फ़ॉलोअर
रविवार, 9 जनवरी 2022
at 6:25 pm | 0 comments |
किसानों को राहत
शुक्रवार, 7 जनवरी 2022
at 9:43 pm | 0 comments |
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022
बुधवार, 29 दिसंबर 2021
मंगलवार, 28 दिसंबर 2021
at 6:13 pm | 0 comments |
विधानसभा चुनाव फौरन घोषित हों
at 12:39 pm | 0 comments |
गरीबों और अमीरों के बीच खाई और चौड़ी हुयी 2021 में
शुक्रवार, 24 दिसंबर 2021
at 6:36 pm | 0 comments |
प्रकाशनार्थ
बुधवार, 22 दिसंबर 2021
at 6:22 pm | 0 comments |
प्रकाशनार्थ
रविवार, 28 नवंबर 2021
at 6:38 pm | 0 comments |
TET पेपर लीक के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार: भाकपा
शुक्रवार, 19 नवंबर 2021
at 6:32 pm | 0 comments |
प्रकाशनार्थ
बुधवार, 17 नवंबर 2021
at 8:55 pm | 0 comments |
प्रकाशनार्थ
सोमवार, 15 नवंबर 2021
at 3:56 pm | 0 comments |
उत्तर प्रदेश में जंगलराज
शुक्रवार, 5 नवंबर 2021
at 2:25 pm | 0 comments |
हिंदुत्व का प्रदूषण
गुरुवार, 4 नवंबर 2021
at 5:13 pm | 0 comments |
प्रकाशनार्थ
रविवार, 31 अक्टूबर 2021
at 1:41 pm | 0 comments |
उत्तर प्रदेश के वामदल फिर गर्म
शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2021
at 11:09 am | 0 comments | काला बाजारी, किल्लत, खरीद, खाद, धान, भाकपा भाजपा
खाद दो! धान खरीदो! वरना गद्दी छोड़ दो!
गुरुवार, 21 अक्टूबर 2021
at 6:43 pm | 0 comments |
आगरा में वाल्मीकि युवक हत्याकांड
भाकपा ने
हत्या के आरोप में पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने और
न्यायिक जांच
की मांग की
लखनऊ- 21 अक्तूबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव मंडल ने आगरा में वाल्मीकि
युवक की पुलिस द्वारा हत्या पर गहरा रोष जताते हुये इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है।
पार्टी ने सभी दोषी पुलिसकर्मियों को हत्या के अभियोग में गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार
को रुपए एक करोड़ मुआबजा दिये जाने, पीड़ित परिवार के एक को नौकरी
दिये जाने तथा घटना की जांच सर्वोच्च न्यायालय से कराने की मांग की है।
एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि
उत्तर प्रदेश सरकार हत्या और दमन की सरकार बन कर रह गयी है। हर दिन प्रदेश में किसी
न किसी मजदूर, किसान, दलित, महिला अथवा व्यापारी की हत्या पुलिस या भाजपा पोषित माफियाओं के हाथों होरही
है। ऊपर से प्रधानमंत्री डींगें हांक गए हैं कि यूपी में माफिया माफी मांग रहा है।
सच कहा जाये तो यूपी जंगलराज में तब्दील होचुका है। थाने में हुयी चोरी के सबूत मिटाने
को थाना पुलिस ने यह जघन्य कांड कर डाला। सच तो यह है कि मुख्यमंत्री ने पुलिस को शासन
का बेलगाम गिरोह बना रखा है।
भाकपा राज्य सचिव ने कहाकि पार्टी राज्य केन्द्र ने
भाकपा की जिला आगरा कमेटी को निर्देश दिया है कि पुलिस प्रताड़ना के शिकार वाल्मीकि
परिवार को न्याय दिलाने के लिये हर संभव प्रयास करें।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
सोमवार, 18 अक्टूबर 2021
at 7:19 pm | 0 comments |
उत्तर प्रदेश में बारिश से हुयी भारी तवाही की संपूर्ण भरपाई तत्काल करे राज्य सरकार: भाकपा
शासकों
के पापों की सजा किसानों को क्यों दे रही है कुदरत? कह रहे
हैं पीड़ित किसान
लखनऊ- 18 अक्तूबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार से
मांग की कि उत्तर प्रदेश के तमाम हिस्सों में बे- मौसम वारिश से हुयी भीषण तवाही
का तत्काल संज्ञान ले और फसल, धन और जनहानि की न्यायोचित
भरपाई को शीघ्र कारगर कदम उठाये।
एक प्रेस बयान में भाकपा सचिव मंडल ने कहाकि गत दो
दिनों से लगातार होरही भारी वारिश और बिजली गिरने से प्रदेश में कई दर्जन लोगों और
पशुधन की जानें चली गईं, सैकड़ों मकान ध्वस्त होगये और खरीफ
और रबी की दोनों फसलें बड़े पैमाने पर बर्वाद हुयी हैं। सरकार की नीतियों से पहले
ही आर्थिक रूप से खोखले हुये किसानों की तो मानो कमर ही टूट गयी है, और वे कह रहे हैं कि शासकों के पापों की सजा कुदरत किसानों को क्यों दे
रही है?
खरीफ फसलों में धान तो पूरी तरह नष्ट होगया है। जो
फसल कट गयी वो या तो डूब गयी या बह गयी है, और जो कट नहीं
पायी वो पूरी तरह से बिछ गयी है। अब जल जमाव और कीचड़ के चलते उसकी कटायी संभव नहीं
है। इसी तरह कार्तिकी बाजरा, अरहर उड़द,
मूंग, ग्वाल आदि
खरीफ फसलें भी पूरी तरह विनष्ट होगयीं हैं।
अभी अभी बोयी गयी रबी की फसलों की भी भारी हानि
हुयी है। जो आलू बोये जा चुके हैं वे जमीन के अंदर ही गल जाएंगे और जिनकी बोआई के
लिए खेत तैयार किए गये थे वो अब कई हफ्ते तक बोये नहीं जा सकेंगे। अभी अभी बोयी
गईं सरसों, मटर, पालक, मैथी, मूली, शलजम, धनियाँ और हाल ही
में रोपित टमाटर, बैगन, गोभी आदि की
फसलें भी नष्ट हो चुकी हैं।
हालात ये हैं कि इन दोनों फसलों में किसानों ने जो
भारी लागत लगाई वो भी डूब चुकी है। उत्तर प्रदेश के अधिकतर किसानों के सामने अगली
फसल की बोआई और जीवन- यापन का संकट आ खड़ा हुआ है। वारिश के अभी कई दिनों जारी रहने
की संभावना व्यथित करने वाली है। अप्रत्याशित बिजली कटौती से किसान पहले ही परेशान
हैं।
भाकपा ने सरकार से कहा कि वह किसानो, मुसलमानों और विपक्ष के खिलाफ चलाये जा रहे अपने झूठे प्रचार की तंद्रा
से बाहर आए और धन, जन और फसल हानि की संपूर्ण भरपायी तत्काल
करे।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने सफल रेल रोको आंदोलन, जिसको कि भाकपा ने समर्थन प्रदान किया था, के लिये
सभी किसान संगठनों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि वारिश से बरवादी की तत्काल भरपायी
को भी किसान संगठन प्रमुख मुद्दा बनायेंगे।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2021
at 6:47 pm | 0 comments |
पुतला दहन की आड़ में भाकपा कार्यकर्त्ताओं की अवैध गिरफ्तारी की निन्दा: तत्काल रिहा हों सभी कार्यकर्ता
लखनऊ- 15 अक्तूबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने आज उत्तर प्रदेश में बिना
किसी अभियोग अथवा वारंट के भाकपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की अवैध गिरफ्तारी और लोकतान्त्रिक
गतिविधियों को पुलिस के बल पर बाधित करने की कड़े शब्दों में निन्दा की है। भाकपा ने
सभी की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की है।
ज्ञात हो कि लखीमपुर किसान संहार में न्याय हासिल करने
और केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री की बर्खास्तगी को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने कई कार्यक्रमों
की घोषणा की है। आज प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पुतले दहन किये जाने थे। भाकपा
ने इन आंदोलनों को नैतिक समर्थन प्रदान किया है।
पुतले दहन से घबराई पुलिस ने कल रात से ही कई भाकपा
नेताओं और कार्यकर्ताओं को बिना कोई कारण बताये अथवा बिना वारंट दिखाये घरों से उठाकर
थानों में निरुध्द कर दिया। पार्टी कार्यालयों अथवा पुतला दहन के संभावित क्षेत्रों
को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। लेकिन फिर भी तमाम जगह पुतले जलाये गये और प्रदर्शन
कर ज्ञापन दिये गये। भाकपा ने यदि भौतिक समर्थन दिया होता तो यह कार्यवाही और भी जबर्दस्त
होती।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने आरोप लगाया कि केन्द्र
और राज्य सरकार अपने गुंडों और पुलिस प्रशासन के जरिये किसानों, व्यापारियों और गरीब तबकों की हत्यायेँ करा रही है,
वहीं विरोध प्रदर्शन के लिये पुतला दहन जैसी लोकतान्त्रिक गतिविधियों को पुलिस के बल
पर रौंद रही है। यही भाजपा जब विपक्ष में थी तो प्रधानमंत्रियों और मुख्यमंत्रियों
