस्था का ध्यान खींचने को ही भाकपा ने पूरे देश में १४ मई को किसानों के प्रति एकजुटता आन्दोलन का निर्णय लिया है. उत्तर प्रदेश में यह आन्दोलन ‘रास्ता रोको’ के रूप में होगा.
डा.गिरीश ने भाकपा के समस्त कार्यकर्ताओं और हमदर्दों से अनुरोध किया है कि ग्रामीण जीवन में आई इस महाविपत्ति की घडी में वे अपना हर पल हर क्षण ग्रामीण जनता के बीच बितायें और आमजनों को “भागो नहीं, समस्या का मुकाबला करो” का संदेश दें. साथ ही १४ मई के आन्दोलन के लिए किसानों कामगारों को लामबंद करें.
डा.गिरीश
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
मेरी ब्लॉग सूची
-
CPI Condemns Attack on Kanhaiya Kumar - *The National Secretariat of the Communist Party of India issued the following statement to the Press:* The National Secretariat of Communist Party of I...7 वर्ष पहले
-
No to NEP, Employment for All By C. Adhikesavan - *NEW DELHI:* The students and youth March to Parliament on November 22 has broken the myth of some of the critiques that the Left Parties and their mass or...9 वर्ष पहले
-
रेल किराये में बढोत्तरी आम जनता पर हमला.: भाकपा - लखनऊ- 8 सितंबर, 2016 – भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने रेल मंत्रालय द्वारा कुछ ट्रेनों के किराये को बुकिंग के आधार पर बढाते चले जाने के कदम ...10 वर्ष पहले
Side Feed
Hindi Font Converter
Are you searching for a tool to convert Kruti Font to Mangal Unicode?
Go to the link :
https://sites.google.com/site/technicalhindi/home/converters
Go to the link :
https://sites.google.com/site/technicalhindi/home/converters
लोकप्रिय पोस्ट
-
The National Executive of the Communist Party of India (CPI) has issued the following statements to the press: ON JAMMU & KASHMIR ...
-
# सरकारी स्तर पर धार्मिक क्रियायेँ आयोजित कराने संबंधी मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश के आदेश को तत्काल निरस्त किया जाये # सर्वोच्च न्यायालय के...
-
The Sanghai Express published today : Imphal, April 25 2010: The nation-wide strike being planned by Opposition political parties in protest...
-
CPI Gen. Secy. S. Sudhakar Reddy in Press Conference at Lucknow Lucknow 14th May. "CPI shall work hard for building a program...
-
लखनऊ 23 दिसम्बर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य कौंसिल ने देवयानी खोबरागढ़े प्रकरण को लेकर 26 दिसम्बर को प्रदेश में साम्र...
-
अक्तूबर क्रांति और वर्तमान में उसकी प्रासंगिकता डा. गिरीश कुछ प्रगतिशील और अतिवादी वाम- बुध्दिजीवी कहते हैं कि सोवियत संघ इसलि...
-
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य डा॰ गिरीश का प्रेस बयान- हड़ताली चालकों पर दमन बंद करे सरकार! काले का...
-
वामपंथी दलों ने ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित हड़तालों का समर्थन किया लखनऊ- 1 जुलाई 2020 , उत्तर प्रदेश के वामपंथी दलों- भारतीय कम्युनिस...
-
लखनऊ 6 नवम्बर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने उत्तर प्रदेश शासन के आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-3 की 31 अक्टूबर की उस अधि...
-
नयी दिल्ली, 15 जुलाई 2010ः एक अत्यंत विरल घटना में नौ केन्द्रीय टेªड यूनियन संगठन-जो अलग-अलग विचारधाराओं को मानते हैं - यूपीए-दो सरकार की ऐस...
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें