भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रकाशन पार्टी जीवन पाक्षिक वार्षिक मूल्य : 70 रुपये; त्रैवार्षिक : 200 रुपये; आजीवन 1200 रुपये पार्टी के सभी सदस्यों, शुभचिंतको से अनुरोध है कि पार्टी जीवन का सदस्य अवश्य बने संपादक: डॉक्टर गिरीश; कार्यकारी संपादक: प्रदीप तिवारी

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सोमवार, 26 जुलाई 2010

5 जुलाई 2010 की अखिल भारतीय हड़ताल - हड़ताल जर्बदस्त सफल! आगे क्या?

देश का आम आदमी बेहद गुस्से में है; मनमोहन सिंह सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता स्वीकार नहीं करती। देश के आम लोगों का यह गुस्सा और यूपीए-दो सरकार के प्रति उनका मोहभंग 5 जुलाई 2010 की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के रूप में सामने आया। यह राष्ट्रव्यापी हड़ताल जबर्दस्त सफल हुई और वस्तुतः भारत बंद बन गयी।अति प्रतीक्षित उच्चाधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह ने न केवल पेट्रोल, डीजल, किरोसिन और रसोई गैस के मूल्य बढ़ाने की घोषणा की बल्कि पेट्रोल और डीजल...
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जब शहीद सोने जाते हैं

जब शहीद सोने जाते हैंतो मैं रुदालियों1 से उन्हें बचाने के लिए जाग जाता हूँ।मैं उनसे कहता हूँ रू मुझे उम्मीद है तुम बादलों और वृक्षोंमरीचिका और पानी के वतन में उठ बैठोगे।मैं उन्हें सनसनीखेज वारदात और कत्लोगारत की बेशी-कीमत2,से बच निकलने पर बधाई देता हूँ।मैं समय चुरा लेता हूँताकि वे मुझे समय से बचा सकें।क्या हम सभी शहीद हैं ?मैं ज़बान दबाकर कहता हूँ:धोबीघाट के लिए दीवार छोड़ दो गाने के लिए एक रात छोड़ दो।मैं तुम्हारें नामों को जहाँ...
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ऐसे समय में भी

एक ऐसे समय मेंजब मुसलमान शब्दआतंक का पर्याय हो गया हैमैं ख़ुश हूँकि मेरे शहर में रहते हैंबादशाह हुसेन रिज़वीजो इंसान हैं उसी तरहजिस तरह होता हैकोई भी बेहतर इंसानपक्षी उनकी छत से उड़करबैठते हैं हिन्दुओं की छत परऔर उनके पंजों में बारूद नहीं होताउनके घर को छूकरनहीं होती जहरीली हवाउसी तरह खिलते हैं उनके गमलों में फूलजैसे किसी के भीउनका हृदय हातिमताई हैजिसमें है हर दुःखी के लिएसांत्वना के शब्दसच्चे आँसू/और बहुत सारा वक़्तहालांकि इतने...
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