का पुतला जलाना इसका सबसे प्रिय शौक था। भाकपा भाजपा के इस दोगलेपन और निरंकुशता की
कड़े शब्दों में निन्दा करती है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
गुरुवार, 7 अक्टूबर 2021
at 11:38 am | 0 comments |
भाकपा प्रतिनिधिमंडल का लखीमपुर एवं बहराइच जनपदों का दौरा कल दिनांक- 8 अक्तूबर को
शहीद किसान और पत्रकार परिवारों का दुख दर्द साझा करेंगे भाकपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं राज्य सचिव डा॰ गिरीश एवं अन्य नेतागण
लखनऊ/ नई दिल्ली- 7 अक्तूबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी
के सदस्य एवं उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव डा॰
गिरीश के नेत्रत्व में कल दिनांक- 8 अक्तूबर 2021 को लखीमपुर एवं बहराइच जायेगा।
प्रतिनिधिमंडल केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री और उनके बेटे
के हमले में शहीद किसानों और पत्रकार परिवारों से भेंट कर उनका दुख दर्द बांटेगा तथा
घटनास्थल का निरीक्षण करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में डा॰ गिरीश के अतिरिक्त पार्टी की
राज्य कार्यकारिणी के सदस्य का॰ राजेश तिवारी, राज्य काउंसिल सदस्य
का॰ रघुराज सिंह, हरपाल सिंह भोजवाल, मो॰
सलीम, विजय त्रिवेदी, अखिल भारतीय नौजवान
सभा के राज्य अध्यक्ष विनय पाठक, किसान नेता गंगासिंह सहित अन्य
कई नेता शामिल रहेंगे।
गुरुवार, 30 सितंबर 2021
at 4:57 pm | 0 comments |
मनीष गुप्ता की मौत की ज़िम्मेदारी मुख्यमंत्री लें : त्यागपत्र दें- भाकपा
लखनऊ- 30 सितंबर 2021,
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव मंडल ने गोरखपुर पुलिस द्वारा
कानपुर के व्यवसायी मनीष गुप्ता की पीट पीट कर की गयी हत्या पर गहरी पीड़ा जतायी है।
मुख्यमंत्री के ठोक दो मिशन को अंजाम देते हुये उत्तर प्रदेश में पुलिस हर रोज निर्दोष
लोगों की हत्या कर रही है। मनीष की हत्या उसी मिशन का हिस्सा है,
भाकपा ने खुला आरोप लगाया है।
गनीमत है कि मनीष अल्पसंख्यक
समुदाय से नहीं हैं और न उनका आपराधिक रिकार्ड है। यदि ऐसा होता तो योगी पुलिस उन्हें
आतंकवादी बता कर अथवा जघन्य अपराधी बताकर वाहवाही लूटने से बाज नहीं आती।
भाकपा ने कहा कि हो सकता है
कि राज्य सरकार अपने कुप्रयासों से इस मामले को भी उसी तरह दफना दे जैसा कि उसने लखनऊ
पुलिस द्वारा एक कारपोरेट कर्मचारी की गोली मार कर की गयी हत्या के मामले को ठंडा कर
दिया। लेकिन आज उत्तर प्रदेश का एक एक नागरिक खौफजदा है,
और ऐसा खौफनाक कांड किसी के भी साथ, कभी भी और कहीं भी हो सकता है।
भाकपा ने कहा कि पूर्व के गैर
भाजपा मुख्यमंत्रियों से छोटी छोटी बातों पर त्यागपत्र मांगने वाली भाजपा आज एक से
एक संगीन मामले घटित होने के बावजूद ध्रतराष्ट्र बनी हुयी है। भाकपा ने मुख्यमंत्री
से मांग की है कि हत्या की ज़िम्मेदारी लेते हुये वे तत्काल त्यागपत्र दें। उन्होने
सभी विपक्षी दलों से कहा कि अब वक्त आ चुका है जब समस्त विपक्ष को उनसे फौरन स्तीफ़ा
मांगना चाहिए।
भाकपा ने कहा कि झूठी मक्कार
और हत्यारी इस सरकार और उसके मातहत मशीनरी से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। अतएव
हत्या की जांच उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायाधीश के द्वारा करानी चाहिए। गोरखपुर के
एसएसपी सहित सभी जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर हत्या का मुकदमा दर्ज किया
जाना चाहिए। मुआबजे, नौकरी और पीड़ित परिवार की अन्य मांगों को तत्काल पूरा
किया जाना चाहिए।
डा॰ गिरीश,
राज्य सचिव
भाकपा,
उत्तर प्रदेश
सोमवार, 27 सितंबर 2021
