भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

About The Author

Communist Party of India, U.P. State Council

Get The Latest News

Sign up to receive latest news

फ़ॉलोअर

सोमवार, 9 जनवरी 2012

वामपंथी दलों तथा जनता दल (सेकुलर) की प्रेस वार्ता

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), आल इंडिया फारवर्ड ब्लाक, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी तथा जनता दल (सेक्यूलर) के राज्य नेतृत्व ने 9 जनवरी को लखनऊ में प्रेस वार्ता में निम्नलिखित बयान जारी किया:
    ”उत्तर प्रदेश में विधान सभा के चुनावों की घोषणा हो चुकी है। इस चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), आल इंडिया फारवर्ड ब्लाक, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी तथा जनता दल (सेकुलर) ने मंहगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार आदि के साथ-साथ आम जनता के हित में वैकल्पिक आर्थिक नीतियों को चुनावी मुद्दा बनाने का फैसला किया है।
प्रदेश में चुनाव लड़ रही बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस तथा अन्य पार्टियों के बीच आर्थिक नीतियों पर आम सहमति है। जिनके कारण मंहगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार एवं अपराध सभी बढ़ रहे हैं। वामपंथी वैकल्पिक आर्थिक नीतियां ही आम जनता को राहत दिला सकती हैं, जिसके लिए देश एवं प्रदेश के स्तर पर लगातार ये दल संघर्ष करते रहे हैं।
वामपंथी दल और जनता दल (सेक्यूलर) प्रदेश में साम्प्रदायिक एवं जातिवादी राजनीति करने वाली शक्तियों के खिलाफ लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष एवं वामपंथी राजनीति को जनता के मध्य ले जाने का प्रयास करेंगी और आम जनता के संघर्षों को आगे बढ़ायेंगी।
वामपंथी दल और जनता दल (सेकुलर) ने आपस में तालमेल कर एक दूसरे के खिलाफ न लड़ने का फैसला किया हैं। ये दल आपस में मिल-जुल कर विधान सभा चुनाव लडेंगे तथा एक दूसरे के प्रत्याशियों को सफल बनाने में हर तरह से योगदान करेंगे।“

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी    भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)    आल इंडिया फारवर्ड ब्लाक    रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी    
जनता दल (सेकुलर)
»»  read more

रविवार, 8 जनवरी 2012

प्रेस वार्ता का आमंत्रण

कल सोमवार दिनांक 9 जनवरी 2012 को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, फारवर्ड ब्लाक, आरएसपी तथा जनता दल (सेक्यूलर) का प्रांतीय नेतृत्व भाकपा के राज्य कार्यालय 22, कैसरबाग, लखनऊ पर सायं 3.30 बजे से एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करेगा।
अस्तु आपसे अनुरोध है कि आप अपने छायाकार एवं प्रतिनिधि को प्रेस वार्ता को कवर करने के निर्देश देने का कष्ट कीजिए।

कार्यालय सचिव
»»  read more

शुक्रवार, 6 जनवरी 2012

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भारत निर्वाचन आयोग के सदस्यों से मिला


    लखनऊ 6 जनवरी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज राजभवन में भारत निर्वाचन आयोग के सदस्यों से मिला। प्रतिनिधिमंडल में भाकपा राज्य सचिव डा. गिरीश के अतिरिक्त पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक मिश्र तथा प्रदीप तिवारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने निम्नलिखित मांगों पर एक निम्नलिखित ज्ञापन भारत निर्वाचन आयोग के सदस्यों को सौंपा और तमाम अन्य मुद्दों पर भी आयोग के सदस्यों के साथ वार्ता करने हुए उचित कार्यवाही की मांग की।

    ”
उत्तर प्रदेश विधान सभा के चुनावों की प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है। निर्वाचन आयोग ने धनबल, बाहुबल का दुरूपयोग रोकने के लिए काफी कठोर कदम उठाये हैं। लेकिन अब उन पर सख्ती से अमल की जरूरत है। साथ ही कई प्रक्रियाओं को सरल बनाने की भी जरूरत है। अस्तु हम आपसे अनुरोध कर रहे हैं:
  • चुनाव की घोषणा के बावजूद पूंजीवादी दलों के प्रत्याशी मतदाताओं के बीच कंबल, शराब तथा कई तरह के उपहार बांटने में जुटे हैं। यह काम स्थानीय पुलिस प्रशासन की नजर में है लेकिन इसकी अनदेखी की जा रही है।
  • कई धार्मिक आयोजन एवं अनुष्ठान भी चुनाव प्रचार का साधन बने हैं जिसका खर्च प्रत्याशियों के खर्च में शामिल नहीं हो पा रहा है। इस विषय पर कारगर कदम उठाने की जरूरत है।
  • कई विभागों के अधिकारी बसपा के कैडर की तरह काम कर रहे हैं। सरकार के संरक्षण के चलते वे वर्षों से एक ही स्थान पर अपने पदों पर जमे हैं और शासक दल के लिये धन जुटाने के काम में लगे हैं। इस तरह के अधिकारियों की जांच कराके उन्हें या तो स्थानान्तरित कर दिया जाये या उन्हें चुनावों के दौरान मुख्यालय से अटैच किया जाये।
  • भारत-नेपाल सीमा तथा उत्तर प्रदेश से सटे राज्यों - बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा हरियाणा आदि की सीमाओं से प्रदेश में अवैध धन, शराब एवं हथियारों के आने पर प्रभावी रोक लगाये जाने की व्यवस्था की भी जरूरत है।
  • प्रदेश में चल रही अवैध शराब बनाने की भट्ठियों को तत्काल बन्द कराया जाना चाहिये।
  • चुनाव प्रचार के लिये सभाओं की अनुमति लेने की प्रणाली बेहद जटिल है, जिसे सरल बनाया जाये और आवेदन करने के 24 घंटे के अन्दर अनुमति प्रत्याशी के चुनाव कार्यालय में प्राप्त करा दी जाये।
  • नियमित आय-व्यय देने की प्रक्रिया को इस ढंग से सरल बनाया जाये कि प्रत्याशी को कम से कम समय गंवाना पड़े।
  • आयोग द्वारा राष्ट्रीयकृत बैंकों को निर्देशित किये जाने की जरूरत है कि वे चुनाव प्रचार के लिए प्रत्याशियों द्वारा खोले जाने वाले अस्थाई बचत खातों को खोलने में प्रत्याशियों का सहयोग करें और खाता खोले जाने वाले दिन ही पास बुक एवं चेक बुक जारी करने की व्यवस्था करें।

हमें पूर्ण विश्वास है कि आयोग हमारे सुझावों पर उचित एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए विचार करेगा।“


कार्यालय सचिव
»»  read more
Share |

लोकप्रिय पोस्ट

कुल पेज दृश्य