at 5:55 pm | 0 comments |
CPI on Bharat Band
अभूतपूर्व
रहा किसानों- कामगारों का भारत बन्द
भाकपा ने
सभी बन्द समर्थकों को दिली मुबारकबाद दी
सरकार को
चेताया कि वह दीवार पर लिखी इबारत को समझे वरना नतीजे भुगतने को तैयार रहे
लखनऊ- 27 सितंबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने दावा किया कि भाजपा और उसकी
सरकारों द्वारा खड़े किये गये तमाम अवरोधों के बावजूद आज भारत बन्द और उत्तर प्रदेश
बन्द पूरी तरह सफल रहा। मुख्यतः यह किसानों कामगारों का बन्द था और उन्होने अपना काम
पूरी तरह बन्द रखा। उनकी अपील पर तमाम बाजार, स्कूल, वाहन, कचहरियाँ आदि भी बन्द रहे। किसान संगठनों के आह्वान
पर इन दस माहों में हुयी जन कार्यवाहियों में आज की कार्यवाही बहुत बड़ी थी। भाकपा ने
बन्द में भाग लेने वाले और बन्द समर्थकों सभी को बधाई दी है।
उत्तर प्रदेश में तानाशाह योगी सरकार ने गत रात से ही
किसान नेताओं, भाकपा एवं वामपंथी नेताओं की गिरफ्तारी शुरू कर
दी थी। अनेकों नेताओं को घरों में बन्द कर दिया। विरोध प्रदर्शनों की राह में रोड़े
खड़े किये और अनेक जगह प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। बावजूद इसके बन्द पूरी
तरह कामयाब रहा।
भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि विभिन्न किसान
यूनियनों और वाम किसान संगठनों ने बन्द को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यद्यपि तमाम दलों ने बन्द के समर्थन का ऐलान किया था लेकिन उत्तर प्रदेश में सड़कों
पर भाकपा और वामपंथी दलों के समूह अधिक दिखे। लाल झंडों का इतना बड़ा सैलाव देश प्रदेश
में कई वर्ष बाद देखने को मिला।
भाकपा ने कहाकि भाजपा सरकार दीवार पर लिखी खुली इबारत
को समझे और तीनों काले क्रषी क़ानूनों की वापसी, एमएसपी कानून बनाने, विद्युत बिल 2020 को रद्द करने, सार्वजनिक क्षेत्र को
बेचे जाने से बाज आने व रोजगार देने, महंगाई को नीचे लाने और
विभाजन तथा तानाशाही की राजनीति बन्द करने की तत्काल घोषणा करे। वरना पीड़ित जनता की
आंधी में उसका तंबू ध्वस्त हो जायेगा।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
रविवार, 26 सितंबर 2021
at 7:06 pm | 0 comments |
CPI on Cabinet expension of UP
भाजपा के भय, भ्रम और बदहवाशी को
दर्शाता है आचार संहिता की पूर्ववेला में किया गया उत्तर प्रदेश का मंत्रिमंडल विस्तार:
डा॰ गिरीश
लखनऊ- 26 सितंबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव
मंडल ने कहा कि जब विधान सभा चुनाव के मात्र 5 माह बचे हैं, उत्तर
प्रदेश मंत्रिमंडल के विस्तार से भाजपा के भय, भ्रम और बदहवाशी
सामने आगये हैं। नये मंत्रियों में से कई तो विधान मंडल के सदस्य तक नहीं और उनके विधान
मंडल पहुंचने से पहले ही यह सरकार समाधिस्थ हो जाएगी। कुछ दिन के बाद आचार संहिता लग
जायेगी और माननीय मंत्रीगण निठल्ले बैठ कर जनता के धन से वेतन भत्ते पायेंगे और इनके
बल पर भाजपा का प्रचार करेंगे।
यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव डा॰ गिरीश
ने कहा कि साधे गये जातीय समीकरणों से साबित होगया है कि भाजपा सरकार का विकास का दावा
पूरी तरह खोखला है। झूठ और झूठे प्रचारतंत्र से गड़े गये विकास के दावों में जरा भी
दम होता तो भाजपा को इस नंगेपन से जातियों की शरण में न जाना पड़ता। यह इस बात का भी
सूचक है कि भाजपा के सहयोगी दल उसे छोड़ चुके हैं और केवल दो दल ही उसके साथ हैं। इसीलिए
भाजपा बसपा मार्का अंतर्पार्टी जातीय गठजोड़ में जुटी है।
ऐसे समय में जब महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी सारे रिकार्ड तोड़ चुके हैं, किसानों- कामगारों से पाकिस्तानी नागरिकों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, कानून व्यवस्था औंधे मुंह पड़ी है और महिलाओं, दलितों
और अल्पसंख्यकों को बड़े पैमाने पर जुल्मों का शिकार बनाया जा रहा है; वोटों का गणित बैठाने को भाजपा अब सांप्रदायिक विभाजन के साथ ही जातीय विभाजन
के भरोसे है। लेकिन चुनाव से चंद माह पहले हुआ यह विस्तार भाजपा के खोखलेपन की पोल
खोलने वाला है और जनता इसे भलीभाँति समझती है।
सच कहा जाये तो यह विस्तार भाजपा के लिये विपरीत परिणाम
देने वाला साबित होगा।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा , उत्तर प्रदेश
शुक्रवार, 24 सितंबर 2021
at 6:18 pm | 0 comments |
Cast Census
जातिगत जनगणना
से मुकरने से भाजपा सरकार का असली चेहरा सामने आया
भाकपा ने 2021 की जनगणना में जाति को शामिल करने
की मांग को पुनः दोहराया
लखनऊ- 24 सितंबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कहाकि कठिन और बोझिल प्रक्रिया बता कर जातिगत
जनगणना को टालने के निर्णय से भाजपा की केन्द्र सरकार का असली चेहरा सामने आगया है।
ज्ञात हो कि सर्वोच्च न्यायालय को केन्द्र सरकार ने सूचित किया है कि 2011 की जनगणना
में जाति को जोड़ने को लेकर अनेक कठिनाइयां आयी थीं, अतएव जातिगत
जनगणना न कराये जाने का नीतिगत निर्णय लिया गया है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव मंडल
ने अपनी इस मांग को जोरदार शब्दों में दोहराया कि 2021 की जनगणना में जाति को शामिल
किया जाये। इससे सामाजिक संरचना पर पड़े रहस्य के पर्दे हटेंगे और अवसरों के न्यायपूर्ण
वितरण के आधार मजबूत होंगे।
भाकपा राज्य सचिव मंडल ने कहा कि अपने कारपोरेटपरस्त, तानाशाह और सांप्रदायिक एजेंडे को लागू करने और सत्ता शिखर तक पहुँचने को
भाजपा और उसकी सरकार जिन जातियों को ईंधन की तरह इस्तेमाल करती है, उन्हीं को न्याय से वंचित रखने में उसे जरा भी गुरेज नहीं होता। वह धड़ल्ले
से जाति को जनगणना में शामिल करने के सवाल से भाग रही है। भाकपा इसे बर्दाश्त नहीं
करेगी और उसके कार्यकर्ता इस सवाल को जनता के बीच ले जायेंगे।
भाकपा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विपक्षी पार्टियों
को इस सवाल पर एकजुट हो आवाज उठानी चाहिये और भाजपा सरकार को अपने इस तुगलकी फैसले
को वापस लेने को बाध्य करना चाहिये।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
at 2:02 pm | 0 comments |
बटाईदारों से फसल न खरीदने का फैसला किसान विरोधी: तत्काल वापस ले केन्द्र सरकार - भाकपा
लखनऊ- 24 सितंबर 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव
मंडल ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह शासन प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को
रोकने के बजाये, हर तरह से किसानों को बरवाद करने पर आमादा है।
बटाईदार किसानों से धान और गेहूं की सरकारी खरीद न किये जाने का तुगलकी फैसला किसानों
की रही सही कमर भी तोड़ देगा।
राज्य सरकार राशन प्रणाली में धांधली रोकने और एमएसपी
खरीद में पारदर्शिता स्थापित करने में असफल रही है। अपनी इस असफलता का ठीकरा बटाईदार
किसानों पर फोड़ना चाहती है। इसीलिए उसने ऐसा फैसला लिया है।
भाकपा ने कहा कि आज तमाम
छोटी जोतों वाले किसान अपनी ज़मीनें बटायी या वार्षिक पट्टे पर देकर शहरों में नौकरियाँ
करने चले जाते हैं। कई अशक्त, बुजुर्ग और महिला किसान भी अपनी ज़मीनें बटाईदार किसानों
को देकर खेती करवाते हैं। अब सरकार के नए फैसले के अनुसार ये किसान सरकारी खरीद केन्द्रों
पर धान/ गेहूं नहीं बेच पाएंगे और उन्हें बाज़ारों में बेच कर भारी घाटा उठाएंगे। और
आगे से वे बटायी पर खेती कर नहीं पाएंगे तो हजारों किसानों की ज़मीनों पर खेती हो नहीं
पायेगी। और ज़मीनें खाली रहने पर किसान उसे बेचने को बाध्य होंगे। सरकार ऐसा ही चाहती
है।
भाकपा ने कहाकि पहले तीन काले क्रषी कानून व विद्युत
बिल 2020 लाकर सरकार ने किसानों की ज़मीनें कार्पोरेट्स के हवाले कराने का रास्ता खोल
दिया है। अभी तक एमएसपी की गारंटी वाला कानून तक नहीं बनाया। गन्ना मूल्य घोषित नहीं
किया, और अब एमएसपी पर उपज न खरीदने का रास्ता भी खोज लिया। निश्चय ही यह कदम घनघोर
किसान क्रषी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए घातक है। भाकपा इस पर कडा विरोध जताती
है, और इसको रद्द करने की मांग करती है।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
गुरुवार, 9 सितंबर 2021
at 2:28 pm | 0 comments |
किसानों के साथ छलावा है केन्द्र सरकार द्वारा घोषित एमएसपी : भाकपा
लखनऊ- 9 सितंबर 2021, भारतीय
कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव मंडल ने कल केन्द्र
सरकार द्वारा गन्ने और रबी फसलों के
समर्थन मूल्य में अति अल्प व्रध्दी को किसानों के साथ छलावा और उन्हें पूरी तरह
बरवाद करने वाला कदम बताया है। किसान तो एमएसपी की गारंटी करने वाला कानून मांग
रहे थे, गारंटी तो दूर सरकार ने एमएसपी निर्धारण में ही धोखा
कर दिया, भाकपा ने आरोप लगाया है।
किसानों की आमदनी दो गुना करने का दावा करने वाली
सरकार ने गन्ने के मूल्य में मात्र 1. 75 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर इसे 285 से 290
रुपये कुंतल किया है। गेहूं की कीमत 1975 से बढ़ा कर 2015 रूपये कर मात्र 2 प्रतिशत
की व्रध्दी की है। इसी तरह अन्य जिंसों की कीमतों में मामूली बढ़ोत्तरी की है। यह
महंगाई की मार से देवलियापन की स्थिति तक पहुंचे किसानों के जले पर नमक छिड़कना
जैसा है।
सरकार ने दावा किया हुआ है कि उसने स्वामीनाथन
कमेटी की रिपोर्ट को लागू कर दिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार किसानों की जुताई, सिंचाई खाद, बीज, बिजली, कीटनाशक आदि की लागत+ उसका श्रम और देखरेख का खर्च+ उगायी गयी फसल वाली
जमीन का किराया जोड़ कर एमएसपी निर्धारित किया जाना चाहिए। लेकिन सरकार ने इस बीच
डीजल पेट्रोल बिजली के दाम आसमान पर पहुंचा दिये, खाद, कीटनाशक, ट्रैक्टर और अन्य क्रषी उपकरणों के दामों
में भारी बढ़ोत्तरी कर दी, अब प्रमुख फसलों पर मात्र 2
प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर एमएसपी को बेमानी बना दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेत्रत्व वाली मूल्य निर्धारण
संबंधी समिति के इस निष्कर्ष कि गेहूं की लागत 1008 रुपये कुंतल आती है को चुनौती
देते हुये भाकपा ने कहा कि या तो सरकार इस आंकड़े को साबित करके दिखाये, नहीं तो स्वामीनाथन समिति के फार्मूले पर संशोधित मूल्य घोषित करे। लागत
में अगली मार्च तक होने वाली संभावित बढ़ोत्तरियों को भी जोड़ा जाना चाहिये।
भाकपा ने कहाकि सरकार किसानो की जरूरत की जिंसो को
महंगा बना कर औसत किसान की जेब से साल में कम से कम 50 हजार रूपये निकलवा रही है
और उनमें से कुछ को 6 हजार सालाना की खैरात देकर शेष को ठेंगा दिखा रही है।
किसानों की माली हालत बेहद जर्जर हो चुकी है और खेती में निरंतर घाटे के चलते वे
परिवार का भरण पोषण और इलाज पढ़ाई तक देने में असमर्थ होगये हैं। उनमें से अनेक
आत्महत्यायें कर रहे हैं अथवा पलायन को मजबूर हैं। वे खेतिहर मजदूरों को अपरिहार्य
वेतन नहीं दे पारहे अतएव खेत मजदूर भी लगातार पलायन कर रहे हैं और गाँव उजाड़ होते
चले जारहे हैं।
भाकपा ने कहाकि लगता है देश भर में चल रहे ऐतिहासिक
किसान आंदोलन से सरकार ने कोई सबक नहीं लिया और किसानों की परेशानी बढ़ाने वाला
असरहीन एमएसपी घोषित कर दिया। इस धोखाधड़ी से किसानों में और भी गुस्सा बढ़ेगा और
किसान आंदोलन और व्यापक होगा।
डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
भाकपा, उत्तर प्रदेश
मेरी ब्लॉग सूची
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CPI Condemns Attack on Kanhaiya Kumar - *The National Secretariat of the Communist Party of India issued the following statement to the Press:* The National Secretariat of Communist Party of I...7 वर्ष पहले
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No to NEP, Employment for All By C. Adhikesavan - *NEW DELHI:* The students and youth March to Parliament on November 22 has broken the myth of some of the critiques that the Left Parties and their mass or...9 वर्ष पहले
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रेल किराये में बढोत्तरी आम जनता पर हमला.: भाकपा - लखनऊ- 8 सितंबर, 2016 – भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने रेल मंत्रालय द्वारा कुछ ट्रेनों के किराये को बुकिंग के आधार पर बढाते चले जाने के कदम ...9 वर्ष पहले
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List of Left parties candidates in Delhi Assembly election 2015 Communist Party Of India (CPI) Timarpur Snjeev Kum...
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New Delhi : Communist Party of India(CPI) on August 20,2013 squarely blamed the Prime Minister and the F...
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मई दिवस के बारे में बहुत कुछ लिखा जा चुका है, फिर भी कुछ ऐसे पहलू हैं जो अज्ञात है। कुछ भ्रांतियों का स्पष्टीकरण और इस विषय पर भारत तथा विश्...
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लखनऊ- ९ जनबरी २०१५ : भारत के अंदरूनी मामलों में अमेरिका की दखलंदाजी, भारत के खिलाफ पाकिस्तानी आतंकवाद को अमेरिका द्वारा अप्रत्यक्ष समर्थन द...
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य डा॰ गिरीश का प्रेस बयान- हड़ताली चालकों पर दमन बंद करे सरकार! काले का...
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लखनऊ- २८ जनबरी, २०१५. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार जन समस्याओं और जन आन्दोलनों की अनद...
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Kolkata, April 17 - Mayor Bikash Bhattacharya opted out of the fray as West Bengal's ruling Left Front Saturday released its list of can...
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अखनूर बस हादसे के लिये उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह जिम्मेदार: डा॰ गिरीश भाकपा नेता ने म्रतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की , घायलों क...
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श्रम की लूट सब से खतरनाक नहीं होती पुलिस की मार सब से खतरनाक नहीं होती गद्दारी-लोभ की मुट्ठी सब से खतरनाक नहीं होती बैठे-सोये पकड़े जाना - ब...
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य कार्यकारिणी की बैठक दिनांक १० अक्टूबर २००९ को लखनऊ में राज्य कार्यालय पर होगी जिसमें रास्ट्री...